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सऊदी अरब क्यों इस्राईल से संबंध बनाने में असमंजस का शिकार है, एक बड़ी वजह ईरान से डर, बिन सलमान की समस्याएं, इस्राईली रिसर्च सेन्टर की रोचक रिपोर्ट
Dec १९, २०२० १५:२३इस्राईल के रिसर्च सेन्टर “ बेगीन सेडात सेन्टर फॉर स्ट्रेटजिक स्टडीज़ ” ने अरब देशों में इस्राईल के साथ संबंध बनाने की होड़ के बीच सऊदी अरब के असमंजस पर एक अध्ययन की रिपोर्ट प्रकाशित की है जो पढ़ने योग्य है।
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इस्राईल से संबंध का इनाम! थूक और जूतों से होता है यूएई और बहरैन के लोगों का स्वागत, यहूदियों के दरवाज़े से जाते हैं अंदर... इस्राईली टीवी की रोचक रिपोर्ट
Dec १९, २०२० १२:१२इस्राईल के टीवी चैनल-11 की एक रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब तलाश करने की कोशिश की गयी है कि मस्जिदुल उक्सा पर किसका क़ब्ज़ा है?
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सऊदी अरब और पाकिस्तान में तलाक़! क्या ईरान के खिलाफ साथ न देने की सज़ा है? बन रहा है नया मोर्चा जिसमें भारत का नाम भी... छोटी सी खबर पर रायुल यौम की बड़ी बात ... ज़रूर पढ़ें
Dec १८, २०२० १३:०५हालिया महीनों में सऊदी अरब और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव आया है इतना ज़्यादा कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान से अपना क़र्ज़ वापस मांगना शुरु कर दिया जो असाधारण है और पाकिस्तान ने उसे उसका क़र्जा वापस करना भी शुरु कर दिया। लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम ने इस खबर का जायज़ा लिया है।
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ईरान से मुक़ाबले के बहाने, चार वर्षों तक ट्रम्प जिस शाख़ पर बैठे थे उसे ही काटते रहे
Dec १७, २०२० १९:५२पिछले चार वर्षों के दौरान, अमरीका के आर्थिक प्रतिबंधों ने वेनेज़ुएला और ईरान को पहले से कहीं अधिक वाशिंगटन के पारंपरिक विरोधियों के नज़दीक कर दिया है।
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ट्रम्प एक ही समय में बच्चे भी और ज़ख़्मी सांप भी! व्हाइट हाउस में बने रहने के लिए ट्रम्प की कुछ ऐसी योजना जो ख़ून कि नदियां भी बहा सकती है
Dec १७, २०२० १४:०३इस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की यह स्थिति है कि पूरा अमेरिका ट्रम्प को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहा है कि वह चुनाव हार चुके हैं लेकिन वह एक छोटे से बच्चे की तरह इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका के 2020 के राष्ट्रपति चुनाव पर हर तरह के प्रश्न चिन्ह लगाकर ट्रम्प ने यह भी कोशिश की कि चुनाव के आयोजन की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़ा कर दें, लेकिन उनके इन तमाम प्रयासों के बावजूद अब लगभग सभी अमेरिकी इस बात को मानने लगे हैं कि ट्रम्प चुनाव हार चुके हैं।
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ईरान ने इस्राईल को गहरी चोटें पहुंचाईं मगर किसी को पता नहीं, ईरानी वैज्ञानिक की हत्या पर इस्राईल में डाक्यूमेंन्ट्री, ईरान की ओर से जवाबी कार्यवाही जल्द!
Dec १७, २०२० ११:२३लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम ने हालिया दिनों में इस्राईल में प्रसारित होने वाली एक डाक्यूमेंट्री फिल्म पर चर्चा की है जिसमें पिछले महीने शहीद होने वाले ईरानी परमाणु वैज्ञानिक, मोहसिन फख्रीज़ादे के बारे में भी बात की गयी है।
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शहीद क़ासिम सुलेमानी का बेटी के नाम आख़िरी ख़त, आंखों में आ जाएंगे आंसू...+ वीडियो
Dec १७, २०२० १०:३९ईरान के महान योद्धा जनरल शहीद क़ासिम सुलेमानी ने अपनी शहादत से कुछ महीने पहले अपनी बेटी फ़ातेमा सुलेमानी के नाम एक ख़त लिखा था, जिसमें उन्होंन लिखा था, आह! मेरे जिगर का टुकड़ा, मेरी प्यारी, मेरी ख़ूबसूरत बेटी तुम कहां हो?
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आयतुल्लाह ख़ामनेई के भाषण के 10 अहम बिंदू, शहीद क़ासिम सुलेमानी की विशेषताओं के साथ-साथ ट्रम्प और ओबामा के लिए क्या कहा सर्वोच्च नेता ने....
Dec १६, २०२० १६:२२इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी के परिवार के साथ मुलाक़ात में प्रतिरोध के इस जियाले योद्धा की कई विशेषताओं पर रोशनी डाली, साथ ही उन्होंने कहा कि शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या करने वालों से इंतेक़ाम ज़रूर लिया जाएगा। सर्वोच्च नेता ने इस मुलाक़ात में देश के मज़बूत होने के महत्व और प्रतिबंधों को बेअसर बनाने पर भी प्रकाश डाला।
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अमरीकी प्रतिबंध किस हद तक तुर्की को नुक़सान पहुंचा सकते हैं?
Dec १६, २०२० १६:०१रूस से आधुनिक मिस्राइल प्रणाली एस-400 ख़रीदने के कारण, अमरीका ने सोमवार को तुर्की पर प्रतिबंध लगा दिए, जिसमें सैन्य उपकरणों की सेल और परचेज़ करने वाली एजेंसी प्रेसिडेंसी फ़ॉर डिफ़ेंस इंडस्ट्रीज़ (SSB) को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है।
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इस्राईल और उसके पिट्ठू अरब देशों को मुस्लिम धर्मगुरुओं ने दिया बड़ा झटका, दुनिया भर के इस्लामिक विद्वानों ने षड्यंत्रकारी समझौते से निपटने के लिए बनाई ज़बरदस्त योजना
Dec १६, २०२० १२:५८दुनिया भर के इस्लामिक विद्वानों और धर्मगुरुओं ने एक कान्फ्रेंस का आयोजन करके फ़त्वा जारी किया है। फ़त्वे के मुताबिक़, ज़ायोनी शासन के साथ किसी भी तरह के संबंध स्थापित करना हर रूप में ग़लत है। इस्लामिक विद्वानों और धर्मगुरुओं ने फ़िलिस्तीन के मुद्दे को इस्लामी जगत का सबसे महत्वपूर्ण मामला बताते हुए अरब शासकों द्वारा इस्राईल के साथ बनाए जा रहे सामान्य संबंधों पर गहरी चिंता भी व्यक्त की है।