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सुन्नी जवान भी हज़रत ज़ैनब और इमाम हुसैन के रौज़े की रक्षा करते हुए शहीद होते हैं और उनके परिवार इस पर गर्व करते हैं,
Jul ३१, २०१७ १०:५६इस्लामी एकता का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है। ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने हज संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाक़ात में भी इस विषय पर बहुत अधिक बल दिया और कहा कि शत्रु अरबों डालर इस लिए ख़र्च कर रहे हैं कि मुस्लिम मतों के बीच मतभेद पैदा हों।
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इराक़ के प्रभावी धर्मगुरु मुक़्तदा सद्र सऊदी अरब के दौरे पर
Jul ३१, २०१७ ०९:५७इराक़ के मशहूर धर्मगुरु मुक़्तदा सद्र ने सऊदी अरब के दौरे पर युवराज मोहम्मद बिन सलमान सहित कई दूसरे अधिकारियों से मुलाक़ात की।
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काबुल में इराक़ी एम्बेसी और पुलिस परिसर पर हमला
Jul ३१, २०१७ ०९:३३अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में एक हमलावर ने इराक़ी दूतावास के निकट धमाके किए।
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दाइश में योरोप की महिला आतंकियों की बढ़ती तादाद से योरोप दहशत में
Jul ३१, २०१७ ०६:०६योरोप में महिलाओं में संदिग्ध आतंकियों की बढ़ती संख्या ने योरोपीय संघ के सुरक्षा तंत्रों के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
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ईरान और इराक़ के बीच तेल और गैस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा
Jul ३०, २०१७ १६:३९इराक़ के पेट्रोलियम मंत्री ने कहा है कि शीघ्र ही ईरान और इराक़, दो संयुक्त तेल फ़ील्ड के विस्तार के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं।
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इराक़, पवित्र रौज़ों और आयतुल्लाह सीस्तानी के घर पर हमले की बड़ी साज़िश हुयी नाकाम
Jul ३०, २०१७ १०:४४इराक़ में पवित्र रौज़ों और आयतुल्लाह सीस्तानी के घर को उड़ाने की बहुत बड़ी साज़िश नाकाम हुयी है।
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बग़दाद में आतंकवादी हमलों में 6 की मौत 5 घायल
Jul ३०, २०१७ ०८:५९इराक़ की राजधानी बग़दाद में विभिन्न आतंकवादी हमलों में कम से कम 6 लोगों की मौत जबकि 5 अन्य घायल हो गए हैं।
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इराक़ में अभी भी 7 हज़ार तकफ़ीरी आतंकवादी मौजूद हैं
Jul २८, २०१७ २०:३६इराक़ी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि देश में क़रीब 7 हज़ार दाईशी आतंकवादी मौजूद हैं।
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दाइश विरोधी कार्यवाही जारी रहेगीः अलएबादी
Jul २७, २०१७ ०५:०८इराकी प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा है कि अतिग्रहित क्षेत्रों की पूर्ण स्वतंत्रता तक आतंकवादी गुट दाइश विरोधी कार्यवाही जारी रहेगी।
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मूसिल में दाइश की सरकार के भयानक परिणाम (१) ।
Jul २३, २०१७ १३:५०इराक में आतंकवादी संगठन दाइश की तथाकथित खिलाफत और सरकार, मूसिल पर इराकी सेना के क़ब्ज़े के साथ ही खत्म हो गयी लेकिन यह शासन और यह खिलाफत, मूसिल और इराकी जनता के लिए बहुत मंहगी साबित हुई।