Aug ०३, २०२० १३:५२ Asia/Kolkata

प्रोग्राम में इशारे की ज़बान सिखाने वाले रोबोट, पक्षियों के पालन पोषण के लिए इस्तेमाल होने वाले पुआल, हरी सिमेन्ट और पानी के डिस्इन्फ़ेक्शन या विसंक्मण पर चर्चा करेंगे

ईरान की सनअती शरीफ़ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बहरे बच्चों को सांकेतिक ज़बान सिखाने के लिए विशेष रोबोट बनाया है। इसके साथ ही व रोबोट में विडियो प्रोसेसिंग के चरण को पूरा कर उसे बहरे बच्चों के लिए पेश करना चाहते हैं।

इन दिनों आटिज़्म से पीड़ित बच्चों के व्यवहार में सुधार के प्रोजेक्ट में संपर्क के रोल के संबंध में बहुत काम हो रहा है।

सनअती शरीफ़ यूनिवर्सिटी में मेकनिक्स में एमटेक व इक्सप्रेसिव रोबोट प्रोजेक्ट के मैनेजर मतहम्मद ज़करीपूर इस तरह के देश विदेश में बने रोबोट के संबंध में कहते है: इस रोबोट में हरकत की डिग्री इस हद तक है कि यह रोबोट सांकेतिक ज़बान के संकेत को अंजाम देने की सलाहियत रखता है।

गुर्गान कृषि यूनिवर्सिटी में, लाइव स्टाक एन्ड पोल्ट्री न्यूट्रिशन में पोस्ट ग्रेजुएट मोहम्मद ख़ुसरवी कहते हैं: इस तरह की एक मशीन स्पेन में बनी हैं, लेकिन ईरान और दूसरे देशों में इस तरह के काम के लिए विशेष मशीन का इस्तेमाल नहीं होता बल्कि इस काम को मज़दूर हाथ से अंजाम देते हैं।

ईरानी वैज्ञानिक पहली बार अपशिष्ट पदार्थ से हरी सिमेन्ट बनाने में सफल हुए हैं। इस्फ़हान की सिपाहान सिमेन्ट फ़ैक्ट्री के प्रबंधिक निदेशक मोहम्मद असअदी कहते हैं: ३० वैज्ञानिक तीन साल की कोशिश के बाद इस सिमेंट को स्वदेशी प्रौद्योगिकी के ज़रि उत्पादित करने में सफल हुए।

हरी सिमेन्ट के सबसे अहम विशेषता यह है कि इससे पर्यावरण प्रदूषण कम होता है।

ईरानी वैज्ञानिक पानी को साफ़ करने की नई शैली की खोज करने में सफल हुए हैं और इस तरह ईरान इस प्रौद्योगिकी से संपन्न दुनिया का तीसरा देश है।

पानी को डिस्इन्फ़ेक्ट करने की पारंपरिक शैली में क्लोरीन गैस और उसके पाउडर का इस्तेमाल होता है। पारंपरिक शैली में ख़तरा बना रहता है। इस शैली में आस पास के माहौल में ज़हरीली क्लोरिन गैस के लीक होने का ख़तरा बना रहता है।