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तेज़ी से संभल रहा है सीरिया...ग़ुस्सा पी जाने का समय हुआ समाप्त...डिमोना मिसाइल अब होगा नया रुजहान...हम ख़ुशख़बरी सुनाते हैं कि इस्राईल डूब रहा है
Apr २४, २०२१ १९:४२जब एक मिसाइल इस्राईल के डिमोना परमाणु केन्द्र के परिसर में पहुंच गया और केन्द्र की हिफ़ाज़त पर तैनात आधुनिक मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम उसका रास्ता नहीं रोक पाए तो इसका साफ़ मतलब यह है कि इस्राईली प्रतिरोधक शक्ति क्षीण होती जा रही है और इस समय इस्राईली सैनिकों और आम ज़ायोनियों के बीच भय और आतंक का जो माहौल है वह और भी भीषण रूप धारण करने वाला है।
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बग़दाद में सऊदी अरब और ईरान की ख़ुफ़िया वार्ता की रिपोर्टों के खंडन पर इतना ज़ोर क्यों? इतनी तेज़ इस दिशा में रियाज़ सरकार के जाने की वजह क्या है? क्या बड़ा नीतिगत बदलाव होने जा रहा है?
Apr २१, २०२१ २०:३२बीती शताब्दी के 70 के दशक में बुज़ुर्ग सऊदी पत्रकार तुर्की सुदैरी ने अलरियाज़ समाचार पत्र में एक लेख लिखा था जिसमें उन्होंने सरकारी सऊदी मीडिया की आलोचना की थी कि सऊदी अरब और अरब जगत में घटने वाली घटनाओं की कवरेज का उसका तरीक़ा बहुत ख़राब है क्योंकि पत्रकार बड़ी बंदिश में काम करते हैं।
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ईरान के 60 प्रतिशत यूरेनियम संवर्धन के एलान के बाद मध्यपूर्व बिल्कुल अलग चरण में पहुंच चुका है, हिज़्बुल्लाह ने खाने पीने की चीज़ों और ईंधन का भंडारण क्यों शुरू कर दिया?
Apr १८, २०२१ २०:०९यह तो साफ़ है कि नतन्ज़ परमाणु केन्द्र में भारी पैमाने पर युरेनियम संवर्धन शुरु करने का एलान करने के बाद जिसे ध्वस्त कर देने के दावे इस्राईल कर रहा था, ईरान अब बिल्कुल नए चरण में पहुंच गया है।
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क्या वाक़ई ईरान से क़रीब होना चाह रहा है सऊदी अरब? इस बड़े कंडीशनल बदलाव के पीछे कारण क्या है? क्या होगा ईरान का जवाब?
Apr ०७, २०२१ २०:४०सऊदी अरब के अधिकतर अधिकारियों को अकसर यह शिकायत रहती है कि ईरान इलाक़े में अस्थिरता फैला रहा है। लेबनान से लेकिर सीरिया, इराक़, यमन और ख़ुद सऊदी अरब के भीतर तक हर जगह ईरान सक्रिय है मगर हमारे विचार में सऊदी अधिकारियों की सबसे बड़ी ग़लती यही है कि वह इस पूरे इलाक़े में अस्थिरता और अशांति के मूल कारण को देखना ही नहीं चाहते।
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अपना एजेंडा चलाने के लिए कहां कहां से और कैसै कैसे फंड जुटा रहा है आरएसएस? अलजज़ीरा की आंख खोल देने वाली रिपोर्ट
Apr ०२, २०२१ १९:१५अमरीका में 5 संगठन दसियों लाख डॉलर का कोविड-19 राहत फ़न्ड हासिल कर भारत में आरएसएस से जुड़े कट्टरपंथी संगठनों को भेज चुके हैं। ये संगठन भारत में कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े हुए हैं। उनकी इन गतिविधियों पर अमरीका में चिंता जतायी जा रही है।
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क्या पश्चिमी लोकतंत्र हार रहा है और चीनी व रूसी शासन शैली कामयाबी का पर्याय बन गई है?
Mar ३१, २०२१ २०:०१पश्चिमी देशों ने अपनी ख़ास डेमोक्रेसी को दुनिया के लिए आदर्श शासन व्यवस्था के रूप में पहचनवाया और बहुत सी जगहों पर ज़बरदस्ती इसे लागू करवाया।
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सऊदी अरब ने किसको मौत की सज़ा सुनाई है? अमरीका को या ख़ुद को? मास्टर स्ट्रोक खेलने का इशारा दे रहे हैं बिन सलमान!
Mar ३०, २०२१ १९:५४सऊदी अरब की नेशनल आयल कंपनी आरामको के कार्यकारी अधिकारी अमीन बिन हसन अलनासिर ने कहा कि आने वाले 50 साल और उसके बाद के दौर में रियाज़ सरकार चीन में ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देना पसंद करेगी।
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तीसरे विश्व युद्ध से बचने के लिए केसेंजर ने चीन से समझौता कर लेने की नसीहत क्यों दी? ईरान चीन समझौते के बाद परमाणु मुद्दे पर ईरान का स्वर कठोर हो जाने की क्या वजह है?
Mar २८, २०२१ २०:०७अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के धुरंधरों की जब बात होती है तो अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी केसेंजर का नाम ज़रूर लिया जाता है। उन्होंने अमरीका की वर्तमान बाइडन सरकार को नसीहत की है कि बहुत जल्द नई विश्व व्यवस्था के बारे में वह चीन से कोई समझौता कर ले ताकि दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका समाप्त हो और तीसरे विश्व युद्ध का ख़तरा टल जाए।
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अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे, यमन के जवाबी हमले से डरे सऊदी अरब ने फिर की युद्धविराम की नौटंकी, पर यमन के जवाब ने खोली उसकी पोल
Mar २३, २०२१ १४:१०यमन की राष्ट्रीय मुक्ति सरकार ने सऊदी अरब द्वारा युद्धविराम के लिए पेश किए गए प्रस्ताव को हास्यास्पद बताते हुए कहा है कि हमलावर देशों को तुरंत हमले बंद और घेराबंदी समाप्त कर देनी चाहिए।
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अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता टकराव, ऊंट किस करवट बैठेगा?
Mar २२, २०२१ १४:१८अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में चीन और अमेरिका के संबंधों में पैदा हुई कड़वाहट के बारे में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि जो बाइडेन के सत्ता संभालने के बाद दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ती दूरियों में कुछ कमी आएगी लेकिन हालिया दिनों में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों द्वारा दिए गए बयानों से उस उम्मीदों पर पानी फिरता नज़र आ रहा है।