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ईश्वरीय वाणी-१२
Mar ०७, २०१६ १२:३०पवित्र क़रआन के सूरए अनआम की 32वीं आयत में आया हैः संसार का जीवन खेल तमाशे के अतिरिक्त कुछ नहीं और परलोक, ईश्वर से डरने वालों के लिए सबसे अच्छा ठिकाना है।
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ईश्वरीय वाणी-११
Mar ०७, २०१६ १२:२३सारी प्रशंसा ईश्वर के लिए है जिसने आकाशों और धरती की रचना की और उनमें अंधकार तथा प्रकाश बनाया परंतु काफ़िर, लोगों व वस्तुओं को अपने पालनहार का समकक्ष ठहराते हैं।
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मौलाना जलालुद्दीन मौलवी-11
Mar ०२, २०१६ १३:४६मौलाना के उच्च विचारों का दुनिया की बहुत सी ज़बानों में अनुवाद हुआ है और बहुत से विद्वान उनके विचारों से प्रभावित रहे हैं।
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ईश्वरीय वाणी-९
Oct २६, २०१५ १३:५४सूरे माएदा की आयत संख्या 27 से 31 धरती पर पहले मनुष्य व पहले ईश्वरीय दूत हज़रत आदम और उनके दो बेटों में से एक के दूसरे के हाथों क़त्ल किए जाने की घटना की ओर संकेत करती है।
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ईश्वरीय वाणी-८
Oct १९, २०१५ १३:५१कुरआने मजीद के पांचवें सूरे का नाम माएदा है।
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ईश्वरीय वाणी-७
Oct ०७, २०१५ १३:४६पवित्र क़ुरआन के एक सूरे का नाम निसा है जिसका अर्थ होता है महिलाएं।
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ईश्वरीय वाणी-१
Aug १८, २०१४ १०:५३पवित्र क़ुरआन चमकता हुआ सूर्य है जो अपने प्रकाशमयी मार्गदर्शन से अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है और परिपूर्णता तक पहुंचता है।
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ईश्वरीय वाणी-३
Aug ३०, २०१४ ११:०९पवित्र क़ुरआन का सबसे बड़ा सूरा सूरए बक़रह है जिसमें 286 आयते हैं।
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ईश्वरीय वाणी-४
Sep ०३, २०१४ ११:२३पवित्र क़ुरआन के सूरए आले इमरान में आया है कि अलिफ़ लाम मीम, अल्लाह जिसके अतिरिक्त कोई ईश्वर नहीं है और वह सदैव जीवित है और हर वस्तु उसी की कृपा से स्थापित है।
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ईश्वरीय वाणी-५
Dec १७, २०१४ १३:३१सूरए आले इमरान पवित्र क़ुरआन का तीसरा सूरा है