अन्य मीडिया | शलमचे–बसरा रेलवे, पश्चिम एशिया में नया ट्रांजिट खिलाड़ी
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शलमचे–बसरा रेलवे, पश्चिम एशिया में नया ट्रांज़िट खिलाड़ी
पार्स टुडे – शलमचे–बसरा रेलवे परियोजना, ईरान और इराक़ को रेल द्वारा जोड़ने की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक के रूप में केवल एक यात्री मार्ग से बढ़कर, द्विपक्षीय व्यापार के विकास और उत्तर–दक्षिण तथा पूर्व–पश्चिम अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोरों के संपर्क के लिए एक रणनीतिक आधार बन गई है।
शलमचे–बसरा मार्ग पर केंद्रित ईरान और इराक की साझा रेल नेटवर्क का विकास हाल के वर्षों में दोनों देशों के परिवहन सहयोग की प्रमुख परियोजनाओं में से एक बन गया है यह परियोजना न केवल तीर्थयात्रियों और यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाती है बल्कि क्षेत्रीय व्यापार के भविष्य और ईरान व इराक को अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पार्स टुडे के अनुसार रणनीतिक दृष्टि से शलमचे–बसरा रेल मार्ग केवल दो देशों के बीच की सीमा नहीं है बल्कि पश्चिम एशिया के परिवहन नेटवर्क में एक कनेक्टिंग लिंक के रूप में कार्य करता है। यह परियोजना ईरान और इराक के आर्थिक सामाजिक और लॉजिस्टिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है और यह क्षेत्रीय ट्रांजिट पैटर्न में परिवर्तन की संभावनाओं को खोल सकती है।
प्रारंभिक चरण में इस मार्ग का मुख्य फोकस यात्रियों के परिवहन पर है, विशेषकर तीर्थयात्राओं के उच्च मौसम के दौरान यह विषय तेहरान और बगदाद के द्विपक्षीय समझौतों में भी स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है।
हालाँकि इस रेल लाइन का दृष्टिकोण केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं है। योजनाओं के अनुसार मध्यम और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में माल परिवहन भी इस मार्ग के मुख्य मिशनों में शामिल किया जाएगा।
अनुमानों के अनुसार, आने वाले वर्षों में ईरान और इराक के बीच आर्थिक लेन-देन की मात्रा लगभग 20 बिलियन डॉलर प्रति वर्ष तक पहुँच सकता है एक ऐसा स्तर जो वर्तमान सड़क और रेल बुनियादी ढांचे से पूरा नहीं किया जा सकता। इसलिए नए मार्गों का विकास और साझा रेल नेटवर्क को मजबूत करना इस व्यापार स्तर का समर्थन करने के लिए अपरिहार्य आवश्यकता है।
शलमचे–बसरा परियोजना का महत्व केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है। इस मार्ग की भौगोलिक स्थिति के कारण अन्य देश भी इसे क्षेत्रीय बाजारों तक पहुँच के लिए उपयोग कर सकते हैं और यह पूर्व से पश्चिम तक के ट्रांजिट नेटवर्क की मुख्य धमनियों में से एक बन सकता है। ऐसा भूमिका ईरान और इराक की क्षेत्रीय लॉजिस्टिक स्थिति को मजबूत करती है और अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क के आर्थिक लाभों का साझा उपयोग संभव बनाती है।
व्यापक परिवहन नीतियों के संदर्भ में ईरान उत्तर–दक्षिण और पूर्व–पश्चिम अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोरों में सक्रिय भागीदारी की कोशिश कर रहा है। इराक के साथ रेल कनेक्शन, तुर्की के माध्यम से मौजूदा मार्गों के साथ ईरान की भूमिका को पूर्व और पश्चिम के बीच एक कनेक्टिंग पुल के रूप में मजबूत कर सकता है।
इसके अलावा पूरक मार्गों का विकास, जैसे कि रूस तक पहुँचने वाले पूर्वी, पश्चिमी और कैस्पियन सागर मार्गों वाले कॉरिडोर, ईरान के ट्रांजिट कूटनीति में बहु-मार्ग दृष्टिकोण को दर्शाता है।
इस बीच अन्य परियोजनाएँ जैसे कि ख़स्रवी–ख़ानक़ीन कनेक्शन और तेहरान–ख़स्रवी–ख़ानक़ीन–बग़दाद व्यापक योजना भी कार्यसूची में हैं ऐसी योजनाएँ यदि पूरी हों तो ईरान और इराक के साझा रेल नेटवर्क को पूर्ण करेंगी और परिवहन व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक समेकन के लिए नए अवसर उत्पन्न करेंगी।
इन सभी परिवर्तनों से यह स्पष्ट होता है कि शलमचे–बसरा केवल एक अस्थायी परियोजना नहीं है बल्कि ईरान और इराक की क्षेत्रीय ट्रांजिट मानचित्र में अपनी भूमिका को पुनर्परिभाषित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। mm