Apr ०७, २०१८ ०९:४० Asia/Kolkata

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई नए हिजरी शम्सी के पहले दिन हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पवित्र रौजे में मौजूद लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे और अपने महत्वपूर्ण और रणनैतिक भाषण में पिछले चालीस वर्षों के दौरान इस्लामी क्रांति की सफलताओं और मज़बूती तथा क्षेत्र में अमरीकी साज़िशों को विफल बनाने की ओर संकेत किया।

उन्होंने यह भी बयान किया कि नए वर्ष का नारा ईरानी उत्पादों का समर्थन क्यों रखा और इसको किस प्रकार व्यवहारिक बनाया जा सकता है। अतीत की भांति इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस साल का आरंभ भी हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की ज़ियारत और उनकी सहायता से आरंभ किया। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण के आरंभ में जनता के विशाल समूह को सबसे पहले हज़रत इमाम अली नक़ी अलैहिस्सलाम की शहादत पर संवेदना प्रकट करते हुए ईरानी नववर्ष की बधाई पेश की और आशा व्यक्त की कि ईरानी नववर्ष इस बार इमाम अली नक़ी अलैहिस्सलाम की शहादत के दिन पड़ा है और यह ईरान राष्ट्र के अधिक ईश्वरीय मार्ग दर्शन की भूमिका का कारण बनेगा।

वरिष्ठ नेता ने अपने बयान के आरंभ में नारों, मूल्यों और मौलिक सिद्धांतों के बारे में ईरान के चालीस वर्षीय कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण दिया। वरिष्ठ नेता ने अपने बयान में अधिकारियों के क्रियाकलापों और उनके कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इस संबंध में इस्लामी क्रांति के मूल्यों और सिद्धांतों की रक्षा तथा क्रांति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी बल दिया। वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरानी राष्ट्र ने इस संबंध में परीक्षा का भलिभांति सामना किया और उसी आरंभिक मज़बूती और प्रफुल्लता से अब तक इस्लामी क्रांति के नारों की रक्षा करने में सफल रहा। वरिष्ठ नेता ने स्वाधीनता, स्वतंत्रता, लोकतंत्र, आत्म विश्वास, राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता, न्याय और इस्लामी नियमों और सिद्धांतों को व्यवहारिक बनाने को इस्लामी क्रांति के मूल सिद्धांत क़रार दिए।  उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के बारे में जो वास्तव में ईरानी राष्ट्र की 200 वर्षीय विदेशी वर्चस्व पर प्रतिक्रिया रही है, कहना चाहिए कि देश वास्तविक स्वाधीनता से संपन्न है और आज कोई भी देश ईरान जितना स्वाधीन नहीं है और दुनिया का एक मात्र राष्ट्र जिसके दृष्टिकोण किसी भी शक्ति से प्रभावित नहीं होते वह महान ईरानी राष्ट्र है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने स्वतंत्रता को इस्लामी क्रांति के एक मुख्य नारे के रूप में पेश किया और कहा कि कुछ अन्यायी लोग स्वतंत्रता का दुरुपयोग करके कहते हैं कि देश स्वतंत्र नहीं है और विदेशी भी अपने प्रोपेगैंडों में इसको बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं जबकि देश में वैचारिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और चुनाव की स्वतंत्रता पायी जाती है। उन्होंने कहा कि आज इस्लामी गणतंत्र ईरान में कोई भी भी विचार और दृष्टिकोण के लेहाज़ से सरकार विरोधी होने के कारण किसी भी प्रकार के दबाव या परेशानी में नहीं है, इन कार्यों को महत्व ही नहीं दिया जाता किन्तु दुनिया के दूसरे क्षेत्रों की भांति, ईरान में स्वतंत्रता का दायरा है और यह दायरा इस्लामी नियमों बना संविधान ही हैं।