हालिया अशांति अमरीका और ज़ायोनी शासन की सुनियोजित योजना
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ईरान में हालिया उपद्रव, सुनियोजित थे।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने सोमवार को सशस्त्र सेना के कैडिट्स के परेड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हालिया दंगे तथा हिंसा, अमरीका और जाली ज़ायोनी शासन के षडयंत्रों का परिणाम था।
उन्होंने कहा जबकि बिके हुए तत्वों और विदेशों में रहने वाले कुछ ग़द्दार ईरानियों ने उनका हाथ बटाया। वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर इस युवती की मौत न होती फिर भी वे कोई दूसरा बहाना पेश करके इस महीने की पहली तारीख को ईरान में अशांति और उपद्रव करते।
आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप में कहना चाहता हूं कि देश की हालिया अशांति के पीछे अमरीका और अवैध ज़ायोनी शासन का हाथ है जिसको उनके एजेन्टों ने अंजाम दिया। उनका कहना था कि विदेशों में बैठे कुछ ईरानी ग़द्दारों ने उनकी सहायता की। वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमरीका एक मज़बूत और सशक्त ईरान का विरोधी है। उन्होंने कहा कि वे पहलवी काल का ईरान चाहते हैं जो दूध देने वाली गाय की तरह था और उनके आदेशों का पालन करता था।
पश्चिमी ब्लाॅक के मुखिया के रूप मे अमरीका ने, ईरान के विरुद्ध न केवल कड़े प्रतिबंध लगाए हैं बल्कि ट्रम्प के काल से अत्यधिक दबाव की नीति को अपनाते हुए ईरान में अशांति और उपद्रव को भी अपने कार्यक्रम में शामिल कर रखा है। इस प्रकार से वह किसी न किसी बहाने से ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता रहता है।
अमरीका के साथ ही अवैध ज़ायोनी शासन ने ईरान के विरुद्ध अपनी खुली दुश्मनी पहले ही दर्शा दी है। परमाणु वैज्ञानिकों की हत्याएं और परमाणु प्रतिष्ठान में विध्वंसक कार्यवाहियां इसी शत्रुता का भाग हैं। महसा अमीनी की मौत के बहाने उसने ईरान में उपद्रवियों को उकसाने का काम किया। इसी के साथ देश के भीतर इस्लामी क्रांति के विरोधी तत्वों ने उपद्रवियों की तन,मन और धन से सहायता की।
इस बात के कई प्रमाण मौजूद हैं कि ईरान में हालिया दिनों में होने वाली अशांति के पीछे सुनियोजित विदेशी कार्यक्रम था और उनके तत्वों ने इसको भड़काने के लिए यथासंभव प्रयास किये। महसा अमरीकी की मृत्यु के बहाने ईरान में अशांति और उपद्रव ने पुनः यह सिद्ध कर दिया कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशी शत्रुओं ने इस मुद्दे को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए प्रयोग किया।
उन्होंने ईरानी राष्ट्र के अधिकारों के समर्थन की आड़ में ईरान की शांति एवं सुरक्षा को बिगाड़ने का पूरा प्रयास किया लेकिन इस्लामी शासन व्यवस्था के समर्थन में लाखों ईरानियों की सड़को पर उपस्थिति और उपद्रवियों के विरुद्ध उनके स्पष्ट दृष्टिकोण के कारण दुश्मनों को शर्मिंदा होना पड़ा। हालिया उपद्रव में विदेशी समर्थन प्राप्त इस्लामी क्रांति के विरोधी गुटों को मुंह की खानी पड़ी।
ईरान के गृहमंत्री अहमद वहीदी के अनुसार ईरान की इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था ने पूरी क्षमता के साथ महाषडयंत्र को विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों का समर्थन करने से शत्रुओं के समीकरण गड़बड़ा गए।
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