मोदी-अमित की जोड़ी ने उत्तरी बॉर्डर पर बनाया एक फिलीस्तीनः अय्यर
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भारत नियंत्रित जम्मू व कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने पर प्रतिक्रिया देते हुए एक कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश के उत्तरी बॉर्डर पर एक फिलीस्तीन बना दिया है। 
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug १२, २०१९ ११:१६ Asia/Kolkata
  • मोदी-अमित की जोड़ी ने उत्तरी बॉर्डर पर बनाया एक फिलीस्तीनः अय्यर

भारत नियंत्रित जम्मू व कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने पर प्रतिक्रिया देते हुए एक कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश के उत्तरी बॉर्डर पर एक फिलीस्तीन बना दिया है। 

मणिशंकर अय्यर ने एक अखबार के लिए लिखे गए लेख में लिखा है कि मोदी-शाह ने ये पढ़ाई अपने गुरु बेंजामिन नेतान्याहू और यहूदियों से ली है।  कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी और शाह ने इनसे सीखा है कि कश्मीरियों की आजादी, गरिमा और आत्मसम्मान को कैसे रौंदना है?

मणिशंकर अय्यर ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने की तीखी आलोचना करते हुए एक लंबे लेख में लिखा है, "नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अभी-अभी हमारे उत्तरी बॉर्डर पर एक फिलीस्तीन बना दिया है, ऐसा करने के लिए उन्होंने पहले घाटी में पाकिस्तानी हमले का झूठा प्रपंच रचा ताकि उस जगह पर 35 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा सके जहां पहले से ही लाखों जवान मौजूद हैं।"  अय्यर ने लिखा है कि इसके बाद हजारों अमरनाथ यात्रियों और सैलानियों को घाटी से जबरन निकाला गया।  400 दुकानदारों को हिरासत में लिया गया।  इन्होंने स्कूल-कॉलेज, दुकानें, पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन आदि सब बंद करवा दिए।  गहमागहमी से भरा रहने वाला श्रीनगर और घाटी के दूसरे शहर खाली हो गया।  घाटी के माता-पिता देश के दूसरे इलाकों में रहने वाले अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, संचार के सभी साधन ठप कर दिए गए हैं।

मणिशंकर अय्यर ने अपने लेख में फिलीस्तीन का जिक्र किया और कहा है कि मोदी और शाह ने अपनी शिक्षा अपने गुरु बेंजामिन नेतान्याहू से ली है।  कश्मीरियों की आजादी, गरिमा और आत्म सम्मान को कुचलना इन लोगों ने इन्हीं से सीखा है।  इजरायल पर बरसते हुए अय्यर ने कहा कि 70 सालों से इजरायल भी फिलीस्तिनियों के खिलाफ क्रूर ऑपरेशन चला रहा है।  अपने लेख में अय्यर लिखते हैं कि पश्चिमी साम्राज्यवाद और यूहदीवाद मशीन की बदौलत फिलीस्तिनियों की लड़ाई कुचली गई, लेकिन वे बार-बार उठ खड़े हुए।

आगे मणिशंकर अय्यर ने लिखा है कि अच्छे दिन के बजाय, संसद ने जो तय किया है वह घाटी में एक लंबी और अंधेरी रात है।  वे लखते हैं कि शायद देश के बाकी हिस्सों में भी ऐसा होगा।  सांप्रदायिकता को उभारने की कोशिश होगी, राजनीतिक तनाव बढेंगे, आतंकवाद पैदा होगा, सशस्त्र संघर्ष की स्थिति पैदा होगी, गुरिल्ला वार हो सकती है।  अपने लेख के अंत में मणिशंकर अय्यर लिखते हैं कि 1971 में पूर्वी पाकिस्तान में भी यही हुआ था।  अब हमलोग भी ऐसी ही एक आपदा अपने सिर पर ला रहे हैं, सावधान रहिए।