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने लोकतंत्र को इस्लामी व्यवस्था का एक मूल सिद्धांत क़रार दिया और कहा कि पिछले चालीस वर्षों के दौरान , लगभग हर साल या दो साल में चुनाव आयोजित होते हैं और जनता स्वतंत्रतापूर्वक और पूरे उत्साह के साथ चुनावों में भाग लेती है और इसके परिणाम स्वरूप हालिया चार दशकों के दौरान विभिन्न राजनैतिक रूझान रखने वाली सरकार सत्ता में आईं। उन्होंने राष्ट्रीय आत्म विश्वास और आत्म निर्भरता को इस्लामी क्रांति का व्यवहारिक होने वाला एक नारा बताया और सरकारी कर्मियों और अधिकारियों के क्रियाकलापों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ नेता इस संबंध में कहते हैं कि पिछले चालीस वर्षों के दौरान, सुरक्षा और शांति की स्थापना, विज्ञान और तकनीक, आधारभूत ढांचों के प्रबंधन, इसी प्रकार संपर्क मार्गों के निर्माण, बांध, बिजली घर और बंदरगाहों के निर्माण में तथा ग़ैर पेट्रोलियम पदार्थों के निर्यात, सकल घरेलू उत्पाद तथा सामाजिक विकास के बारे में अधिकारियों के क्रियाकलाप अच्छे रहे हैं और प्रसन्नतादायक आंकड़े पाये जाते हैं किन्तु दुश्मन अपने प्रोपेगैंडों द्वारा इन प्रयासों को छिपाने के प्रयास में हैं ताकि जनता के दिलों को क्रांति और व्यवस्था की ओर से खट्टा कर सकें।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण में ईरान के विकास के लिए मानवीय और प्राकृतिक संसाधनों और क्षमताओं के प्रयोग की ओर संकेत करते हुए शिक्षित और प्रयत्नशील युवाओं को वैज्ञानिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक और प्रशिक्षण के मैदानों में देश की महत्वपूर्ण क्षमता बताया और कहा कि खेद की बात यह है कि इन युवाओं से सही ढंग से लाभ नहीं उठाया गया और न ही उठाया जा रहा है और यही कारण है कि मैं इस बात पर बल देता हूं कि युवा जहां भी संभव हो काम शुरु करें। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने जनसंख्या लहर को ईरान के लिए दूसरी महत्वपूर्ण संभावना क़रार दिया और देश की जनसंख्या में वृद्धि के विरोधियों की आलोचना करते हुए कहा कि निश्चित रूप से देश में जनसंख्या बढ़ाने की नीति पर काम होना चाहिए और इसको आगे बढ़ाना चाहिए।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण में क्षमताओं के पूर्ण रूप से प्रयोग में उत्पन्न रुकावटों के कारण बयान करते हुए कहा कि देश की क्षमताओं को विभिन्न सरकार के कालों में कुछ अधिकारियों द्वारा महत्व न दिया जाना या विश्वास न होना, सबसे बड़ी रुकावट है। उन्होंने उद्योग और नयी तकनीक के क्षेत्र में युवाओं की आश्चर्यजनक प्रगतियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अधिकारियों को चाहिए कि वह युवाओं की क्षमताओं और उनकी शक्ति पर विश्वास करें और युवा भी काम को पहल के साथ और बिना थके हुए आगे बढ़ाएं और कुछ लोगों द्वारा हौसले पस्त किए जाने से न घबराएं। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरान के बारे में विश्व बैंक की ओर से जारी किये गये कुछ आंकड़े पेश करते हुए, ईरान में क्रांति की सफलता के बाद होने वाली प्रगति का उल्लेख किया और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में देश में किये गये कामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने बेहद दबाव के बावजूद सामाजिक न्याय स्थापना के क्षेत्र में बड़े काम किये हैं और अच्छी तरक़्क़ी है लेकिन हमें जिस की आशा है वह वर्तमान स्थिति से अधिक है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण में साल के नये नारे “ ईरानी उत्पादों का समर्थन” को व्यवहारिक बनाने के मार्गों पर प्रकाश डाला। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने नये हिजरी शम्सी साल के आरंभ और ईदे नौरोज़ के अवसर पर अपने संदेश में नये ईरानी साल को “ईरानी उत्पादों के समर्थन” का साल क़रार दिया। