बेलारूस के राष्ट्रपति किन उद्देश्यों से तेहरान आये हैं?
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बेलारूस के राष्ट्रपति इलेक्ज़ंडर लोकाशिंको एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान की यात्रा पर हैं और कल राष्ट्रपति सय्यद मोहम्मद इब्राहीम रईसी ने उनका स्वागत किया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar १४, २०२३ ०९:२० Asia/Kolkata
  • बेलारूस के राष्ट्रपति किन उद्देश्यों से तेहरान आये हैं?

बेलारूस के राष्ट्रपति इलेक्ज़ंडर लोकाशिंको एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान की यात्रा पर हैं और कल राष्ट्रपति सय्यद मोहम्मद इब्राहीम रईसी ने उनका स्वागत किया।

द्विपक्षीय आर्थिक व व्यापारिक संबंधों में विस्तार लोकाशिंको की तेहरान यात्रा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इससे पहले ईरान और बेलारूस के राष्ट्राध्यक्षों ने समरक़न्द में शंघाई संगठन में द्विपक्षीय सहयोग पर बल दिया था और अब तक दोनों देशों के बीच ट्रांज़िट, व्यापार, ऊर्जा, और इसी प्रकार दूसरे विषयों के बारे में विचारों का आदान- प्रदान हुआ था।

बेलारूस ईरान का पड़ोसी देश नहीं है परंतु उसे भी पश्चिम के एक पक्षीय प्रतिबंधों का सामना है और चूंकि बेलारूस यूरेशिया क्षेत्र में स्थित है और वह रूस का निकट सहयोगी है इस आधार पर वह उन देशों में शामिल हो सकता है जो ईरान के साथ आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सहयोग कर सकते हैं। इस समय ईरान और बेलारूस के संबंध घनिष्ठ हैं और जिस तरह से दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंध विस्तृत हुए हैं उस तरह से आर्थिक संबंध विस्तृत नहीं हुए हैं परंतु यूरेशिया क्षेत्र में वह संयुक्त संभावनाओं का प्रयोग करके एक दूसरे के साथ रचनात्मक सहयोग कर सकता है।

भविष्यवाणी की जा रही है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के यूरेशिया के आर्थिक संघ में पूरी तरह शामिल हो जाने के बाद ईरान और बेलारूस के आर्थिक संबंधों में ध्यान योग्य वृद्धि होगी। ईरान की वर्तमान सरकार ने आर्थिक क्षेत्रों और इसी प्रकार ट्रांज़िट और परिवहन आदि क्षेत्रों में संबंध विस्तार पर ध्यान केन्द्रित कर रखा है और इस चीज़ का बेलारूस ने स्वागत किया है और बेलारूस की सरकार ईरान के साथ ट्रांज़िट में रुचि ले रही है और इस संबंध में ईरान की शहीद रजाई बंदरगाह और अमीराबाद बंदरगाह को विशेष महत्व हासिल है।

इस संबंध में ईरान में बेलारूस के राजदूत ने कहा है कि उनका देश ईरान के रेलवेमार्गों और बंदरगाहों से लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान भी मत्स्य उद्योग और कृषि क्षेत्र में बेलारूस की संभावनाओं से लाभ उठा सकता है।

ईरान के राष्ट्रपति ने पिछले वर्ष 22 सितंबर को समरक़ंद में शंघाई संगठन से इतर अपने बेलारूसी समकक्ष से मुलाकात की थी जिसमें ईरानी राष्ट्रपति ने बल देकर कहा था कि दोनों देशों के संबंधों में विस्तार का रोडमैप तैयार हो गया है और ईरान अपनी वस्तुओं के निर्यात और बेलारूस के साथ आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।

स्पष्ट है कि ईरान और बेलारूस के अधिकारी आर्थिक और राजनीतिक संबंधों में विस्तार पर बल दे रहे हैं और इसी आधार पर इस बात की अपेक्षा की जा सकती है कि लोकाशिंको की तेहरान यात्रा दोनों देशों के संबंध विस्तार की दिशा में नया अध्याय सिद्ध होगी और जिन देशों पर अमेरिका और पश्चिमी व यूरोपीय देश प्रतिबंध लगाते हैं वे एक दूसरे के साथ घनिष्ठ व रचनात्मक सहकारिता व सहयोग करके इन प्रतिबंधों को निष्क्रिय बना सकते हैं और ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई के उस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें लोकाशिंको के साथ मुलाकात में उन्होंने कहा है कि मेरा मानना है कि जिन देशों पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है वे देश एक दूसरे के साथ रचनात्मक सहयोग करके इस हथकंडे को निष्क्रिय बना सकते हैं और मेरा विश्वास है कि यह किया जा सकता है। MM

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