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इस्राईली सैनिकों के ख़िलाफ़ मिस्री जवानों की कार्यवाही का विवरण
Sep १०, २०२४ १८:०३पार्सटुडे- फ़िलिस्तीन के समर्थक दो मिस्री जवानों ने अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन के साथ मिस्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में ज़ायोनी सरकार के ख़िलाफ़ कार्यवाही अंजाम दी।
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इस्राईली सैन्य अधिकारियों की मिस्र में आई शामत
May ०८, २०२४ ११:४६व्यापारी के भेस में सक्रिय इस्राईली सैन्य अधिकारी की मिस्र में हत्या की गई।
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सीना मरुस्थल की ओर फ़िलिस्तीनियों के जबरन निष्कासन का मुद्दा, मिस्र ने किया खंडन
Feb १७, २०२४ १५:४३मिस्र सरकार ने सीना मरुस्थल में फ़िलिस्तीनियों के जबरन स्थानांतरण में मिस्र की भागीदारी की रिपोर्टों का खंडन किया है।
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सीना मरूस्थल जाने के बजाए ग़ज़्ज़ा में शहीद होने को वरीयता देंगेः फ़िलिस्तीनी पलायनकर्ता
Feb १४, २०२४ १७:०२फ़िलिस्तीनी पलायनकर्ताओं ने ठान लिया है कि वे किसी भी सूरत में अपनी मातृभूमि को नहीं छोड़ेंगे।
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इस्राईल और मिस्र के संबंधों में खटास, इस्राईली अधिकारियों की चिंता बढ़ी
Feb ०६, २०२४ १०:१८इस्राईली मीडिया का कहना है कि मिस्र ने संबंधों को सामान्य बनाने के समझौते को ख़त्म करने की धमकी दी है।
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इस्राईली हमलों और उसके द्वारा अपमान पर मिस्र की चुप्पी कब तक? ग़ज़्ज़ा की तस्वीरें देखने के बाद अरब शासकों के कैसे रातों में आ रही है नींद?
Jan १४, २०२४ १७:२१अरब जगत के जाने-माने पत्रकार अब्दुल बारी अतवान ने अपने एक लेख के ज़रिए यह सवाल पूछा है कि अवैध आतंकी इस्राईली शासन के पाश्विक हमलों और उसके द्वारा अपमान पर मिस्र कब तक चुप रहेगा?
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लेबनान पर इस्राईल को हमला मंहगा पड़ा, मिस्र ने वार्ता रोकी
Jan ०३, २०२४ १७:१८मीडिया सूत्रों का कहना है कि ज़ायोनी शासन और फ़िलिस्तीन के इस्लामी आंदोलन हमास के बीच मध्यस्थता की मिस्र की प्रक्रिया गतिरोध का शिकार हो गयी है।
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पवित्र क़ुरआन के नूर से जगमाता ईरान, इब्ने आशूब और आयतुल्लाह जवादी के क़ुरआन की व्याख्याओं को किया जाएगा सम्मानित
Jan ०२, २०२४ १३:३९तेहरान में "रेसालातुल्लाह" शीर्षक के तहत पवित्र क़ुरान के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में, ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी और दर्शनशास्त्री आयतुल्लाह जवादी आमुली और मिस्र के इब्ने आशूब द्वारा पवित्र क़ुरआन की लिखी गई व्याख्याओं को सम्मानित किया जाएगा।
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ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम के लिए यूएई, जार्डन और मिस्र हुए सक्रिय
Dec २५, २०२३ १९:४५ग़ज़्ज़ा की वर्तमान स्थिति को देखते हुए वहां पर तत्काल संघर्ष विराम के लिए कोशिशें की जा रही हैं।
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सबके लिए सिद्ध हो चुका है कि ज़ायोनी शासन, शांति के लिए ख़तरा हैः रईसी
Dec २३, २०२३ १८:०४स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने अवैध ज़ायोनी शासन को कैंसर का फोड़ा बताया था जो क्षेत्र की अशांति का कारण है।