कांग्रेस और जवाहरलाल नेहरू पर प्रधानमंत्री मोदी का तेज़ हमला
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भारत में संसद का सत्र चल रहा जिसमें सत्ता पक्षा और विपक्ष ने एक दूसरे पर तेज़ हमले किए हैं और एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb ०८, २०२२ १६:१४ Asia/Kolkata
  • कांग्रेस और जवाहरलाल नेहरू पर प्रधानमंत्री मोदी का तेज़ हमला

भारत में संसद का सत्र चल रहा जिसमें सत्ता पक्षा और विपक्ष ने एक दूसरे पर तेज़ हमले किए हैं और एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर कई आरोप लगाए।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में केवल सुनाना ही नहीं सुनना भी पड़ता है, कांग्रेस की सोच अर्बन नक्सल की तरह हो गई है, अर्बन नक्सल ने बड़ी चालाकी से कांग्रेस में अपनी सोच भर दी है।

पीएम मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना करते हुए कहा कि पंडित नेहरू की सबसे बड़ी चिंता अंतरराष्ट्रीय छवि की रहती थी, गोवा इसीलिए आज़ादी के 15 साल बाद हिन्दुस्तान के साथ आया, जब गोवा में सत्याग्रहियों पर गोलियां चल रही थीं तब नेहरू ने कहा था कि वे सेना नहीं भेजेंगे, नेहरू जी की वजह से गोवा 15 साल ज़्यादा ग़ुलाम रहा।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी के संबंध में भी मुझे ज्ञान दिया जाता है, लता मंगेशकर जी के निधन से आज पूरा देश दुखी है, लता मंगेशकर जी का परिवार गोवा का था, उनके परिवार के साथ ऐसा क्या सलूक किया गया, मैं आज बताता हूँ, पंडित हृदयनाथ मंगेशकर जी लता जी के छोटे भाई थे, उन्हें ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया था।

मोदी ने कहा कि उनका गुनाह ये था कि उन्होंने वीर सावरकर की एक कविता को संगीतबद्ध किया था, हृदयनाथ जी को इसके लिए आठ दिनों के अंदर निकाल दिया गया था।

नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मजरूह सुल्तानपुरी जी को पंडित नेहरू ने आलोचना के लिए एक साल जेल में बंद कर दिया, प्रसिद्ध संगीतकार किशोर कुमार को इंदिरा जी के पक्ष में नहीं झुकने के कारण आपातकाल में निशाने पर लिया गया।

पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा ख़तरा वंशवादी पार्टियां हैं।  पीएम मोदी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने देश के संघीय ढाँचे को लेकर सवाल उठाया है। देश के संघीय ढांचे को लेकर बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था कि फ़ैडरेशन एक यूनियन है क्योंकि यह अटूट है, प्रशासन के लिए देश को विभिन्न राज्यों में विभाजित किया जा सकता है लेकिन देश अभिन्न रूप से एक है।

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