छात्राओं को ज़हर दिये जाने का मामला महाअपराधः वरिष्ठ नेता
वरिष्ठ नेता ने ईरान में छात्राओं को ज़हर दिये जाने के मामले को बहुत बड़ा अपराध बताया है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का कहना है कि ईरान में छात्राओं को विषाक्त करने का मुद्दा बहुत बड़ा अपराध होने के साथ ही अनदेखा करने योगय नहीं है।
वरिष्ठ नेता ने सोमवार को वृक्षारोपण के बाद ईरान में छात्राओं को विषाक्त करने के विषय की ओर संकेत किया। उन्होंने कहा कि देश के अधिकारियों और एजेन्सियों को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। सुप्रीम लीडर का कहना था कि यह बात बहुत बड़ा अपराध होने के साथ ही अनदेखा करने योगय नहीं है। उन्होंने कहा कि इस घटना में जो लोग भी लिप्त पाए जाएंगे उनको कड़ी से कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। आपने इसको समाज के सबसे मासूम वर्ग अर्थात बच्चों के हित में अपराध बताते हुए कहा कि यह बात सबको जान लेनी चाहिए कि वे लोग जो इस अपराध में लिप्त पाए गए उनके लिए किसी भी प्रकार की कोई माफ़ी नहीं है। उनको कड़ी से कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए ताकि दूसरे उससे पाठ ले सकें।
वरिष्ठ नेता ने वृक्षारोपण के विषय की ओर संकेत करते हुए इस साल के नारे "हर ईरानी तीन पौधे" के बारे में कहा कि अगर इस नारे के हिसाब से हर ईरानी तीन पेड़ लगाए तो सन 1402 से चार साल के बीच सरकार का एक अरब पेड लगाने की योजना पूरी हो सकती है। पर्यावरण के संदर्भ में पेड़ो के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का यह कहना है कि फलदार पेड़ लगाने के साथ ही साथ जंगली पेड़ो का भी लगाया जाना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इनका अपना विशेष प्रभाव होता है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाते हैं। अपने संबोधन के अंत में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने समस्याओं के समाधान में देश के अधिकारियों के प्रयासों की ओर संकेत करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए अधिकारियों को अपनी पूरी कोशिश करनी चाहिए।
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