Apr ०९, २०१८ १४:०३ Asia/Kolkata

पूरे साहस के साथ कहा जा सकता कि आज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा ऊर्जा का मुद्दा है।

विभिन्न समाजों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने और स्थाई विकास की प्राप्ति में ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऊर्जा की आपूर्ति, विकास और प्रगति के मार्ग में विश्व के देशों का महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। ऊर्जा की सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग और ग्रीन हाऊस गैसे के फैलाव को कम करने में उसकी भूमिका, व्यापक स्तर पर इसके प्रयोग और ऊर्जा के नवीकरणीय होना उन विषयों में से है जिन पर चर्चाएं होती हैं। बिजली उन स्वच्छ ऊर्जाओं में से है जिसकी उच्च कार्यक्षमताओं के कारण देश की औद्योगिक और उत्पादन आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है। पूरी दुनिया में 21000 अरब किलोवाट घंटे शुद्ध इलेक्ट्रानिक ऊर्जा का उत्पादन होता है जिसमें से लगभग 92 प्रतिशत ख़र्च हो जाती है। विभिन्न शैलियों से बिजली का उत्पादन किया जाता है। वर्तमान समय में दुनिया में शुद्ध बिजली का उत्पादन लगभग 40 प्रतिशत पत्थर के कोयले से, 23 प्रतिशत प्राकृतिक गैस स्रोतों से, 21 प्रतिशत नवीकरणीय स्रोतों से 12 प्रतिशत परमाणु स्रोतों से और 4 प्रतिशत तेल व तेल उत्पादों से किया जाता है।

कहा जाता है कि वर्तमान समय में दुनिया भर में एक अरब लोग बिजली की सुविधाओं से वंचित हैं किन्तु इस उद्योग ने पूरी दुनिया में मनुष्य के जीवन में हलचल मचा दी है। कृषि से लेकर जिसमें ज़मीनों की सिंचाई में पम्प का प्रयोग किया जाता है, प्रयोगशालाओं में होने वाले विभिन्न प्रकार के प्रयोगों में बिजली का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यही नहीं आज के कम्यूटर के काल में बिजली की भूमिका की अनदेखी नहीं की जा सकती।

बिजली का महत्व उस समय लोगों के लिए अधिक स्पष्ट होता है जब बिजली कुछ देर के लिए कट जाती है। यदि गर्मी का मौसम हो और थोड़ी देर के लिए भी बिजली कट जाती है तो लोग कितना अधिक बिजली के महत्व को याद करते हैं, बिजली मनुष्य की सुरक्षा और स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है और कभी कभी बिजली के न होने से मनुष्य का जीवन बहुत ख़तरे में पड़ जाता है। यहां पर यह बताना भी आवश्यक है कि यदि एक क्षण के लिए बिजली कट जाती है तो लोग असुरक्षा और परेशानी का आभास करने लगते हैं और यदि बिजली की कमी का सामना हो तो क्या होगा?

बिजली नेटवर्क, दुनिया का सबसे हार्ड सिस्टम है। स्वच्छ और महत्वपूर्ण होने कारण, इसका जिसका प्रयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बिजली का जब प्रयोग होता है तो यह बहुत कम ही प्रदूषण फैलाती है जबकि प्रयोग के समय उससे होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है।  बिजली से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने का पहला चरण यह है कि उसका उत्पादन शहर से बाहर किया जाए और क्योंकि इसको बड़ी सरलता से स्थानांतरित किया जा सकता है इसीलिए विभिन्न क्षेत्रों तक बहुत प्रयोग के लिए इसको पहुंचाया जा सकता है। विभिन्न उद्योगों में बिजली के व्यापक प्रयोग के कारण, कोई भी देश इस उद्योग के महत्व की अनदेखी नहीं कर सकता। दुनिया में ऊर्जा के शोध केन्द्रों के अध्ययन से पता चलता है कि 21वीं शताब्दी के दूसरे अर्ध में इलेक्ट्रानिक ऊर्जा के उत्पादन क्षमता में विकास में ज़बरदस्त उछाल आएगा। इस प्रकार से बिजली का उत्पादन, एक रणनैतिक महत्व हासिल कर गया है।

ईरान में बिजली उत्पादन को लगभग 100 वर्ष से अधिक का समय हो रहा है। वर्ष 1284 हिजरी शम्सी में मुहम्मद हुसैन महदवी अमीनुज़्ज़र्ब ने पत्थर के कोएले से एक जनरेटर ख़रीदा और उससे काम लेना शुरु किया और तेहरान के कुछ मार्गों को बिजली प्रकाशित किया।

अलबत्ता इस जनरेटर का प्रकाश केवल रात के कुछ आरंभिक पहर तक ही था क्योंकि पत्थर के कोएले से चलने वाले जनरेटर का ख़र्चा बहुत है इसीलिए इस प्रकार के जनरेटर की जगह डीज़ल से चलने वाले जनरेटर ने ले लिया। इसी प्रकार करज बांध, सपेद रूद डैम और देज़ डैम, आवश्यकता की बिजली की आपूर्ति के लिए ऊर्जा के उत्पादन में इस स्रोत से लाभ उठाया गया। तेल की खोज और उसका पता चलने के साथ ही ईरान के बिजली उद्योग की आवश्यकता की ऊर्जा, पारंपरिक ईंधनों से होने लगी जो अब तक जारी है।

