यूनेस्को की वैश्विक सूची में दो महान ईरानी विद्वान
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बायज़ीद बस्तामी और आल्लामा सैयद मोहम्मद हुसैन तबताबाई, दो प्रमुख ईरानी हस्तियाँ
पार्स टुडे – संयुक्त राष्ट्र की शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को ने दो प्रमुख ईरानी व्यक्तियों के नाम 2026–2027 के वैश्विक स्मरण कार्यक्रम की सूची में दर्ज किए।
यूनेस्को ने अपनी आम बैठक में समरकंद में बायज़ीद बस्तामी और आल्लामा सैयद मोहम्मद हुसैन तबताबाई को वैश्विक स्मरण सूची में शामिल किया। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम ईरानी-इस्लामी सभ्यता की वैश्विक संवाद, तर्कशीलता और आध्यात्मिकता में भूमिका को मान्यता देने वाला है।
यूनेस्को ने बायज़ीद बस्तामी के 1105वें वियोग वर्ष और आल्लामा तबताबाई के 100वें वैज्ञानिक वर्ष को सम्मानित करने का निर्णय लिया। बस्तामी के सम्मान में आर्मीनिया, ताजिकिस्तान और तुर्किये और तबताबाई के सम्मान में आज़रबाइजान गणराज्य, इराक़ और पाकिस्तान का समर्थन शामिल था, जिससे ईरानी विचारधारा की वैश्विक प्रतिष्ठा को उजागर किया गया।
बायज़ीद बस्तामी प्रेम, सहिष्णुता और आजीवन सीखने के प्रतीक हैं जबकि आल्लामा तबताबाई इस्लामी और पश्चिमी दर्शन को जोड़ने वाले दार्शनिक और व्याख्याता हैं। दोनों ही व्यक्तियों के विचार मानवता के सांस्कृतिक समन्वय में योगदान देने वाले माने जाते हैं।
इसके अलावा, ईरान ने राबिया बल्खी, आयतुल्लाह मोहम्मद बाक़िरु सद्रऔर तुर्किये के कवि बाकी के स्मरण कार्यक्रमों को सूचीबद्ध कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाई। mm