राष्ट्रपति पिज़िशकियान: 15 पड़ोसियों वाले ईरान की घेराबंदी संभव नहीं
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पार्सटुडे– ईरान के राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि तुर्कमेनिस्तान की यात्रा ईरान के पड़ोसियों के साथ संबंधों को और अधिक विकसित करने और समुद्री घेराबंदी के प्रभावों को कम करने का एक उपयुक्त अवसर प्रदान करेगी और कहा: दुश्मन इतनी आसानी से ईरान की घेराबंदी नहीं कर सकते, क्योंकि ईरान की 15 देशों के साथ सीमा है और किसी भी मार्ग से आर्थिक, व्यापारिक, राजनीतिक और सुरक्षा आदान-प्रदान जारी रखा जा सकता है।
(last modified 2026-10-09T06:11:30+00:00 )
Oct ०९, २०२६ ११:३५ Asia/Kolkata
  • ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पिज़िशकियान
    ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पिज़िशकियान

पार्सटुडे– ईरान के राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि तुर्कमेनिस्तान की यात्रा ईरान के पड़ोसियों के साथ संबंधों को और अधिक विकसित करने और समुद्री घेराबंदी के प्रभावों को कम करने का एक उपयुक्त अवसर प्रदान करेगी और कहा: दुश्मन इतनी आसानी से ईरान की घेराबंदी नहीं कर सकते, क्योंकि ईरान की 15 देशों के साथ सीमा है और किसी भी मार्ग से आर्थिक, व्यापारिक, राजनीतिक और सुरक्षा आदान-प्रदान जारी रखा जा सकता है।

पार्सटुडे को IRNA के हवाले से मिली रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति "मसऊद पिज़िशकियान" ने आज गुरुवार को तुर्कमेनिस्तान की यात्रा से पहले, राष्ट्रमंडल देशों के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की २ बैठकों - विशेष अतिथि के रूप में - और कैस्पियन सागर तटवर्ती देशों के राष्ट्राध्यक्षों की पर्यावरण बैठक में भाग लेने और भाषण देने के उद्देश्य से कहा: कैस्पियन सागर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक पूँजी है, अगर पर्यावरण को नुक़सान पहुँचा तो कैस्पियन तटवर्ती देशों के लिए बहुत सारी समस्याएँ पैदा होंगी।

ईरान के राष्ट्रपति ने जारी रखा: मौजूदा प्रदूषण, कैस्पियन के जल-प्रवाह में कमी और सूखा, साथ ही जलीय जीवों के अत्यधिक शिकार, वे समस्याएँ हैं जिनसे क्षेत्र जूझ रहा है और इस यात्रा में इनके बारे में बातचीत होने वाली है।

पिज़िशकियान ने ज़ोर दिया: इसके अलावा, तुर्कमेनिस्तान की यात्रा इन दो बैठकों में मौजूद देशों के साथ बहुपक्षीय संबंधों और एकपक्षीयता का मुक़ाबला तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और अन्य राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत करने का एक अच्छा अवसर है।

उन्होंने स्पष्ट किया: संबंधित मंत्री विभिन्न आयोगों के ढाँचे में तुर्कमेनिस्तान गए हैं और बातचीत जारी है, यह पड़ोसियों के साथ संबंधों को गहरा करने और समुद्री घेराबंदी से उत्पन्न समस्याओं को कम करने का एक अच्छा अवसर है। दुश्मन इतनी आसानी से ईरान की घेराबंदी नहीं कर सकते, क्योंकि ईरान की १५ देशों के साथ सीमा है और किसी भी मार्ग से आर्थिक, व्यापारिक, राजनीतिक और सुरक्षा आदान-प्रदान जारी रखा जा सकता है।

राष्ट्रपति ने अंत में आशा व्यक्त की कि यह यात्रा अपने इच्छित और पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करेगी। (AK)