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पिछले वर्ष घरेलू उत्पादन और उद्योग में भी काम हुआ जो अच्छा है किन्तु इस मैदान में और अधिक काम करने की आवश्यकता है ताकि पिछले वर्ष का नारा व्यवहारिक हो सके। वरिष्ठ नेता ने नौरोज़ के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि नए हिजरी शम्सी साल के संबंध में मैं यह कहना चाहूंगा कि इस साल में सबको पूरी मेहनत और लगन से काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान मैं आम तौर पर अधिकारियों को संबोधित करता था किन्तु इस बार अधिकारियों और जनता सबको मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम करना होगा और राष्ट्रीय उत्पादन के क्षेत्र में विशेषरूप से अपना ध्यान केन्दित करना होगा और इसी स्थिति में हर तरह की समस्याएं हल होंगी।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने नये हिजरी शम्सी साल के आरंभ के अवसर पर देश भर से आए लाखों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं से अपने वार्षिक भाषण में कहा कि ईरान में इस्लामी व्यवस्था स्थापित है जिसे जनता ने साम्राज्यवादियों और तानाशाही व्यवस्था को समाप्त करके स्थापित किया है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान ने विदेशी दबाव और समस्याओं के बावजूद न्याय दिलाने में बहुत बड़ी सेवाएं अंजाम दी और इस क्षेत्र में अच्छा विकास हुआ। क्षेत्र की स्थिति की ओर संकेत करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान ने क्षेत्र में अमरीकी योजनाओं को विफल बना दिया।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमरीका की साज़िश यह थी कि दाइश जैसे अतिवादियों, अत्याचारियों और पाश्विक आतंकवादी गुटों को अस्तित्व में लाकर क्षेत्र के राष्ट्रों का ध्यान अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन की ओर से हटाया जाए और आंतरिक झगड़ों में उन्हें उलझाया जाए किन्तु ईरान ने इस षड्यंत्र को विफल बना दिया।

आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने दाइश के दमन में अमरीकी भूमिका के बारे में वाशिंग्टन के दावों को झूट का पुलिंदा क़रार देते हुए कहा कि अमरीका चाहता था कि दाइश और इस जैसे आतंकवादी गुट बाक़ी रहें किन्तु उसकी मुट्ठी में रहें। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने क्षेत्र में ईरान की भूमिका की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान ने जो कुछ भी किया वह क्षेत्रीय राष्ट्रों और सरकारों की अपील और इच्छा के अनुसार किया है और ईरान ने क्षेत्र में तकफ़ीरी आतंकवादियों की कमर तोड़कर रख दी है। वरिष्ठ नेता ने क्षेत्रीय परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष इस्लामी गणतंत्र ईरान ने ईरानी राष्ट्र की ताक़त की पताका क्षेत्र में लहरायी और तकफीरी आतंकवाद की कमर तोड़ने में मुख्य भूमिका निभाई । वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने कहा कि ईरान ने क्षेत्र के देशों के साथ जो सहयोग भी किया है वह भावनात्मक आधारों पर नहीं बल्कि पूरे तर्क संगत हिसाब किताब और सूझबूझ से किया। उनका कहना था कि ईरान किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं रखता और ईरान की भूमिका क्षेत्र के देशों की अपील के अनुसार है। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निसंदेह क्षेत्र के मामलों में अमरीका अपने लक्ष्य साधने में कभी सफल नहीं होगा। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस क्षेत्र में अमरीका की इच्छा कभी पूरी नहीं होगी और हमारे उद्देश्य ज़रूर पूरे होंगे।