IAEA के महानिदेशक रफ़ाएल ग्रोसी दूसरी बार तेहरान क्यों आ रहे हैं?
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परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी IAEA के महानिदेशक रफाएल ग्रोसी आज तेहरान आ रहे हैं। उनकी तेहरान यात्रा का उद्देश्य ईरान के परमाणु संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी से भेंटवार्ता और दोनों पक्षों के मध्य होने वाले सहयोग की स्थिति की समीक्षा करनी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov २२, २०२१ १३:४८ Asia/Kolkata

परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी IAEA के महानिदेशक रफाएल ग्रोसी आज तेहरान आ रहे हैं। उनकी तेहरान यात्रा का उद्देश्य ईरान के परमाणु संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी से भेंटवार्ता और दोनों पक्षों के मध्य होने वाले सहयोग की स्थिति की समीक्षा करनी है।

IAEA के महानिदेशक रफाएल ग्रोसी ईरान और एजेन्सी के मध्य सहयोग को मज़बूत करने और ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम से संबंधित विषयों के बारे में ईरानी अधिकारियों से भेंटवार्ता के उद्देश्य से इससे पहले भी तेहरान की यात्रा कर चुके हैं। ईरान और एजेन्सी ने बल देकर कहा है कि वे इस प्रकार की भेंटवार्ता को जारी रखेंगे।

ईरान और एजेन्सी के मध्य सहयोग का आधार पर सेफगार्ड है। ईरान के लिए यह बात महत्वपूर्ण है कि एजेन्सी निष्पक्षता और स्वाधीनता जैसे सिद्धांतों पर अमल करेगी।

एजेन्सी के महानिदेशक ने अभी हाल ही में ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें वे दावे भी शामिल थे जिनका वास्तविकता से कोई लेना- देना नहीं है। IAEA द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट इस बात की सूचक है कि राजनीतिक दबावों के प्रभाव में उसने ऐसा किया है और उसका दबावों से प्रभावित हो जाना कोई नया विषय नहीं है। इससे पहले भी एजेन्सी कुछ रिपोर्टें प्रकाशित कर चुकी है जो इस बात की सूचक हैं कि एजेन्सी की कुछ रिपोर्टें उसकी पेशेवराना ज़िम्मेदारियों से हटकर हैं। इस समय भी अमेरिका वियना वार्ता में परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी का प्रयोग हथकंडे के रूप में कर रहा है ताकि वह ईरान पर और अधिक दबाव डाल सके और उसके विचार में ईरान अपने तार्किक दृष्टिकोणों से पीछे हट जायेगा। अमेरिका ने इससे पहले एजेन्सी पर बारमबार दबाव डाला ताकि शायद ईरान अपने तर्क सम्मत दृष्टिकोणों से पीछे हट जाये परंतु वह अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो सका।

ईरान परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का एक सक्रिय सदस्य है और उसने एजेन्सी के साथ सबसे अधिक पारदर्शी सहयोग किया है जबकि अमेरिका का लक्ष्य ईरान और IAEA के मध्य अविश्वास को पैदा करना और उसमें विघ्न उत्पन्न डालना है जबकि ईरान ने सदैव एजेन्सी के साथ पारदर्शी सहयोग के जारी रहने पर बल दिया है।

परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेश रफाएल ग्रोसी की तेहरान यात्रा के विश्लेषण में दो बिन्दुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिये। पहला यह कि ईरान अपने क़ानूनी अधिकारों से पीछे हटने वाला है और इस बात पर वह बारमबार बल देता रहा है।

दूसरा बिन्दु यह यह है कि ईरान परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के साथ प्रचलित सहयोग पर बल देता है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेशक की तेहरान यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है और तेहरान बल देकर इस चीज़ का आह्वान करता है कि एजेन्सी में राजनीतिक भेदभाव से न तो काम लिया जाना चाहिये और न ही तेहरान से ग़ैर सिद्धांतिक मांग की जानी चाहिये। MM