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इस्राईल को सता रहा है ईरान और हिज़्बुल्लाह से संभावित युद्ध का डर
Jun ०६, २०२३ ११:११इस्राईल के रक्षा मंत्री का कहना है कि क्षेत्र में अगर युद्ध भड़का, तो ज़ायोनी शासन को अभूतपूर्व ख़तरे का सामना करना होगा।
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सूडान में फिर हुई संघर्ष विराम की घोषणा, कब तक चल पाएगा यह सिलसिला?
May २१, २०२३ ०९:०९सूडान में संघर्षरत पक्ष, एक सप्ताह के संघर्ष विराम पर फिर सहमत हुए हैं।
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बखमूत नगर पर रूस का नियंत्रण
May २१, २०२३ ०७:२८रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की है कि बखमूत नगर अब रूसी सेना के नियंत्रण में है।
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सूडान की स्थति को लेकर राष्ट्रसंघ चिंतित
May १८, २०२३ १९:५४संयुक्त राष्ट्रसंघ का कहना है कि सूडान बहुत तेज़ी से एक त्रासदी की ओर बढ़ रहा है।
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पश्चिम ही तीसरे विश्व युद्ध की ज्वाला भड़का रहा हैः मेदवेदेव
May १३, २०२३ १३:३९मेदवेदेव कहते हैं कि अमरीका के नेतृत्व में पश्चिम ही तीसरे विश्व युद्ध की ज्वाला भड़का रहा है।
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पश्चिम ही तीसरे विश्व युद्ध की ज्वाला भड़का रहा हैः मेदवेदेव
May १३, २०२३ १३:३९मेदवेदेव कहते हैं कि अमरीका के नेतृत्व में पश्चिम ही तीसरे विश्व युद्ध की ज्वाला भड़का रहा है।
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ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू करने वाले आज बातचीत करने पर मजबूर: आईआरआईबी प्रमुख
Mar १२, २०२३ १५:३६ईरान की रेडियो और टीवी संस्था आईआरआईबी के प्रमुख ने हालिया दिनों में महिलाओं की स्थिति और उनके सम्मान को निशाना बनाकर देश में अशांति पैदा करने की कोशिश की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह सब दुश्मनों द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ आरंभ किए गए समग्र युद्ध का हिस्सा है।
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यूक्रेन युद्ध को दूसरे हवा दे रहे हैंः पोप फ्रांसिस
Mar १२, २०२३ १२:२०पोप फ्रांसिस का कहना है कि वे यूक्रेन और रूस दोनों की एक साथ यात्रा करना चाहते हैं।
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यूक्रेन में विदेशी लड़ाके सक्रियः रूस
Mar १०, २०२३ ११:५६रूस का कहना है कि यूक्रेन की सहायता के बहाने पश्चिमी देश लड़ाकों को वहां भेज रहे हैं।
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20 साल जेल, न चला मुक़दमा न हुई सुनवाई, अब मिली रिहाई, मानवाधिकार संगठन इनपर कब करेगा कार्यवाही? सबसे पुराना लोकतांत्रिक देश सबसे बड़ा तानाशाह!
Feb २५, २०२३ १५:१९दुनिया के सबसे पुराने लोकतांत्रिक देश होने का दावा करना वाला संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाला देश भी है। आज इस धरती का कोई भी कोना नहीं बचा है कि जहां अमेरिका द्वारा अंजाम दिए गए जघन्य अपराधों के निशान न मिलें। उन्हीं निशानियों में से एक “ग्वांतोनामो बे” जेल भी है।