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इराक़ में आम चुनाव जून में होने हैं लेकिन कुछ धड़ों ने अभी से चुनावी गतिविधियां शुरू कर दीं, क्या यह मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी के लिए संदेश है?
Nov १६, २०२० ११:०९इराक़ में मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी की सरकार ने संसद के समयपूर्व चुनाव के लिए 6 जून 2021 की तारीख़ निर्धारित की है जिसमें अभी काफ़ी समय है लेकिन कुछ राजनैतिक धड़ों ने अपनी चुनावी व प्रचारिक गतिविधियां अभी से आरंभ कर दी हैं।
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वह अरब देश कौन हैं जिन्होंने इस्राईल को मान्यता देने के लिए पाकिस्तान पर डाला भारी दबाव? पाकिस्तान ने जो रास्ता चुना है क्या होगा उसका अंजाम?
Nov १६, २०२० ०६:५२पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपने हालिया इंटरव्यू में देश के आर्थिक हितों को दृष्टिगत रखते हुए उन अरब देशों का नाम नहीं लिया जिन्होंने इस देश पर इस्राईल को मान्यता देने के लिए भारी दबाव डाला था मगर साथ ही उन्होंने बड़े ठोस अंदाज़ में कह दिया कि कुछ चीज़ें हैं जिन पर हरगिज़ समझौता नहीं हो सकता जबकि कुछ मामलों में नर्मी भी दिखाई जा सकती है।
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ग़ज़्ज़ा पर हमला, नेतनयाहू के ख़िलाफ़ इस्राईल में हो रहे प्रदर्शनों से ध्यान हटाने का हथकंडा
Nov १५, २०२० १५:४४ज़ायोनी शासन के युद्धक विमानों ने एक बार फिर ग़ज़्ज़ा पर हमले किए हैं और इन हमलों का लक्ष्य एक बार फिर राजनैतिक संकट को अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की सीमाओं से बाहर ले जाना है।
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सऊदी व इमाराती युवराजों की ओर से ज़ायोनियों के समर्थन का कच्चा-चिट्ठा, इमरान ख़ान की ज़बानी
Nov १५, २०२० १४:०१फ़िलिस्तीनी काॅज़ से विश्वासघात और फ़िलिस्तीन पर अवैध क़ब्ज़ा करने वालों से संबंध स्थापित करने के लिए अरब देशों को तैयार करने में बिन सलमान व बिन ज़ायद की अहम भूमिका, वह सेवा है जो सिर्फ़ ट्रम्प के चुनावी हितों के परिप्रेक्ष्य में की गई है।
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क्या नीतीश कुमार एक बार फिर मारेंगे पलटी, बिहार में सबकुछ ठीक नहीं!
Nov १५, २०२० ०९:०३बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में जहां एक ओर राष्ट्रीय जनता दल सहित उसके सभी सहयोगी दल चुनावी नतीजों में धांधली का आरोप लगा रहे हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के बीच भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और इसीलिए टीकाकारों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर पलटी मारेंगे?
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यमन के ख़िलाफ़ बिन सलमान का युद्ध कब तक जारी रहेगा?
Nov १४, २०२० १९:५६यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के युद्ध ने सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को धराशायी कर दिया है जबकि यह देश यमन में अपना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सका है और यमनी न्यूनतम संभावनाओं के साथ भी अपने देश की रक्षा कर रहे हैं।
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क्या सच में अलक़ाएदा का नंबर-2 ईरान में मारा गया?
Nov १४, २०२० १८:५७न्यूयाॅर्क टाइम्ज़ ने एक काल्पनिक-थ्रिलर थीम वाली कहानी के माध्यम से दावा किया है कि तीन महीने पहले तेहरान में जिस लेबनानी पिता व उसकी बेटी की हत्या कर दी गई थी, वह आतंकी गुट अलक़ाएदा का नंबर-2 था और उसके साथ उसामा बिन लादेन की बहू थी। इस ख़बर के प्रकाशित होते ही सऊदी मीडिया ने सबसे ज़्यादा इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश करना शुरू कर दिया।
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डायब्टीज़ के बीमार को कोरोना हो जाए तो कुछ ख़ास बिंदुओं का ध्यान रखना ज़रूरी है
Nov १४, २०२० १६:१२दुनिया में 14 नवम्बर को विश्व डायब्टीज़ दिवस मनाया जा रहा है तो यह बहस भी ज़रूरी है कि यदि डायब्टीज़ के बीमार को कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाए तो उसे क्या करना चाहिए?
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अपनी आर्थिक नीतियों का बचाव करने पर क्यों मजबूर हुए बिन सलमान? देश को यक़ीन दिलाना चाहते हैं कि उनके सुधार कार्यक्रम ने देश की अर्थ व्यवस्था को बचाया, बाइडन फ़ैक्टर का कितना असर?
Nov १४, २०२० ११:१४सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि उन्होंने जो आर्थिक सुधार किए हैं उनसे देश की अर्थ व्यवस्था और गंभीर संकट में जाने से बच गई क्योंकि रेवेन्यु में भारी गिरावट आ गई है।
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भारत में कोरोना महामारी का धार्मिक बंटवारा जारी, भेदभाव के कारण आने वाले दिनों में कोविड-19 फिर मचा सकता है भारी तबाही!
Nov १४, २०२० १०:२६भारत में कोरोना वायरस के आरंभ से ही इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश शुरू हो गई थी। अब भारत की कुछ राज्य सरकारें, जहां कट्टरपंथी संगठनों से संबंध रखने वाले प्रदेश की बागड़ोर संभाले हुए हैं, वे लोग इस महामारी को अभी भी धार्मिक बंटवारा किए हुए हैं। एक ओर जहां कोविड-19 की वजह से कुछ धर्म के लोगों को उनके धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से उन्हें रोका गया तो दूसरी ओर कुछ धर्म विशेष के लोगों को उनके त्योहारों को मनाने की पूरी छूट दी जा रही है।