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वीडियो रिपोर्टः प्रतिरोध का रास्ता आशूरा का रास्ता है, अमेरिका और इस्राईल को कर्बला की संस्कृति से सबसे ज़्यादा डर
Aug ३१, २०२० १६:०५हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने आशूरा के दिन दिए अपने भाषण में कहा कि आज अमरीका असत्य व अत्याचार का प्रतीक है जो देशों पर हमले करके उनकी संपत्ति लूटता है ... आज असत्य के मुक़ाबले में जो संगठन और मोर्चे सत्य के साथ हैं और उससे क़दम से क़दम मिलाकर चल रहे हैं और अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, यह सभी वही प्रतिरोध आंदोलन हैं। वे मोर्चे जो इस्राईल का डटकर मुक़ाबला कर रहे हैं और इस अवैध ज़ायोनी शासन को स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि,जिस तरह पिछले बरसों में हम लेबनान, फ़िलिस्तीन, यमन, ...
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मुस्तफ़ा अलअदीब को लेबनान की संसद से मिला विश्वासमत, अंतरिम सरकार का गठन करेंगे
Aug ३१, २०२० १२:३९मुस्तफ़ा अलअदीब को लेबनान की संसद से विश्वासमत मिलने के बाद राष्ट्रपति ने उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया है और सरकार गठन का न्योता दिया है।
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लेबनान, बैरूत धमाके के बाद, बैरूत में आतंकी हमले की कोशिश, धरा गया दाइश का सरग़ना
Aug २६, २०२० १६:२७लेबनान की सेना ने सेना और सुरक्षा बलों पर आतंकी हमला करने की योजना बनाने वाले दाइश के एक सरग़ना को धर दबोचा है।
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वीडियो रिपोर्टः हिज़्बुल्लाह के जियालों से डरे इस्राईली सैनिकों की खुली पोल, अभी तो शुरुआत है आगे देखें होता है क्या!
Aug २६, २०२० १६:११इस्राईली सैनिकों के इस हमले में लेबनान के एतरून इलाक़े में स्थित दो घरों को नुक़सान पहुंचा है, इसी तरह दक्षिणी लेबनान के कुछ भागों में अवैध फ़िलिस्तीन से मिली सीमा पर आग लग गई। ज़ायोनी शासन की तथाकथित शक्तिशाली और होशियार सेना, प्रतिरोध के मुंहतोड़ जवाब के डर से दूसरी बार काल्पनिक झड़प करने पर मजबूर हो गई है, इस्राईली सैनिकों का यह डर जहां उनकी कमज़ोरी को खुल कर दर्शा रही है वहीं उनके दिलों में प्रतिरोध के जियालों को लेकर डर को भी दिखा रही है।
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लेबनान में ईरान की मुहिम ख़त्म, बैरूत धमाके के 3500 घायलों का सफल इलाज
Aug २२, २०२० ०६:२३ईरान की रेड क्रिसेन्ट सोसायटी के फ़ील्ड अस्पताल के प्रबंधक ने लेबनान के लिए अस्पताल की मानवता प्रेमी गतिविधियों की समाप्ति की सूचना दी और कहा कि इस अवधि में 3500 बीमारों और घायलों का इलाज किया गया।
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रफ़ीक़ हरीरी की हत्या में इस्राईल का हाथ था, बैरूत बंदरगाह के धमाके में भी इस्राईल लिप्त हैः अतवान
Aug १९, २०२० १०:५७मशहूर अरबी समाचारपत्र रायुल यौम के प्रधान संपादक ने अपने संपादकीय में लिखा है कि जिस तरह रफ़ीक़ हरीरी की हत्या में ज़ायोनी शासन का हाथ था, उसी तरह बैरूत के जनसंहार में भी वह लिप्त है।
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वीडियो रिपोर्टः बैरूत बंदरगाह पर जिस जहाज़ में धमाका हुआ उसके कैप्टन ने खोले कई नए राज़, लेबनान में जलती आग में कौन डाल रहा है घी?
Aug १३, २०२० १६:२६लेबनान के राजनीतिक दोहन के प्रयास में हैं, जैसाकि वॉल स्ट्रीट जनरल ने सूचना दी है कि, अमेरिका ने कई राजनीतिक हस्तियों और उद्योगपतियों पर प्रतिबंध लगाने का मन बनाया हुआ है। लेबनान में अमेरिका के पूर्व राजदूत जेफ़री फ्लिपमैन ने कहा है कि, लेबनानी संसद में ईसाइयों के सबसे बड़े धड़े के नेता और इस देश के पूर्व विदेश मंत्री जुबरान बसील पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए, इस तरह की कार्यवाही यह दर्शाती है कि अमेरिका पूरे ....
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लेबनान में फ़्रान्स की भूमिका और अमरीका से मतभेद
Aug १३, २०२० ११:१३लेबनान में राजनितिज्ञ एक ऐसी व्यापक सरकार के गठन की मांग कर रहे हैं जो नई शैलियों के साथ नए समाधान पेश कर सके और सन 1992 से लेबनान में गठित होने वाली राष्ट्रीय एकता की सरकारों से पूरी तरह अलग हो लेकिन फ़्रान्स के राष्ट्रपति एमानोएल मैक्रां ने अपनी लेबनान यात्रा के दौरान ऐसी कोई योजना और कार्यक्रम पेश नहीं किया जो इस बारे में लेबनानियों की मांग को पूरा करता हो।
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वीडियो रिपोर्टः लाशों के ढेर पर अपना हित साधने वाले, लेबानान में हुए सक्रिय, लेबनान में जारी उपद्रव के बीच साज़िशकर्ताओं के चेहरे आने लगे सामने!
Aug १०, २०२० १६:१०अपने लक्षयों को साधने के लिए पहले से तैयार इस उपद्रव की योजना को व्यवहारिक बनाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों ने तैयार कर रखी थी। इस तनावपूर्ण स्थिति में अमेरिकी दूतावास का बयान तस्वीर साफ कर देता है, बैरुत धमाके के बाद पैदा हुई तनाव की स्थिति के बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति का लेबनान दौरा इस उपद्रव की शुरुवात थी। अराजक्ता और प्रतिरोध को कमज़ोर करने के उद्देश्य से आम लोगों पर दबाव, इस योजना का हिस्सा है। लेकिन आम लोगों की जागरुक्ता, संप्रभुता की सतर्कता और प्रतिरोध इस बात की इजाज़त नहीं देंगे कि ...
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लेबनान में फिर अशांति, किधर ले जाना चाहते हैं लेबनान के दुश्मन, बैरूत धमाके की अंतर्राष्ट्रीय जांच के पक्षधर, क्या साज़िश कर रहे हैं?
Aug १०, २०२० ०३:५९लेबनान में अभी बैरूत घटना की जांच शुरु ही हुई है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन करके ज़िम्मेदारों की गिरफ़्तारी और उनको सजाएं देने का की मांग की। प्रदर्शन लेबनान की संसद के सामने हुए। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गये और उन्होंने सुरक्षा बलों पर हमले शुरु कर दिए।