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50 आतंकवादी ढ़ेर
Nov २८, २०२३ १४:२१नाइजीरिया में आतंकवादी गुट दाइश के 50 सदस्य मारे गये।
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समुद्र में ईरानी डिस्ट्रॉयर दिलमान से आई सुनामी, देखते ही दुश्मनों का मुंह खुला रह गया!
Nov २७, २०२३ १२:१०इस्लामी गणराज्य ईरान की नौसेना का दिलमान डिस्ट्रॉयर जैसे ही समुद्र में उतरा वैसे ही जहां दोस्तों के चेहरे खिल उठे वहीं दुश्मनों का मुंह खुला रह गया।
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अल-शिफ़ा अस्पताल में इस्राईल के हाथों क्या लगा? अमेरिकी चैनल ने इस रहस्य से उठाया पर्दा!
Nov १७, २०२३ ०८:२०एक अमेरिकी चैनल का कहना है कि अल-शिफ़ा मेडिकल कॉम्प्लेक्स के नीचे सुरंग नेटवर्क के होने का कोई सबूत या संकेत नहीं मिला है।
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दाइश का असली चेहरा आया सामने, इस्राईल को टक्कर देने वालों के ख़िलाफ़ आतंकी साज़िश
Nov १४, २०२३ १२:१०तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश का असली चेहरा और उसका वास्तविक संबंध अब खुलकर सामने आ गया है। एक ओर प्रतिरोधक दलों द्वारा जहां ग़ज़्ज़ा की मज़लूम जनता के समर्थन में अवैध आतंकी इस्राईल और अमेरिका से संघर्ष जारी है तो वहीं दाइश ने प्रतिरोध के जियालों के ख़िलाफ़ हमले तेज़ कर दिए हैं।
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ग़ज़्ज़ा युद्ध और मीडिया का गिरता स्तर, सच से दूर लेकिन इस्राईल के साथ, तेलअवीव में बजने वाले सायरनों की आवाज़ें सुनने वालों को फ़िलिस्तीनी बच्चों और माओं की चीख़ें सुनाई नहीं देती!
Oct २८, २०२३ १५:५२सात दशकों से जिस प्रकार पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध इस्राईली शासन फ़िलिस्तीनी बच्चों का नरसंहार कर रहा, इस देश के लोगों की मातृभूमि पर जिस तरह से अवैध क़ब्ज़ा करता जा रहा है और अब वह यह चाहता है कि इस पूरे इलाक़े में फ़िलिस्तीन नाम का कोई देश न रहे। वहीं उसके इस आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष करने वाले लोग ही आज दुनिया की नज़र में आतंकी हो गए हैं। साथ ही उन्हें लाखों बच्चों और महिलाओं के नरसंहार की कोई तस्वीर नहीं दिखाई दे रही है।
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दाइश, अलक़ायदा और अन्य आतंकवादी गुटों का असली चेहरा आया सामने, केवल मुसलमानों के नरसंहार की योजना का नाम है इस्लामी आतंकवाद!
Oct २५, २०२३ ११:२९पिछले कुछ दशकों से पूरी दुनिया में आतंकवाद की ऐसी लहर चली कि हर कोई उससे ख़ुद को प्रभावित होता हुआ देख रहा था। वहीं ख़ास बात यह थी कि इस आतंकवाद के साथ इस्लाम का शब्द भी जोड़ दिया गया था। देखते ही देखते अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस्लामी आतंकवाद को लेकर चर्चा होने लगी। इसका असर यह हुआ कि विश्वभर में लोग मुसलमानों को आतंकी के तौर पर देखने लगे। लेकिन इस आतंकवाद ने अगर सबसे ज़्यादा किसी को नुक़सान पहुंचाया तो वह कोई और नहीं बल्कि मुसलमान और इस्लामी देश ही हैं।
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आतंकवाद से मुक़ाबले के नाम पर आतंक के सबसे बड़े समर्थक बने अमेरिका और यूरोपीय देश! हमास और इस्राईल युद्ध में बिकाऊ मीडिया की भी खुली पोल
Oct १६, २०२३ १५:३३हमास और इस्राईल के बीच भयानक युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के नुक़सान का अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता। नुक़सान दोनों तरफ हो रहा है। फ़र्क़ सिर्फ इतना है कि इस्राईल के पास नवीनतम हथियार, लाखों प्रशिक्षित सैनिक, एक रक्षा प्रणाली के साथ-साथ विश्व शक्तियां उसका समर्थन कर रही हैं। दूसरी तरफ, केवल हमास है, जिसके पास हज़ारों सैनिक हैं। कोई नई तकनीक नहीं, कोई नए हथियार नहीं, कोई रक्षा प्रणाली नहीं।
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गांधी का देश अब अटल नहीं, फ़िलिस्तीन के मुद्दे पर भारत सरकार आतंकवाद के साथ! भारत की मेन स्ट्रीम मीडिया ने भी पार कीं सारी हदें
Oct १०, २०२३ १६:००फ़िलिस्तीन का मुद्दा एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है कि जिसके वास्तविक्ता शायद ही किसी से छिपी हो। दुनिया का हर देश यह अच्छी तरह से जानता है कि इस्राईल एक अवैध और आक्रमणकारी शासन है। आज जिस प्रकार वह फ़िलिस्तीनियों पर वह बम बरसा रहा है वही आतंकवाद का असली चेहरा है। क्योंकि जिनकी ज़मीन पर उसने अवैध रूप से क़ब्ज़ा कर रखा है उन्हीं को वह अब पूरी तरह फ़िलिस्तीन से बाहर निकालने की योजना पर काम कर रहा है।
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बलात्कारियों का सत्कार करने वालों, मुसलमानों की हत्या करने वालों और जय श्री राम का नारा लगाकर मानवाता को शर्मसार करने वालों का किस आतंकी गुट से है संबंध? इन्हें कौन दे रहा है छूट?
Oct ०४, २०२३ १५:२६इस समय भारत में वैसा ही माहौल है कि जैसा दुनिया की साम्राज्यवादी शक्तियों ने बनाया है। एक ओर तो पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों को युद्ध की आग में ढकेला गया और दूसरी ओर आतंकी संगठनों का गठन करके इन्हीं मुस्लिम देशों में रहने वाले मुसलमानों का जनसंहार कराया जा रहा है, वहीं इस्लाम के नाम को आतंकवाद से जोड़कर आम लोगों को इस्लाम से दूर करने की साज़िश भी रची जा रही है। इस समय भारत में भी भगवा आतंकवाद पूरे देश को खोखला करता जा रहा है, लेकिन घरों पर बिल्डोज़र से लेकर इन्काउंटर तक मुसलमानों का ही किया जा
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अंकारा हमले मे पीकेके का हाथ
Oct ०२, २०२३ ०५:२९अंकारा के आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी, कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी, पीकेके ने स्वीकार की है।