प्रधानमंत्री, उप्र चुनाव टालने पर भी विचार करें-हाईकोर्ट
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भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिंता जताई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २४, २०२१ १४:५० Asia/Kolkata
  • प्रधानमंत्री, उप्र चुनाव टालने पर भी विचार करें-हाईकोर्ट

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिंता जताई है।

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त से अनुरोध किया है कि विधानसभा चुनाव में कोरोना की तीसरी लहर से जनता को बचाने के लिए राजनीतिक पार्टियों की चुनावी रैलियों पर रोक लगाई जाए।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।

हाईकोर्ट ने कहा कि संभव हो सके तो फरवरी में होने वाले चुनाव को एक-दो माह के लिए टाल दिया जाए क्योंकि अगर जीवन रहेगा तो चुनावी रैलियां और सभाएं आगे भी होती रहेंगी।

न्यायमूर्ति ने कहा कि अब यूपी विधानसभा का चुनाव निकट है। सभी पार्टियां रैली, सभाएं करके भीड़ जुटा रहीं हैं, जहां किसी भी प्रकार का कोरोना प्रोटोकॉल संभव नहीं है। इसे अगर समय से नहीं रोका गया तो परिणाम दूसरी लहर से कहीं अधिक भयावह होंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की चुनाव टालने की अपील को सपा सांसद राम गोपाल यादव ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। राम गोपाल यादव ने कहा कि हाइकोर्ट में बैठे लोगों का इस तरह का अनचाहा फैसले लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट को ऐसे फैसले लेने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

हाईकोर्ट ने कहा कि दैनिक समाचारपत्र के अनुसार 24 घंटे में 6 हजार नए मामले मिले हैं। 318 लोगों की मौतें हुई हैं। यह समस्या हर दिन बढ़ती जा रही है।

इस महामारी को देखते हुए चीन, नीदरलैंड, आयरलैंड, जर्मनी और स्कॉटलैंड जैसे देशों ने पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लगा दिया है। ऐसी दशा में महानिबंधक, उच्च न्यायालय इलाहाबाद से कहा गया है कि वह इस विकट स्थिति से निपटने के लिए नियम बनाएं।

हाईकोर्ट ने टीकाकरण अभियान की प्रशंसा की। कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में कोरोना मुफ्त टीकाकरण का अभियान चलाया है, जो प्रशंसनीय है। प्रधानमंत्री से कोर्ट अनुरोध करती है कि इस भयावह महामारी की स्थिति को देखते हुए कड़े कदम उठाएं।