शहरो की संख्या में वृद्धि और जनसंख्या के बढ़ने तथा ईरान के आर्थिक क्षेत्र में नये उद्योगों के प्रवेश के कारण बिजली की आवश्यता बढ़ गयी है। इस दौरान एक ऐसे व्यवस्थित संगठन की आवश्यकता का आभास होने लगा जो पूरी तनमयता के साथ बिजली उत्पादन की ज़िम्मेदारी संभाले। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए सरकार को बिजली उद्योग में प्रवेश करना बहुत ज़रूरी था। ईरान में बिजली का उत्पादन, स्थानांतरण और वितरण, बिजली घरों के उपकरणों का निर्माण तथा बिजली पहुंचाने और उसके वितरण के नेटवर्क का विस्तार, सरकार के ज़िम्मे हो गया । इसी प्रकार बिजली उत्पादन के निजी सेक्टर की ज़िम्मेदारी, ट्रांसफ़ार्मर, कंटर निर्माण और केबिल बनाना है जिसका सरकार समर्थन करती है। कहा जाता है कि ईरान में बिजली उद्योग, एक आधारभूत उद्योग है जो सार्वजनिक सेवा प्रदान करती है। बिजली का प्राइवेट सेक्टर, न उत्पादन और बिक्री के कारण बल्कि बिजली के उत्पादन की संवेदनशीलता और संभावित रूप से बिजली की कटौती को समाप्त करने के लिए बनाया गया।

समय बीतने के साथ ही ईरान में बिजली उद्योग में विस्तार हुआ और देश के विभिन्न क्षेत्रों की बिजली की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के बिजली घरों के निर्माण की योजना बनाई गयी। ईरान में बहुत से बिजली घर इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद बने। इस बात के दृष्टिगत कि एक बिजली घर से 25 से 30 साल तक ही अच्छे ढंग से लाभ उठाया जा सकता है, देश के 75 प्रतिशत बिजली घर अभी नये हैं। पूरा देश बिजली के नेटवर्क से जुड़ गया है और ईरान के कोने कोने तथा दूर दूर के गांव तक बिजली पहुंच गयी है। ईरान की भौगोलिक स्थिति के कारण यहां पर एक शहर से दूसरे शहर के बीच काफ़ी दूरी पायी जाती है और इसीलिए पूरे देश में बिजली पहुंचाना बहुत ही कठिन कार्य था किन्तु ईरान ने अपने नागरिकों के लिए यह काम अंजाम दिया। यहां कठिन पर्वतीय रास्ते हैं, ख़तरनाक जंगल हैं, लंबे लंबे पेड़ हैं जिसके बीच से बिजली के तारों को गुज़ारना बहुत कठिन काम था किन्तु आज ईरान में हर स्थान पर बिजली पहुंच चुकी है। आज ईरान में तीन करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ता है और सात लाख किलोमीटर बिजली का नेटवर्क फैला हुआ है।

ईरान में बिजली उत्पादन, दुनिया के मापदंडों के लगभग तीन गुना बराबर है। आंकड़ों के आधार पर ईरान की आधे से अधिक बिजली व्यापारिक और घरेलू भाग में प्रयोग होती है जबकि 33 प्रतिशत बिजली उद्योग और बाक़ी कृषि और अन्य भागों में प्रयोग होती है। ईरान में 70 हज़ार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता के दृष्टिगत, ऊर्जा के उत्पादन के क्षेत्र में अपार संभवनाओं से संपन्न है। वर्तमान समय में ईरान दुनिया में बनाई गयी बिजली की क्षमता के लेहाज़ से दुनिया के बीस देशों में शामिल है जबकि मध्यपूर्व में पहले स्थान पर है। क्षेत्र में सबसे बड़े बिजली नेटवर्क से संपन्न होने के कारण, देश के बिजली नेटवर्क को पड़ोसी देशों से जोड़ने, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस संसाधनों से संपन्न होने तथा बिजली घरों से भरपूर लाभ उठाने की तकनीक और विज्ञान से संपन्न होने के कारण क्षेत्र में ईरान का शुमार अनुदाहरणीय देशों में होता है। वर्तमान समय में ईरान, इराक़, तुर्की, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, नख़्जवान गणराज्य, अर्मीनिया, तुर्कमनिस्तान और आज़रबाइजान गणराज्य को बिजली सप्लाई करता है।

वर्तमान समय में ईरान बिजली उद्योग के विभिन्न प्रकार के उपकरण और बिजली उत्पादन की तकनीक दूसरे देशों को निर्यात करता है। ईरान पिछले पचास वर्षों से ट्रांसफ़ारमर का उत्पादन कर रहा है और इस प्रकार यह तकनीक पूर्ण रूप से स्थानीय हो गयी है। ईरान ट्रांसफ़ारमर के निर्माण में दुनिया के दस बड़े देशों में शामिल है और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में देश की आवश्यकता की 75 प्रतिशत वस्तुओं को स्वयं पूरा करता है और इसी प्रकार क्षेत्रीय देशों, अफ़्रीक़ा और यूरोप तथा इटली को यह कलपुर्ज़े निर्यात करता है।