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उत्तर प्रदेश में क़ानून का नहीं धर्म का राज है! बिना जुर्म के लखनऊ का नाबालिग़ बच्चा 11 महीनों तक रहा जेल
Nov २२, २०२० १२:२२भारतीय पुलिस के लिए वैसे तो यह कहावत बिल्कुल फिट बैठती है कि, "जिसकी लाठी उसकी भैंस" जिस प्रदेश में जिसकी सरकार होती है उस प्रदेश की पुलिस सब कुछ वैसा ही करती है जैसा सत्ता पक्ष चाहता है। लेकिन इन सबके बीच लोगों को एक उम्मीद रहती थी, देश की अदालत से और यह देखा जाता था कि न्यायलय आम जनता की उम्मीदों पर पूरा खरा उतरता था। लेकिन अब धीरे-धीरे पुलिस वाली कहावत में भारतीय न्यायपालिका भी शामिल होती जा रही है।
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आज़रबाइजान और लीबिया के बाद क्या तुर्की अब यमन युद्ध में कूदने का इरादा रखता है? क्या सऊदी नरेश ने इसीलिए अर्दोग़ान को किया फ़ोन?
Nov २२, २०२० ०८:३७सऊदी अरब के नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान को जी-20 के शिखर सम्मेलन से एक रात पहले फ़ोन करके आपसी मतभेदों को द्विपक्षीय वार्ता से निपटाने पर ज़ोर दिया मगर हमें यह नहीं लगता कि यह टेलीफ़ोन केवल इसलिए रहा होगा कि अर्दोग़ान ख़ुद शिखर सम्मेलन में भाग लें और किसी अन्य अधिकारी को अपनी जगह न बिठाएं।
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मानवाधिकारों का हनन, ख़ाशुक़जी हत्याकांड और यमन की बर्बर जंग बन गए सऊदी अरब के गले की फांस...जी-20 शिखर सम्मेलन को लेकर संजोए गए सपने हवा होते जा रहे हैं
Nov २१, २०२० १५:३२सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ शनिवार को जी-20 शिखर सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे हैं। इस वर्चुअल समिट में इस प्रभावशाली गुट के राष्ट्राध्यक्षों को भाग लेना है लेकिन सम्मिलित के स्तर को लेकर संदेह के बादल छा गए हैं।
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चीनी अख़बार का सुझाव, भारत को अब ज़रूरत है कि अपने पांव पर कुल्हाड़ी मारना बंद करे और ज़रा अक़्ल से काम ले, हालात का संभालने के लिए अभी ज़्यादा देर नहीं हुई!
Nov २१, २०२० ११:०१चीन की सत्ताधारी पार्टी के अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ ने शिनहुआ युनिवर्सिटी में रणनैतिक मामलों के विशेषज्ञ कियान फ़ेंग का एक संपादकीय लेख प्रकाशित किया है जिसमें भारत को यह सुझाव दिया गया है कि वह ख़ुद को नुक़सान पहुंचाना बंद करे और कुछ समझदारी दिखाए।
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यमन-सऊदी अरब सीमा पर बफ़र ज़ोन बनाने का क्या है माजरा? क्या बाइडन के वाइट हाउस में क़दम रखने से पहले युद्ध बंद करने की यह गंभीर कोशिश है?
Nov २०, २०२० २१:३३इस समय सऊदी अरब प्रशासन को जो चीज़ सबसे ज़्यादा पीड़ा पहुंचा रही है वह यमन की सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से राजधानी रियाज़ पर किए जाने वाले मिसाइल हमले हैं क्योंकि सऊदी अरब की मेज़बानी में जी-20 का शिखर सम्मेलन होने जा रहा है।
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सऊदी अरब ने कहा हम केवल इसलिए अपने क़ानून नहीं बदल सकते कि कोई व्यक्ति इन्हें पसंद नहीं करता...क्या बाइडन के ख़िलाफ़ रियाज़ सरकार ने शुरू कर दी है अपनी लड़ाई?
Nov २०, २०२० ११:४२जैसे जैसे जी-20 शिखर सम्मेलन की तारीख़ क़रीब आ रही है कि सऊदी अरब का लहजा धीरे धीरे कठोर होता जा रहा है। सऊदी अरब को इस शिखर सम्मेलन का बड़ा इंतेज़ार था कि इससे वह अपनी छवि सुधारने की कोशिश करेगा लेकिन कोरोना वायरस की महामारी ने सारा खेल बिगाड़ दिया। यह सम्मेलन अब वर्चुअल होगा जबकि मानवाधिकारों के हनन के गंभीर आरोपों के कारण कई देशों ने अपने प्रतिनिधित्व का स्तर घटा दिया है।
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चीन के बारे में रखती हैं बेहद कठोर विचार...सऊदी अरब से दो टूक बात करने की पक्षधर...अमरीका की पहली महिला रक्षा मंत्री बन सकती हैं मिशेल फ़्लोरन्वाय
Nov १९, २०२० २०:५८अमरीका में वैसे तो बड़े बड़े पदों पर महिलाएं नियुक्त हुई हैं मगर उप राष्ट्रपति पद की तरह रक्षा मंत्री का पद भी एसा है जिस पर अब से पहले तक कोई महिला नहीं बैठी मगर इस बार जैसे कमला हैरिस रिकार्ड बना रही हैं और अमरीका के उप राष्ट्रपति का पद संभाल रही हैं, अटकले हैं कि उसी तरह मिशेल फ़्लोरन्वाय अमरीका की पहली महिला रक्षा मंत्री भी नियुक्त हो सकती हैं।
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ट्रम्प के घटकों के लिए डरावना सपना हैं जो बाइडन
Nov १९, २०२० १७:०५अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प चुनाव हार गए लेकिन यह केवल उनकी हार नही हैं बल्कि इससे फ़ार्स खाड़ी के तानाशाहों के सपनों को भी गहरा आघात पहुंचा है।
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फ़्रांस के दो बड़े अख़बारों की पड़ताल...पैग़म्बरे इस्लाम के अनादर से गंभीर संकट में फंस गया फ़्रांस...उबर पाना कठिन...ईसाई देश भी कर रहे हैं आलोचना
Nov १८, २०२० १८:५४फ़्रांस के दो मशहूर अख़बारों ने अलग अलग लेख में उस संकट का जायज़ा लिया है जिसमें पैग़म्बरे इस्लाम के अनादर पर आधारित कार्टून के प्रकरण के चलते यह देश फंस गया है।
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अलक़ायदा के सरग़ना की हत्या का ख़ुलासा अब क्यों? इलाक़े से सैनिकों को निकालना अमरीका की हार का एलान है या ईरान के जवाबी हमले से सैनिकों को बचाने की कोशिश?
Nov १७, २०२० ११:०६ट्रम्प प्रशासन ने अभी तीन दिन पहले यह ख़ुलासा किया कि इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी मुसाद से जुड़ी टीम ने तीन महीना पहले तेहरान में अलक़ायदा के नंबर 2 सरग़ना अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह और उसकी बेटी और ओसामा बिन लादेन की बहू मरियम की हत्या कर दी थी।