Apr ११, २०१६ १४:४९ Asia/Kolkata
  • सुप्रिया राज का पत्र

शर्मिन्दा क्यों?क्यों शर्मिंदा होता है

शर्मिन्दा क्यों?क्यों शर्मिंदा होता है,किसका सोचा होता है।आगे-पीछे देख के चल,रस्ता अन्धा होता है।उससे कितना लड़ते थे,अब पछतावा होता है।दुनिया कितनी पापी है,अब अन्दाज़ा होता है।सुप्रिया राज,सिद्धार्थ रेडियो श्रोता संघ, सकरा,ढोली, मुज़फ़्फरपुर, बिहार