Apr ०७, २०१६ २०:३० Asia/Kolkata

1857, प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सैनिक मंगल पांडे को फांसी दे दी गई।

1801, रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में हुई हिंसा में 128 यहूदियों की मौत।

1831, प्रसिद्ध समाज सुधारक राजा राम मोहन राय इंग्लैंड पहुंचे।

1857, प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सैनिक मंगल पांडे को फांसी दे दी गई।

1894, प्रसिद्ध बंगला कवि और वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चन्द्र चटर्जी का कलकत्ता अब 'कोलकाता' में निधन हुआ।

1912, नील नदी में जहाज़ों के आपसी भिड़ंत के बाद इसमें सवार 200 से अधिक लोगों की डूबकर मौत हो गई।

1929, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली के सेंट्रल असेंबली हॉल में बम फेंका और अपनी गिरफ्तारी दी।

1950, भारत और पाकिस्तान के बीच लियाक़त-नेहरु संधि पर हस्ताक्षर हुआ।

1960, ब्रिटिश जहाज़ दारा के फ़ार्स की खाड़ी में डूबने से 236 लोगों की मौत।

1965, भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा युद्ध शुरू, इसे कश्मीर के दूसरे युद्ध के नाम से भी जाना जाता है।

1988, जनरल वेंग शंग कुन चीन के राष्ट्रपति चुने गए।

2000, गुटनिरपेक्ष देशों के विदेशमंत्रियों का 13वाँ सम्मेलन कोलंबिया के कार्टिजेना शहर में आरंभ हुआ।

2001, बांग्लादेश में हिंदुओं की संपत्ति लौटाने के लिए विधेयक पारित हुआ।

2003, अमरीकी सेना ने बग़दाद में बंकर भेदी बम बरसाए, जिसमें सैकड़ों नागरिकों की मौत हो गई।

2008, ईरान ने अपने यूरेनियम संयंत्र में ६ हज़ार नए सेंट्रीप्यूज लगाना शुरु किया।

 

8 अप्रैल वर्ष 1873 ईसवी को विश्व के एक बहुत बड़े चित्रकार और अब्स्ट्रैक्ट आर्ट के आविष्कारक पेबलो पिकासो का निधन हुआ। 8 अप्रैल सन 1962 ईसवी को फ़्रांस के प्रसिद्ध भूवैज्ञानिक लुई मैसीनियन का 79 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे सन 1883 ईसवी में जन्में और साहित्य में डॉक्ट्रेट की डिगरी प्राप्त की। वे विश्व के कई देशों के भूगोल संबंधी संस्थाओं के सदस्य रहे।

मैसीनियन ने ईरान और इस्लाम के बारे में व्यापक अध्ययन किया और इब्राहीम की दुआ और हज़रत फ़ातेमा ज़ेहरा स की पवित्रता नामक पुस्तकें लिखीं।

8 अप्रैल सन 1970 ईसवी को ज़ायोनी शासन के युद्धक विमानों ने मिस्र की राजधानी काहेरा के 80 किलोमीटर उत्तर में स्थित बहरुल बक़र नामक कॉलेज पर आक्रमण किया। इस बर्बर आक्रमण में 46 विद्यार्थी मौत की नींद सो गये। ज़ायोनी शासन की इस अमानवीय कार्रवाई पर विश्व भर में प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी।

 

उल्लेखनीय है कि 1970 के आरंभिक तीन महीनों में ज़ायोनी शासन के युद्धक विमानों ने पूर्वोत्तरी मिस्र के असैनिक क्षेत्रों पर भीषण बम्बारी की। 12 फ़रवरी को ज़ायोनियों ने एक कारख़ाने पर बम्बारी करके 138 मज़दूरों को हताहत और घायल कर दिया। इसी प्रकार अलमनसूरा नगर पर ज़ायोनी शासन के आक्रमण में 12 असैनिक मारे गये और 35 अन्य घायल हो गये। यह आक्रमण 31 मार्च को हुआ।

8 अप्रैल 1980 को आयतुल्ला मोहम्मद बाक़िरुस्सद्र बहुत बड़े विधान थे उन्होंने इस्लामी विषयों के साथ ही साहित्य गणित खगोल शास्त्र तर्क शास्त्र आदि विषयों का पूरा ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने इराक़ी समाज के युवावर्ग को इस्लामी नियमों से परिचित कराके उसमें जागरुकता पैदा की।

वे अत्याचार के विरुद्ध कड़े संघर्ष में भी अग्रिणी रहे। उन्होंने इस संघर्ष में नयी जान डाल दी।

