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क्यों फ़रवरी 2020 में दिल्ली में हिंसा, हिंसा नहीं बल्कि जातीय सफ़ाया थी, जातीय सफ़ाये के 10 चरण में भारत पांचवें चरण मेंःजेनोसाइड वॉच
Feb २४, २०२१ १८:३३हिंसा सुनियोजित व सिस्टमैटिक थी जिससे ज़ाहिर होता है कि भारतीय अधिकारी भी सहापराधी थे।
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सऊदी अधिकारी नहीं सो पा रहे हैं चैन की नींद, वाशिंग्टन से लगातार आ रहे हैं ख़तरनाक इशारे, बिन सलमान का विकल्प ढूंढ चुके हैं बाइडन?
Feb २४, २०२१ १०:१७सऊदी अरब को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की गुप्त रिपोर्ट का शिद्दत से इंतेज़ार है जिसमें सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की निर्मम हत्या के संबंध में कुछ नए ख़ुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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कोई भी अमरीकी राष्ट्रपति इस्राईल के परमाणु हथियारों के बारे में बात क्यों नहीं करता? क्या है ख़ुफ़िया वचन?
Feb २२, २०२१ १९:४८20 जनवरी को अमरीकी राष्ट्रपति पद संभालने के बाद 17 फ़रवरी तक जो बाइडन ने इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू को पहली टेलीफ़ोन काल के लिए इंतज़ार करवाया। वाशिंगटन के कुछ जानकार सूत्रों ने निष्कर्ष निकाला कि इस सर्द मिजाज़ी का मतलब यह है कि बाइडन ने अभी तक उस "पत्र" पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिसमें इस्राईल, नियमित रूप से अमरीकी राष्ट्रपतियों से मांग करता है कि वह जब भी क्षेत्र में परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर बात करें तो उसके परमाणु हथियारों का उल्लेख नहीं करें और ज़ायोनी शासन पर परमाणु हथिया
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ईरान की शर्तों के सामने मजबूर होकर झुका अमरीका, इज्ज़त बचाने के लिए थामा यूरोप का दामन...ईरान की कौन सी भाषा है जिसने समीकरणों में कर दिया बुनियादी बदलाव?
Feb २१, २०२१ २१:४६अमरीका की बाइडन सरकार की समझ में आ गया है कि ईरान झुकने वाला नहीं है और परमाणु समझौते से पूरी तरह निकल जाने की उसकी धमकी गंभीर है।
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बाइडन को पता है कि ईरान से प्रतिबंध हटाना चाहिए मगर वह यह काम क्यों नहीं कर रहे हैं? बड़ी बात... न्यूयार्क टाइम्ज़ की एक रिपोर्ट
Feb १९, २०२१ २०:२६अमरीका से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्ज़ ने ईरान पर बाइडन की समस्याओं का जायज़ा लिया है जो रोचक है।
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इस्राईल से हैरत अंगेज़ बयान...लिकुड पार्टी के सांसद ने कहा अब अमरीका को भूल जाना बेहतर, रूस और चीन में बनाई जाए पैठ...ईरान का परमाणु समझौता इस्राईल के गले की फांस
Feb १८, २०२१ १८:०४संयुक्त राष्ट्र संघ में इस्राईल के राजदूत गिलआद अरदान बार बार अमरीका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन से संपर्क कर रहे थे और इस बात पर ज़ोर दे रहे थे कि इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू के लिए उनकी फ़ोन काल बहुत ज़रूरी है।
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भारतीय किसानों का नया कारनामा, अन्नदाता अब बना रोज़गारदाता, मोदी ने छीना किसानों ने दिया
Feb १६, २०२१ १०:२०भारत की राजधानी दिल्ली के बोर्डरों पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। हज़ारों की संख्या में किसान वहां कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी रोज़मर्रा की जरूरतें भी हैं। वहां चल रही दुकानों में बहुत से लोगों को रोज़गार भी मिला है।
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दुनिया का एक ऐसा आंदोलन जो 10 वर्षों से है जारी, जान गई, जेल गए, और गई नागरिकता, लेकिन कम नहीं हुआ हौसला, बहरैन की जनता को सलाम करती दुनिया
Feb १५, २०२१ ११:४७दस साल पहले जब अरब दुनिया में बदलाव की हवा चली तो बहरैन में भी लोग इस आस में सड़कों पर निकले थे कि इस देश के तानाशाह और अत्याचारी शासन को उखाड़ फेंकेंगे, लेकिन इस देश के तानाशाह शासक आंदोलन को कुचलने के लिए सऊदी अरब की उंगली पकड़कर अमेरिका के सामने नमस्तक हो गए।
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बाइडन सरकार की इस्राईल को कड़ी धमकी का क्या मतलब है? नेतनयाहू अपने घटकों पर बोझ क्यों बनते जा रहे हैं?
Feb १५, २०२१ ०९:४१इस्राईल के बड़बोले प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनायहू इन दिनों बुरी तरह अलग थलग पड़ गए हैं जबकि संसदीय चुनाव भी नज़दीक है। कई लक्षणों को देखते हुए कुछ बातों का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।
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बुश व सद्दाम की कहानी मगर इस बार बाइडन व सऊदी अरब... कैसे जाल में फंसाया सऊदी अरब को बाराक ओबामा ने? अब्दुलबारी अतवान का आंख खोल देने वाला लेख
Feb १४, २०२१ १९:१९लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुल यौम के मुख्य संपादक अब्दुलबारी अतवान ने सऊदी अरब और अमरीका के संबंधों का बेहद सटीक जायज़ा पेश किया है।