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ग़दीर में ऐसा क्या हुआ था कि आज भी इस्लाम के दुश्मन जल रहे हैं! ग़दीरे ख़ुम की इतिहासिक घटना की कुछ आयामों से समीक्षा
Jul १७, २०२२ १९:२२पवित्र नगर मक्का और मदीना के बीच में ग़दीर नाम का एक छोटा तालाब है जिसके पास इतिहास की महत्वपूर्ण घटना घटी है। 18 ज़िलजिज्जा को महान व सर्वसमर्थ ईश्वर ने पैग़म्बरे इस्लाम पर वही अर्थात ईश्वरीय संदेश भेजा कि हे पैग़म्बर उस चीज़ को पहुंचा दीजिये जो तुम्हारे पालनहार की ओर से उतारी जा चुकी है और अगर आपने यह कार्य नहीं किया तो पैग़म्बरी का कोई कार्य ही अंजाम नहीं दिया और ईश्वर लोगों से आपकी सुरक्षा करेगा।
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सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंची नूपुर शर्मा को अदालत ने किया बेनक़ाब, भड़काऊ डीबेट कराने वाले टीवी चैनलों को लेकर भी न्यायलय सख़्त
Jul ०१, २०२२ १९:२८भारत का सत्तारूढ़ राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी से निलंबित बीजेपी नेता नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से कड़ी फटकार लगी है। कोर्ट ने कहा है कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) पर टिप्पणी के लिए उन्हें पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।
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क़ुद्स की तलवार अभी म्यान में नहीं गई है, फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधक बलों की इस्राईल को चेतावनी
May २५, २०२२ ०९:५२फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधक बलों ने मंगलवार रात एक बयान जारी करके अवैध ज़ायोन शासन को चेतावनी दी है कि अवैध ज़ायोनी कॉलोनी वासियों द्वारा हर दिन मस्जिदुल अक़्सा का किया जाने वाला अनादर वे किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेंगे।
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वीडियो रिपोर्टः इस्राईल के लिए तालेबान ने बजाई ख़तरे की घंटी! मस्जिदुल अक़्सा के प्रति अपनी श्रद्धा को अफ़ग़ान राष्ट्र ने कुछ अलग अंदाज़ में दर्शाया
May २०, २०२२ १९:२०इस साल अंतर्राष्ट्रीय कुद्स दिवस के अवसर पर काबुल के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक में मस्जिदुल अक़्सा के प्रतीक का निर्माण शुरु किया गया था जो अब पूरा हो चुका है और उसका उद्घाटन अफ़ग़ानिस्तान के आम लोगों और इस देश की सरकार की अंतरिम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया ... मस्जिदुल अक़्सा के प्रतीक को काबुल के सबसे अहम चौराहे जो कंपनी के नाम से मशहूर था वहां बनाया गया है और अब उस चौराहे को अलअक़सा चौराहे के नाम से ही जाना जाएगा, काबुल के नगर पालिका के प्रवक्ता का कहना है कि ...
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वीडियो रिपोर्टः यूक्रेन युद्ध से पड़ने वाले प्रभावों ने अपना रंग दिखाना किया शुरू! आने वाले दिन अरब देशों के लिए क्यों हो सकते हैं डरावने?
May ०९, २०२२ १३:४०युक्रेन युद्ध से पड़ने वाले प्रभावों ने अब अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। यूक्रेन युद्ध दुनिया में स्पलाई होने वाले खाद्य पदार्थों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। फाओ की रिपोर्ट के मुताबिक़, दुनिया भर के लगभग 50 देश 30 फ़ीसदी गेहूं को रूस या यूक्रेन से आयात करते हैं, वहीं कुछ अरब देश तो 90 प्रतिशत से अधिक गेहूं, रूस और यूक्रेन से अयात करते हैं, इसका कारण अरब देशों में जारी युद्ध और अशांति है कि जिसने इन देशों के कृषि क्षेत्र को बर्बाद कर दिया है। इराक़ के कृषि मंत्रालय ने घोषणा की है कि ...
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युद्ध से यूक्रेन को हुआ 100 अरब डाॅलर का नुक़सान
Mar २३, २०२२ ११:०९यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार ने बताया है कि युद्ध से देश की अर्थव्यवस्था को 100 अरब डाॅलर का नुक़सान हो चुका है।
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रोज़ाना अरब देशों के सात मंत्रियों के साथ संपर्क में रहता हूंः इस्राईली मंत्री
Jun ०९, २०२१ २२:०५इस्राईल के विदेशमंत्री ने कुछ अरब देशों के साथ ज़ायोनी शासन के गुप्त संबन्धों को उजागर करते हुए कहा है कि वह प्रतिदिन अरब देशों के 7 समकक्षों के साथ संपर्क में रहते हैं।
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वीडियो रिपोर्टः फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के अस्ल मुजरिमों के चेहरे आने लगे सामने, ग़द्दारों को सबक़ सिखाने की प्रतिरोध के जियालों ने खाई क़सम
Mar ३१, २०२१ १९:३४कुछ अरब देशों ने ज़ायोनी शासन से संबंधों को सामान्य बनाये जाने की प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है और फ़िलिस्तीनी प्रशासन भी जायोनी शासन से संबंधों को सामान्य बनाने और सांठ- गांठ की चेष्टा है। एसी स्थिति में सीरिया में रहने वाले फिलिस्तीनियों ने एक कांफ्रेन्स में इस प्रक्रिया की भर्त्सना की और उसे धर्म और फिलिस्तीनी राष्ट्र से विश्वासघात बताया। फिलिस्तीनी जनता व लोग प्रतिरोध के अभिन्न अंग हैं और वे अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। फिलिस्तीनी, जायोनी शासन के साथ संबंधों को ....
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वीडियो रिपोर्टः नेतनयाहू आख़िर अरब देशों के साथ संबंध सामान्य करने का प्रचार करके किसका और किससे ध्यान भटकाना चाह रहे हैं?
Dec १५, २०२० १९:१८नेतनयाहू प्रदर्शनकारियों को यह समझाने के लिए कुछ ज़्यादा ही कोशिश कर रहे हैं कि वह उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाएंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि अब कोई रास्ता नहीं बचा है ... इसके बावजूद के प्रदर्शनकारियों का दमन और उनकी गिरफ़्तारियों का सिलसिला जारी है, प्रदर्शनकारी लगातार सड़कों पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों के लिए अरब देशों के साथ संबंध स्थापित होना कोई महत्व नहीं रखता है, वे केवल ...
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अमेरिकी चुनाव में सबसे बड़ी हार किसकी? न घर के रहे न घाट के, अब क्या होगा?
Nov ०७, २०२० १७:०४अरब देशों के शासक कि जिन्होंने बोरी भर-भरकर ट्रम्प को गुंडा टैक्स दिया है वह अब पूरी तरह बर्बाद होते नज़र आ रहे हैं। अब इन्हीं अरब देशों के शासकों को एक बार फिर से ट्रम्प की जगह बाइडेन पर पैसा लगाना पड़ेगा, इसलिए कहा जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अगर किसी की सबसे बड़ी हार हुई है तो वह यही अरब शासक हैं।