थोड़े ही समय में वे इराक़ी जनता के वैचारिक और राजनैतिक अगुवा हो गये। उनकी लोकप्रियता से भयभीत होकर इराक़ी सरकार ने उन्हें उनकी बहन के साथ गिरफ़तार कर लिया और इराक़ी जनता और धर्मगुरुओं के कड़े प्रतिरोध के बावजूद आज के दिन इन दोनों महान हस्तियों को शहीद कर दिया। आयतुल्ला सद्र को ईरान की इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक हज़रत इमाम ख़ुमैनी से गहरा लगाव था। इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद वे इमाम ख़ुमैनी के नाम अपने पत्रों में उनके प्रति अपने प्रेम और लगाव का उल्लेख भी करते रहे।

इस महान धर्मगुरु ने बड़ी ही मूल्यवान पुस्तकें लिखी हैं जिनमें इकतेसादोना और फ़लसफ़तोना आदि का नाम लिया जा सकता है।

8 अप्रैल वर्ष 1873 ईसवी को विश्व के एक बहुत बड़े चित्रकार और अब्स्ट्रैक्ट आर्ट के आविष्कारक पेबलो पिकासो का निधन हुआ। वह 25 अक्तूबर वर्ष 1881 ईसवी को दक्षिणी स्पेन के नगर मालागा में जन्मे। उनके पिता भी एक चित्रकार थे। इसीलिए उन्होंने बहुत ही कम आयु में ड्राइंग बनाना आरंभ किया। उनकी सूझबूझ और दूरदर्शिता असमान्य थी। वर्ष 1936 ईसवी में स्पेन में गृहयुद्ध आरंभ हुआ। इस युद्ध ने पिकासो को बहुत प्रभावित किया और उन्होंने गोरनीका जैसी प्रसिद्ध पेंटिंग्स बनाई। पिकासो की बहुत सी रचनाएं न केवल यह कि राजनैतिक मामलों बल्कि कला से संबंधित बहुत से मामलों के बारे में उनकी सूझबूझ को व्यक्त करती हैं।

 

***

20 फ़रवरदीन सन 1359 हिजरी शम्सी को इस्लामी गणंत्र ईरान और अमरीका के बीच तनाव बढ़ जाने के बाद वाशिंग्टन ने तेहरान से अपने संबंध तोड़ लिये। ईरान के प्राकृतिक स्रोतों तक अपनी पहुँच को कठिन देखकर अमरीका ने यह क़दम उठाया। इसके अतिरिक्त तेहरान में अमरीकी दूतावास पर छात्रों का कब्ज़ा कर लेना भी, जो उस समय ईरान के विरुद्ध जासूसी और षडयंत्र फैलाने का अड्डा बन गया था, अमरीका को बहुत अखरा था जिसके चलते उसने ईरान से संबंध विच्छेद किया।

इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी ने उस अवसर पर कहा था कि इस संबंध का टूटना हमारे लिए अच्छा शगुन है क्योंकि यह ईरान की ओर से अमरीका के निराशा हो जाने का प्रमाण है।

राजनैतिक संबंध तोड़ लेने के बाद से अमरीका ने ईरान के विरुद्ध राजनैतिक आर्थिक सैनिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में बड़े षडयंत्र रचे और भॉति शांति की चालें चली किंतु ईरानी जनता ने अपने दृढ़ संकल्प से इन सभी अनैतिक प्रयासों को विफल बना दिया।

 

***

14 शाबान सन 639 हिजरी क़मरी को मिस्र के विख्यात गणितज्ञ चिकित्सक और धर्मगुरु इब्ने युनुस का निधन हुआ। उन्होंने पहले तो अपने पिता से अपने समय के प्रचालित ज्ञान सीखे और फिर वरिष्ठ विद्वानों की सेवा में उपस्थित होकर शिक्षा ग्रहण की। इब्ने युनुस उस काल में जो इस्लामी सभ्यता में ज्ञान के विकास का काल समझा जाता है विभिन्न ज्ञानों में दक्षता के लिए प्रसिद्ध हुए। उन्होंने क़ाहेरा में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद कई शिक्षा केंद्रों में शिक्षा दीक्षा के साथ ही पुस्तकें भी लिवखीं। उन्होंने विभिन्न विषयों में पुस्तकें लिखी हैं जिनमें सबसे विख्यात खगोल शास्त्र के विषय में लिखी गई पुस्तक असरारुस्सुल्तानिया है।