मंगलवार- 7 अप्रैल
1971, शेख़ मुजिब-उर-रहमान ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता का आह्वान किया।
321, रोमन सम्राट कॉन्स्टेंटाइन प्रथम ने रविवार को राजकीय विश्राम का दिन घोषित किया जो ईसाई मान्यताओं के अनुरूप था।
1827, ब्राज़ील की नौसेना ने करमन द पैटैगोंस ने अर्जेन्टीनी बेड़े पर हमला किया जिसमें वे विफल रहे।
1876, एलेक्ज़ेंडर ग्राहम बेल को अपने आविष्कार का पेटेंट मिला जिसे उन्होंने टेलीफोन (दूरभाष) का नाम दिया।
1971, शेख़ मुजिब-उर-रहमान ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता का आह्वान किया।
1989, भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी के ख़िलाफ़ ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के फ़तवे के बाद ब्रिटेन और ईरान के बीच राजनयिक सम्पर्क टूट गया।
2003, क्यूबा क्रांति के नेता एवं राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो को संसद ने छठे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति निर्वाचित किया, वे दुनिया के सबसे लम्बे समय तक शासन करने वाले शासनाध्यक्ष बन गए।
2006, ईरान के राष्ट्रपति ने देश की परमाणु गतिविधियों पर रोक के लिए संयुक्त राष्ट्र परमाणु एजेंसी से क्षतिपूर्ति की मांग की।
2008, त्रिपुरा विधान सभा चुनाव में सत्तारूढ़ लेफ़्ट फ़्रंट ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की।
2008, अंतरिक्ष यात्रियों ने मंगल ग्रह पर झील की खोज की।
2009, प्रमुख धातु कंपनी स्टरलाइट इंडस्ट्रीज़ ने अमरीका की तीसरी सबसे बड़ी कॉपर उत्पादक कंपनी एसार्को के अधिग्रहण की घोषणा की।
7 अप्रैल वर्ष 1614 ईसवी को प्रसिद्ध यूनानी चित्रकार अलग्रेको का निधन हुआ। अलग्रेको ने चित्रकारी की शिक्षा वेनिस में प्राप्त की। फिर वे रोम चले गये जहां उन्होंने माइकल एंजेलो के काम का ध्यान पूर्वक अध्ययन किया और स्वयं भी एक चर्च का चित्रण किया। सन 1577 ईसवी में वे स्पेन के नगर तलीता चले गये जहां उन्होंने अपनी विभिन्न प्रसिद्ध पेटिंग्स की बनाई रचना की। अलग्रेको की चित्रकारी का अधिकांश भाग धार्मिक है। अलग्रैको को अपने काल में ख्याति प्राप्त नहीं हुई किन्तु चित्रकारी के नये आलोचकों ने उन्हें संसार के महान कलाकारों में एक महत्त्वपूर्ण स्थान पर पहुंचा दिया है। अलग्रैको का निधन 7 अप्रैल सन 1614 ईसवी को तलीता में हुआ।
सात अप्रैल 1947 को अमरीका के एक विद्वान एवं आविष्कारक हेनरी फ़ोर्ड का 84 वर्ष की आयु में निधन हुआ। हेनरी फ़ोर्ड का जन्म अमरीका में एक अति निर्धन परिवार में हुआ था। फ़ोर्ड को बचपन में घड़ी बनाने में रूचि हुई किंतु युवाअवस्था में उन्होंने मकैनिक का काम आरंभ किया। रोचक बात यह है कि अपनी मृत्यु के समय तक फ़ोर्ड ने मोटर उद्योग का बड़ा साम्राज्य स्थापित कर लिया था।

7 अप्रैल वर्ष 1614 ईसवी को प्रसिद्ध यूनानी चित्रकार अलग्रेको का निधन हुआ। अलग्रेको ने चित्रकारी की शिक्षा वेनिस में प्राप्त की। फिर वे रोम चले गये जहां उन्होंने माइकल एंजेलो के काम का ध्यान पूर्वक अध्ययन किया और स्वयं भी एक चर्च का चित्रण किया। सन 1577 ईसवी में वे स्पेन के नगर तलीता चले गये जहां उन्होंने अपनी विभिन्न प्रसिद्ध पेटिंग्स की रचना की। अलग्रेको की चित्रकारी का अधिकांश भाग धार्मिक है। अलग्रैको को अपने काल में ख्याति प्राप्त नहीं हुई किन्तु चित्रकारी के नये आलोचकों ने उन्हें संसार के महान कलाकारों में एक महत्त्वपूर्ण स्थान पर पहुंचा दिया है। अलग्रैको का निधन 7 अप्रैल सन 1614 ईसवी को तलीता में हुआ।

7 अप्रैल वर्ष 1656 ईसवी को शाह जहां के प्रसिद्ध मंत्री और धर्मगुरू सादुल्लाह गुलशन का देहान्त हुआ। वे पाकिस्तान के नगर चिन्योट में जन्मे और लाहौर में शिक्षा प्राप्त की। नवम्बर वर्ष 1640 ईसवी में गुलशन शाह जहां के दरबार से जुड़े और चार वर्ष बाद प्रगति करके प्रधानमंत्री बने। वे अपने देहान्त तक इसी पद पर असीन रहे। सादुल्लाह गुलशन को निर्माण कार्य में बहुत रुचि थी। दिल्ली की जामे मस्जिद और मोअल्ला दुर्ग उन्हीं की निगरानी में बना है।
7 अप्रैल सन 1721 ईसवी को रुस के नरेश पीटर वरिष्ठ ने स्वेडन पर आक्रमण आरंभ किया। सन 1700 ईसवी से ही इन दोनों देशों तथा डेनमार्क और पोलैंड के बीच उत्तरी युद्ध नामक लड़ाइये जारी थीं। रुस के आक्रमण के समय स्वेडन ने दूसरे देशों से समझौता कर लिया था और वो रुस से भी संधि करने के प्रयास में था किंतु रुसी नरेश पीटर ने अपनी सीमा विस्तार की योजना के अंतर्गत स्वेडिन पर आक्रमण कर दिया तथा इस देश की सेना को पराजित करके इस देश के कुछ भागों पर नियंत्रण कर लिया। रूस ने फिनलैंड देश पर भी अधिकार कर लिया। इस प्रकार स्वेडन कमज़ोर हो गया जबकि रुस की शक्ति और भी बढ़ गयी।
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13 शाबान सन 1200 हिजरी क़मरी को तेरहवीं हिजरी शताब्दी के विख्यात धर्मगुरु हुसैन बिन मोहम्मद सालेह ख़ालेदी का निधन हुआ। उनका जन्म फ़िलिस्तीन के बैतुल मुक़द्दस नगर में हुआ और उन्होंने वहीं शिक्षा प्राप्त की। वे एक बड़े बुद्धिजीवी और दक्ष लेखक थे। सुलेखन के लिए भी उन्हें ख्याति प्राप्त हुई। उन्हें अरबी शायरी में भी निपुणता प्राप्त थी।