चिकित्सा मशीनों और दवाओं पर प्रतिबंध युद्ध अपराध है, तेहरान
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने चिकित्सा मशीनों, उपकरणों और दवाओं पर प्रतिबंधों को युद्ध अपराध क़रार दिया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने चिकित्सा उपकरणों और दवाओं पर प्रतिबंधों को युद्ध अपराध क़रार दिया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक उच्च स्तरीय बैठक में मजीद तख़्त रवांची ने ईरान में एचआईवी (एड्स) के रोगियों और एचआईवी के संपर्क में आने वाले लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए करते कहाः इस क्षेत्र में अच्छी प्रगति के बावजूद, इस्लामी गणतंत्र को अमरीका के एकतरफ़ा ग़ैर-क़ानूनी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और सिद्धांतों का उल्लंघन है।
तख़्त कवांची का कहना था कि प्रतिबंधों के कारण, एचआईवी से मुक़ाबले के लिए ज़रूरी संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है और इन प्रतिबंदों ने पूरे स्वास्थ्य ढांचे को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि अमरीकी प्रतिबंध, दवाओं और चिकित्सा मशीनों व उपकरणों के निर्यात में बाधा बन रहे हैं और यह किसी युद्ध अपराध से कम नहीं है।
उनका कहना था कि कोरोना महामारी के दौर में राजनीतिक लक्ष्य के लिए लोगों के स्वास्थ्य को ख़तरे में डालना अमानवीय कृत्य है और इसके लिए विश्व स्तर पर ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए। msm