-
डिक्टेटरों से है ख़ास मुहब्बत, हमेशा वाइट हाउस में बने रहने का सपना देख रहे हैं अमरीकी राष्ट्रपति...ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध और अमरीका में गृहयुद्ध की आग लगा सकते हैं ट्रम्प!
Sep २५, २०२० १३:१६ट्रम्प ने अपनी मंशा बयान करते हुए आन द रिकार्ड पत्रकारों की भीड़ में कहा कि शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं होगा बल्कि उनकी सत्ता आगे भी जारी रहेगी। इसका मतलब यह है कि ट्रम्प को अपने डिक्टेटर साथियों को देखकर जलन हो रही है और वह भी ख़ुद को इसी पोज़ीशन में देखना चाहते हैं।
-
अमरीकी मैगज़ीन नेशनल इंट्रेस्टः बाइडन को ईरान से परमाणु समझौते का मौक़ा गवांना नहीं चाहिए वरना रूहानी नहीं उस नेता से बात करनी होगी जो अमरीका के बारे में कठोर नीति का पक्षधर होगा!
Sep २४, २०२० २०:०४अमरीकी मैगज़ीन नेशनल इंट्रेस्ट ने रियान कोस्टीलो का लेख प्रकाशित किया है जिसमें लेखक का कहना है कि अगर जो बाइडन चुनाव जीतते हैं तो उन्हें ईरान से किया गया परमाणु समझौता बहाल करना चाहिए और ईरान से वार्ता का सिलसिला फिर से आगे बढ़ाना चाहिए।
-
हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर की हत्या का मामला इस समय क्यों उठा रही है इस्राईली इंटैलीजेन्स? क्या उसी आप्रशेन में जनरल सुलैमानी को भी क़त्ल करने से बुश ने रोका था?
Sep २२, २०२० ०८:४७हालिया समय एसा है कि इस्राईली सैन्य विभाग हिज़्बुल्लाह के इंतेक़ाम के डर से बुरी तरह बौखलाया हुआ है तो बार बार इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी मुसाद के तथाकथित कारनामों के बारे में इंटैलीजेन्स रिपोर्टें लीक की जा रही हैं और हिज़्बुल्लाह के बड़े कमांडरों की टारगेट किलिंग की योजना को लागू करने के बारे में बारीकियां बयान की जा रही हैं।
-
पोम्पेयो ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध और जवाबी कार्यवाही का कर रहे हैं इंतेज़ार...क्या अमरीका अब ईरान की नौकाएं और जहाज़ पकड़ेगा? ईरान का जवाब क्या होगा?
Sep २१, २०२० १०:०३अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने रविवार को एलान किया कि उनकी सरकार ने ईरान पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगाए गए सारे प्रतिबंधों को जो स्थगित किए जा चुके हैं फिर से बहाल कर दिया है और जो भी देश इन प्रतिबंधों पर अमल नहीं करेगा उसे ख़मियाज़ा भुगतना पड़ेगा।
-
इस्राईल से दोस्ती के मुद्दे पर सऊदी नरेश और क्राउन प्रिंस में विवाद की ख़बरों में क्या हक़ीक़त है? सऊदी अरब के भीतर और इलाक़े पर इसका क्या होगा असर?
Sep २०, २०२० १०:०३अमरीकी अख़बार वाल स्ट्रीट जरनल जो राष्ट्रपति ट्रम्प के क़रीब समझा जाता है सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के बीच इस्राईल के साथ शांति समझौते को लेकर गहरे मतभेद का दावा कर रहा है। इस रिपोर्ट में अगर सत प्रतिशत न सही तो कुछ न कुछ सच्चाई ज़रूर है क्योंकि सऊदी अरब के भीतरी हालात को देखकर यही लग रहा है।
-
इस्राईल ने फिर दी सैयद हसन नसरुल्लाह को क़त्ल करने की धमकी...ट्रम्प कहते हैं कि बश्शर असद की हत्या का प्रोग्राम रोक दिया...यह कैसी बयानबाज़ी है?
Sep १९, २०२० ०९:४४क्या यह केवल संयोग है कि जब अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद की हत्या की योजना का ख़ुलासा किया तो ठीक उसी समय इस्राईली जनरल अमीर बरआम ने कहा कि इस्राईल ने हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह के क़त्ल की योजना बनाई थी।
-
क्या ईरान और तुर्की शीया सुन्नी एकता का सफल उदाहरण बन रहे हैं?
Sep १७, २०२० १६:३४ईरान एक शीया बाहुल क्षेत्र है और तुर्की में सुन्नी समुदाय के लोगों की बड़ी आबादी बसती है। दोनों देशों की जनसंख्या लगभग बराबर है। ईरान इस्लामी क्रांति आने से पहले तक अमरीका का बहुत क़रीबी घटक था और क्रांति आने के बाद अमरीका उसका दुशमन बन गया है तो तुर्की भी लंबे समय से अमरीका का क़रीबी घटक और नैटो का संस्थापक सदस्य रहा है मगर रजब तैयब अर्दोग़ान के शासन काल में अब फ़्रांस के राष्ट्रपति मैकक्रां कह रहे हैं कि तुर्की हमारा पार्टनर नहीं रह गया है और उसे कड़ी सज़ा देने की तैयारी की जानी चाहिए।
-
अरब सरकारों को ज़ायोनी शासन की रक्षा का साधन समझता है अमरीका
Sep १७, २०२० १४:०५ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस्राईल की गोद में जा बैठने की अरब सरकारों की लालसा पर अलग अलग अवसरों पर टिप्पणियां की हैं इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं
-
चीन के साथ सीमा विवाद में आख़िर क्या छिपा रही है मोदी सरकार? जनता करे बहिष्कार सरकार करे कारोबार!
Sep १७, २०२० १२:१३भारत की मोदी सरकार ने बुधवार को इस देश के उच्च सदन (राज्यसभा) में कहा है कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है। मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है। चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
-
बहरैन और इमारात की जनता जंग से थक चुकी है मगर वह फ़िलिस्तीन की जंग नहीं यमन की जंग है, दोनों सरकारों ने इस्राईल से समझौता करके ख़ुद को जंग में झोंक दिया है!
Sep १७, २०२० ११:२७ग़ज़्ज़ा पट्टी से जो मिसाइल फ़ायर किए गए और जाकर दक्षिणी इस्राईल के उसदूद और असक़लान शहरों पर उस समय गिरे जब वाइट हाउस में इस्राईली प्रधानमंत्री नेतनयाहू और इमारात व बहरैन के विदेश मंत्रियों की उपस्थिति में तथाकथित शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो रहे थे उनसे यह साबित हुआ कि इस समझौते की कोई हैसियत नहीं है।