रूस-यूक्रेन युद्ध में ईरान निष्पक्ष रहा है और आगे भी रहेगा
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके यूक्रेनी और रूस दोनों राष्ट्रों का सम्मान करते हुए और दोनों देशों के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर युद्ध जारी रहने पर गहरा खेद व्यक्त किया है और तेहरान की निष्पक्ष नीति पर ज़ोर दिया।
इस बयान में कहा गया है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान एक ऐसे देश के रूप में जो अमेरिका और पश्चिम द्वारा समर्थित युद्ध, ख़तरों और एकतरफ़ा प्रतिबंधों का शिकार रहा है, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के पालन और सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता पर बल देता है।
ग़ौरतब है कि 24 फ़रवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था। एक साल बीत जाने के बाद भी यह युद्ध जारी है, जिसमें दोनों ही पक्षों को भारी नुक़सान पहुंचा है।
युद्ध की शुरूआत में यह अनुमान लगाया गया था कि यूक्रेन में युद्ध लंबे समय तक नहीं चलेगा, लेकिन इसकी निरंतरता और वृद्धि ने कुछ समीकरणों को बदल दिया है।
अमरीका और नाटो के अन्य सदस्य वर्तमान स्थिति में यूक्रेन को सबसे अधिक सैन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं, हालांकि यह देश सीधे युद्ध में प्रवेश करने से इंकार करते रहे हैं।
वहीं यूक्रेन यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य बनने की उम्मीद में था, लेकिन अब उसे नाटो और यूरोपीय संघ दोनों में सदस्यता के लिए पश्चिम के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा लगता है कि यूक्रेन को पश्चिम ने रूस को निंयत्रण करने के लिए बलि के बकरे के रूप में इस्तेमाल किया है।
ईरान ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह यूक्रेन संकट के संबंध में सक्रिय तटस्थता की नीति का पालन करता है। वास्तव में, ईरान इस संकट का समर्थक नहीं है, और इस संकट की शुरुआत के बाद से, उसने मतभेदों को हल करने और युद्ध को रोकने के लिए दोनों देशों को कूटनीति के रास्ते पर वापस लाने की कोशिश की। तेहरान के दोनों ही पक्षों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं।
ईरान इस क्षेत्र का एकमात्र देश है, जिसने एक संतुलित और तर्कसंगत स्थिति अपनाते हुए, रूस और यूक्रेन के बीच मतभेदों को हल करने के लिए बातचीत और कूटनीति का आह्वान किया, और साथ ही नाटो की उत्तेजक कार्रवाइयों और इससे जुड़े ख़तरों के बारे में चेतावनी दी।
इस संबंध में, ईरान ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तत्परता की घोषणा की है, ताकि युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके। जनवरी 2023 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक टेलीफ़ोन पर बातचीत में, ईरान के राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी ने क्षेत्रीय एकता की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और एक बार फिर युद्ध को समाप्त करने के लिए सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए ईरान की तत्परता जताई।