डिजिटल इकोनॉमी/ ईरान का आर्टिफ़िशयल एंटेलीजेंस (एआई) ढांचे के विकास पर ध्यान
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पार्सटुडे, तेहरान: ईरान के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नीति नियोजन एवं कार्यक्रम उप मंत्री एहसान चीतसाज़ ने घोषणा की है कि मंत्रालय अब आर्टिफ़िशयल एंटेलीजेंस के ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा। ईरान के पहले एआई प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने ईरान की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एआई की रणनीतिक भूमिका पर जोर दिया।
(last modified 2026-01-10T07:10:03+00:00 )
Jan ०८, २०२६ १४:५५ Asia/Kolkata
  • डिजिटल इकोनॉमी/ ईरान का आर्टिफ़िशयल एंटेलीजेंस (एआई) ढांचे के विकास पर ध्यान
    डिजिटल इकोनॉमी/ ईरान का आर्टिफ़िशयल एंटेलीजेंस (एआई) ढांचे के विकास पर ध्यान

पार्सटुडे, तेहरान: ईरान के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नीति नियोजन एवं कार्यक्रम उप मंत्री एहसान चीतसाज़ ने घोषणा की है कि मंत्रालय अब आर्टिफ़िशयल एंटेलीजेंस के ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा। ईरान के पहले एआई प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने ईरान की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एआई की रणनीतिक भूमिका पर जोर दिया।

चीतसाज़ ने कहा कि एआई ऑपरेटरों के लिए गतिविधि का ढांचा कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूर किया जा चुका है और 14वीं सरकार में संचार मंत्रालय, डिजिटल अर्थव्यवस्था की राष्ट्रीय जीडीपी में हिस्सेदारी बढ़ाने के एक प्रमुख साधन के रूप में, एआई अवसंरचना के विकास को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था की जीडीपी में हिस्सेदारी को वर्तमान लगभग 4% से बढ़ाकर 10% करने के लिए, ईरान को कम से कम 10 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता है।

 

अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गजों की छाया से बाहर आने के लिए फ्रांस और जर्मनी का एकीकरण

 

बर्लिन: फ्रांस और जर्मनी के बीच बर्लिन में हुई एक संयुक्त बैठक यूरोपीय डिजिटल संप्रभुता पर चर्चा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। यूरोपीय संघ की इन दो प्रमुख शक्तियों ने स्पष्ट रूप से अमेरिकी और चीनी प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता कम करने की बात कही है।

 

यह विकास दर्शाता है कि यूरोपीय संघ के ये दो मुख्य देश अब इस ब्लॉक की अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गजों पर निर्भरता घटाने और अपनी डिजिटल संप्रभुता मजबूत करने के लिए गंभीर, समन्वित और संरचनात्मक प्रयास कर रहे हैं।

 

इस संदर्भ में, जर्मन चांसलर ओलाफ़ शोल्त्स ने बर्लिन में हुई इस संयुक्त बैठक के दौरान कहा, "हम एक यूरोपीय आवाज़ के साथ बोलना और एक साझा लक्ष्य के लिए काम करना चाहते हैं, जो कि यूरोपीय डिजिटल संप्रभुता है। अमेरिकी क्लाउड सेवा प्रदाताओं की हालिया रुकावटों और चिप उद्योग में व्यापक कमी ने स्पष्ट रूप से दिखाया है कि यूरोप चीन और अमेरिका से आयातित डिजिटल तकनीकों पर निर्भर है। यह निर्भरता कई मामलों में 'शक्ति-नीति' के लिए एक उपकरण बन गई है।"

 

वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस बैठक में स्पष्ट स्वर में कहा, "यूरोप बड़े उद्यमियों या बड़े पैमाने के समाधानों का ग्राहक नहीं बनना चाहता, न अमेरिका से और न ही चीन से।"

 

रूस में डिजिटल रूबल के साथ सरकारी भुगतान की शुरुआत

 

एक अन्य विकास में, रूस ने अपनी वित्तीय प्रणाली के डिजिटलीकरण के रास्ते पर एक नया कदम बढ़ाते हुए, सरकारी भुगतानों में डिजिटल रूबल का उपयोग शुरू कर दिया है। डिजिटल रूबल, जो रूस की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) है, के साथ भुगतान तब शुरू किया गया है जबकि मास्को आने वाले महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर इस डिजिटल मुद्रा का व्यापक कार्यान्वयन करने की तैयारी कर रहा है।

 

विश्व अर्थव्यवस्था के लिए एआई द्वारा बनाई गई निम्न-गुणवत्ता सामग्री का खतरा

 

ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' ने एक नई विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि एआई द्वारा बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही निम्न-गुणवत्ता की सामग्री विश्व अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 'स्लॉप' (बेकार सामग्री) नामक एआई द्वारा बड़े पैमाने पर तैयार निम्न-गुणवत्ता की सामग्री, साल 2026 तक इस उद्योग में बड़े संशोधन का कारण बन सकती है। इसके परिणाम प्रौद्योगिकी कंपनियों से परे होंगे और विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे।

 

वेब्स्टर अंग्रेजी शब्दकोश ने 'स्लॉप' को वर्ष 2025 का शब्द चुना है और इसे निम्न-गुणवत्ता वाली डिजिटल सामग्री के रूप में परिभाषित किया है जो आमतौर पर बड़े पैमाने पर एआई का उपयोग करके तैयार की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि कंपनियों के प्रबंधकों ने मानव श्रम की लागत घटाने की आशा में एआई उद्योग का स्वागत किया था, लेकिन इसके नकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। (AK)

 

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