ईरान के रक्षामंत्रालय की वर्कशाप पर हमले के अहम पहलु
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ईरान के रक्षामंत्रालय ने घोषणा की कि शनिवार की शाम इस्फ़हान में रक्षा मंत्रालय के कारख़ानों में से एक पर छोटे ड्रोन विमानों द्वारा असफल हमला किया गया था जिनमें से एक परिसर की वायु रक्षा प्रणाली और दो अन्य विमान रक्षा सिस्टम द्वारा मार गिराया गया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan २९, २०२३ १२:२३ Asia/Kolkata

ईरान के रक्षामंत्रालय ने घोषणा की कि शनिवार की शाम इस्फ़हान में रक्षा मंत्रालय के कारख़ानों में से एक पर छोटे ड्रोन विमानों द्वारा असफल हमला किया गया था जिनमें से एक परिसर की वायु रक्षा प्रणाली और दो अन्य विमान रक्षा सिस्टम द्वारा मार गिराया गया।

इस्फ़हान के रक्षा उद्योगों में से एक में विस्फोट की घटना के बाद ईरान के रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि यह असफल हमला 28 जनवरी 2023 की शाम को हुआ था।

हालांकि इस असफल हमले का अधिक विवरण अभी तक सामने नहीं आ सका है लेकिन ऐसे हमले अतीत में भी हुए हैं और ईरान की सैन्य और परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास कई विस्फोट हुए हैं। इन सभी हमलों और विध्वसंक कार्रवाइयों में दुश्मनों की रक्षा और परमाणु उद्योगों में ईरान की बढ़ती प्रगति को रोकने और ईरान को अ विशिष्टताएं देने औरपनी रक्षा नीतियों से पीछे हटने पर मजबूर करने की कोशिश है।

वास्तव में ईरान पर दबाव बढ़ाने और उसे अलग-थलग करने की नीति का पालन करने वाले अमरीका और ज़ायोनी शासन सहित दुश्मनों ने हालिया वर्षों में ईरान के रक्षा और परमाणु कार्यक्रमों को रोकने या विलंबित करने के लिए आतंक और विध्वंसक कार्रवाइयों का इस्तेमाल किया है।

बमबारी, साइबर हमले और ईरान के प्रतिरोध के कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों की हत्याएं, दुश्मनों की कार्रवाइयों में से हैं जिनका उद्देश्य वैज्ञानिक और रक्षा प्रगति के मार्ग में बाधाएं पैदा करना है और साथ ही ईरान की बढ़ती शक्ति को कम करना है।

उदाहरण के लिए ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फख़्रीज़देह की हत्या के बाद स्वतंत्र समाचार पत्रों ने अपने एक विश्लेषण में लिखा कि ईरान में हालिया टारगेड किलिंग की घटनाएं, एमआई-6 और सीआईए सहित अपने पश्चिमी समकक्षों के साथ-साथ इस्राईली ख़ुफ़िया एजेन्सी के अंतहीन प्रयासों का हिस्सा हैं जिनका मक़यद ईरान को अपने परमाणु लक्ष्यों को प्राप्त करने से रोकना है।

ज़ाहिर सी बात है कि इन तमाम कार्रवाइयों और अपराधों के बावजूद जो दुश्मनों ने ईरान की रक्षा और परमाणु शक्ति पर हमला करने के लिए किए हैं लेकिन इन साज़िशों से ईरान की  योजनाओं में कोई व्यवधान पैदा नहीं हुआ, विशेष रूप से ईरान की सैन्य हार्डवेयर और रक्षा प्रणालियों की महत्वपूर्ण प्रणालियों में आत्मनिर्भरता हुई और इसका परिणाम यह निकला कि ईरान क्रूज़ मिज़ाइल, ड्रोन और रक्षा जैसे विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक माना जाने लगा है।

इसी आधार पर ईरान के रक्षामंत्रालय ने भी इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह ईरान के महान राष्ट्र को यह विश्वास दिलाता है कि हमारे केंद्र, शक्ति, मज़बूती और सुरक्षा पैदा करने के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे और पूरी गंभीरता के साथ इस मार्ग को जारी रखेंगे और यह कृत्य किसी भी तरह से हमारी प्रगति में बधा नहीं बन सकते।

 

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