Apr ०४, २०१६ २०:३० Asia/Kolkata

5 अप्रैल 1588 ईसवी को ब्रिटेन के प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री थामस हाब्स Thomas habbes  का जन्म हुआ।

उन्होंने आक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और साहित्य का व्यापक अध्ययन किया। उनका मानना था कि मनुष्य स्वतंत्रता प्रेमी और शक्ति का इच्छुक प्राणी है जो दूसरों पर वर्चस्व जमाना चाहता है। इसीलिए उनका मानना था कि समाज में एक शक्तिशाली सरकार को अस्तित्व में आना चाहिए ताकि कमज़ोरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस ब्रिटिश दर्शनशास्त्री का कहना था कि लोगों द्वारा राजा महाराजाओं का आज्ञापालन, ईश्वरीय आदेश है। उनकी महत्त्वपूर्ण पुस्तकों में लेवियाथन leviathan का नाम लिया जा सकता सकता है। उनकी महत्त्वपूर्ण पुस्तकों में राजनीति शास्त्र, सरकार के बारे में दर्शनशास्त्र और सार्वजनिक अधिकार का नाम लिया जा सकता है। वर्ष 1679 में थामस हाब्स का निधन हो गया।

  • 5 अप्रैल सन् 1722 में जेकब रोजरविन ने पूर्वी आयरलैंड की खोज की।
  • 5 अप्रैल सन् 1843 में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया ने हॉगकॉग को ब्रिटिश कॉलनी में शामिल किए जाने की घोषणा की।
  • 5 अप्रैल सन् 1930 में महात्मा गांधी अपने अनुयायियों के साथ नमक क़ानून तोडऩे के लिए दांडी पहुंचे।
  • 5 अप्रैल सन् 1949 में भारत स्काउट एण्ड गाइड की स्थापना हुई।
  • 5 अप्रैल सन् 1955 में विस्टन चर्चिल ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया।
  • 5 अप्रैल सन् 1957 में भारत में पहली बार और दुनिया में पहली बार लोकतांत्रिक तरीक़े से केरल में संपन्न चुनाव के बाद कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई और ईएमएस नम्बूदरीपाद ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया।
  • 5 अप्रैल सन् 1961 में भारत सरकार की ओर से प्रायोजित पहली ‘इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड कंपनी’ की स्थापना हुई।
  • 5 अप्रैल सन् 1964 में भारतीय नौसेना ने पहली बार राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया।
  • 5 अप्रैल सन् 1975 में सउदी अरब के नरेश शाह फ़ैसल की हत्या हुई।
  • 5 अप्रैल सन् 1979 में भारत का पहला नौसेना संग्रहालय मुम्बई में खुला।
  • 5 अप्रैल सन् 1991 में अंतरिक्ष यान एसटीएस 37 (अटलांटिस 8) का प्रक्षेपण किया गया।
  • 5 अप्रैल सन् 1999 में मलेशिया में हेंड्रा नामक वायरस से बचाव के लिए 8 लाख 30 हज़ार सुअरों की सामूहिक हत्या करने की शुरुआत की गई।
  • 5 अप्रैल सन् 2002 में भारत, म्यांमार व थाइलैंड के बीच मोरे-कलावा-मांडले सड़क परियोजना पूरी करने हेतु सहमति हुई।
  • 5 अप्रैल सन् 2003 में अमेरिकी संसद में पाकिस्तान की आर्थिक मदद में कटौती का प्रस्ताव पेश किया।
  • 5 अप्रैल सन् 2006 में सिंगापुर में 45 भारतीयों को आव्रजन अपराधों में गिरफ़्तार किया गया।
  • 5 अप्रैल सन् 2007 में ईरान ने 15 ब्रिटिश नौ सैनिकों को रिहा किया।
  • 5 अप्रैल सन् 2008 में पार्वती ओमनाकुट्टन फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड बनी।

5 अप्रैल सन 1585 ईसवी को हॉलैंड के हारलम नगर में इसी नाम से प्रसिद्ध जनसंहार हुआ जो इस देश के स्वतंत्रता संग्रामियों का केंद्र था। इस जनसंहार का आदेश स्पेन के तत्कालीन नरेश फ़िलिप द्वितीय ने जारी किया था। स्पेन ने हॉलैंड पर अधिकार जमाने के लिए इस देश में व्यापक स्तर पर रक्तपात किया जिसका सबसे स्पष्ट और भयानक उदाहरण हारलम जनसंहार है जिसमें कम से कम 6 हज़ार हॉलैंड के स्वतंत्रता प्रेमी मारे गये थे किंतु अंतत: सन 1609 ईसवी में हॉलैंड स्पेन से स्वतंत्र होने में सफल हो गया।

 

5 अप्रैल सन 1645 ईसवी को योरोप के दो शक्तिशाली देशों ब्रिटेन और हॉलैंड के बीच दो वर्षों तक चलने वाला समुद्री युद्ध समाप्त हुआ। यह लड़ाई मार्च सन 1652 ईसवी से आरंभ हुई और ब्रिटेन की सफलता पर समाप्त हुई। इस प्रकार ब्रिटेन एटलांटिक महासागर में हॉलैंड के शक्ति और प्रभाव को समाप्त करने में सफल हो गया।

5 अप्रैल सन 1795 ईसवी को स्वीटज़रलैंड के बेल नगर में इसी नाम से एक समझौता हुआ। जिसपर फ़्रांस और प्रॉस स्पेन तथा हॉलैंड की सरकारों ने हस्ताक्षर किये। इस समझौते के आधार पर हॉलैंड स्पेन और प्रॉस की सरकारों ने जिन्होंने फ़्रांस की सेना से पराजय का मुह देखा था वचन दिया कि फ़्रांस के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगी।

5 अप्रैल सन 1956 ईसवी को पश्चिमी फ़िलिस्तीन के गज़्ज़ा क्षेत्र पर ज़ायोनी शासन की भयानक गोलीबारी समाप्त हुई। ज़ायोनी सैनिकों ने 4 अप्रैल से गज़्ज़ा नगर में बूढ़ों बच्चों और महिलाओं पर भी कोई दया नहीं की और बड़ी ही बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करते हुए ५६ लोगों को मौत के घाट उतार दिया। ज़ायोनी सेनाएं लगातार दो दिनों तक इस नगर पर गोले बरसाती रही थीं। ज़ायोनी शासन की इस निर्मम कार्रवाई पर पश्चिमी संचार माध्यमों और मानवाधिकार से संबंधित संगठनों ने चुप्पी साधे रखी जैसा कि वे इस प्रकार की दूसरी घटनाओं के समय कर चुके हैं।

 

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11 शाबान 33 हिजरी क़मरी को इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के सुपुत्र हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम का जन्म पवित्र नगर मदीना में हुआ। हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम ने अपने दादा हज़रत अली और पिता इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के व्यक्तित्व से अत्यधिक लाभ उठाया और स्वयं को नैतिक व आध्यात्मिक गुणों और इस्लामी शिक्षाओं से सुसज्जित किया। हज़रत अली अकबर के कई छोटे भाइयों का नाम भी अली था इसलिए उन्हें अली अकबर कहा जाता है और वह इसी नाम से प्रसिद्ध हैं। हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम कर्बला में अपने पिता इमाम हुसैन अलैहसिस्लाम के महाआंदोलन के दौरान मौजूद थे और उसमें उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यज़ीद की राक्षसी सेना का मुकाबला करते हुए शहीद हो गये। इस्लामी गणतंत्र ईरान में हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।