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अंसारुल्लाह ने कहा संघर्ष विराम का समय बढ़ाने की शर्त है कि सऊदी अरब इसका सम्मान करे
Jun ०२, २०२२ १२:०१अमरीका ने कहा है कि यमन में युद्ध विराम शांति का महत्वपूर्ण अवसर है और सनआ-क़ाहेरा के बीच उड़ानों का जारी रहना स्वागत योग्य है।
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अगर परमाणु समझौता हो जाता तो अच्छा होता, हम ईरान की ओर हाथ बढ़ाये हुए हैं" सऊदी अरब
Jun ०२, २०२२ ०७:५२सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता फार्स खाड़ी के देशों के दृष्टिकोण के आधार पर होनी चाहिये।
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बिन सलमान की तुर्की यात्रा अधर में, सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ की हालत ख़राब
Jun ०१, २०२२ १५:१५अपने बाप की बीमारी के कारण मुहम्मद बिन सलमान की तुर्की यात्रा अधर में पड़ गई है।
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ज़ायोनियों के मुक़ाबले में हिज़बुल्लाह को फिर मिली विजय
Jun ०१, २०२२ १४:३५ज़ायोनी संचार माध्यमों ने नबी बेर्री के फिर से संसद सभापति बनने को हिज़बुल्लाह के दुश्मनों की हार बताया है।
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सऊदी अरब में सरकारी कर्मचारियों की धरपकड़ हुई तेज़
Jun ०१, २०२२ १३:५८सऊदी अरब में सरकारी कर्मचारियों की धरपकड़ बहुत तेज़ कर दी गई है।
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हज़रत अब्बास के रौज़े के निकट लगी आग
Jun ०१, २०२२ ११:३०इराक़ के पवित्र नगर करबला में मौला अब्बास के रौज़े के निकट आग लगने की बात सामने आई है।
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मस्जिदुल अक़सा में झड़प, 4 इस्राईली सैनिक और 3 फ़िलिस्तीनी घायल
Jun ०१, २०२२ ०४:१८मंगलवार को मस्जिदुल अक़सा में फ़िलिस्तीनियों और ज़ायोनी सैनिकों के बीच झड़प में चार ज़ायोनी सैनिक और तीन फ़िलिस्तीनी नागरिक ज़ख़्मी हो गए।
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लेबनानी युवाओं को तबाह करने की सऊदी शहज़ादे की साज़िश, ख़ुफ़िया तंत्र के निशाने पर लेबनानी युवा...+ फ़ोटोज़
May ३१, २०२२ १३:२५एक लेबनानी वेबसाइट ने बैरूत में 18 किलोग्राम केप्टागन के साथ गिरफ़्तार होने वाले सऊदी सुरक्षा अधिकारी के बारे में अधिक ब्योरा जारी कर दिया है।
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नेसेट में बेनेट के विरोध का विपक्ष ने लिया संकल्प
May ३१, २०२२ १२:४८ज़ायोनी शासन की संसद में विपक्षी दलों के गठबंधन के नेताओं ने बेनेट कैबिनेट के फ़ैसलों और योजनाओं का विरोध करने का एलान किया है।
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वीडियो रिपोर्टः बैतुल मुक़द्दस और मस्जिदुल अक़्सा के लिए मुश्किलों भरे दिन! अपनी जान पर खेलकर आतंकी ज़ायोनियों को मुक़ाबला करते फ़िलिस्तीनी जियाले
May ३१, २०२२ १०:१०बैतुल मुक़द्दस शहर में आजकल जिस तरह की झड़पें देखने को मिल रही हैं वैसी झड़पें वर्ष 1967 के बाद से देखने को नहीं मिली थी। बैतुल मुक़द्दस के पुराने इलाक़े में चरमपंथी ज़ायोनियों के विवादित फ्लैग मार्च को सुरक्षित बनाने के लिए 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी, आतंकी सैनिकों और ख़ूंख़ार कुत्तों को तैनात किया गया था।अगर इतनी भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी न होते तो चरमपंथी ज़ायोनी कभी भी बैतुल मुक़द्दस पर हमला करने का साहस नहीं कर पाते। इतनी भारी तादाद में सुरक्षा बलों की तैनाती यह दर्शाती है कि चरमपंथी ...