ग़रीबआबादी: अमेरिका की ग़लतियों की पुनरावृत्ति के क्षेत्र-पर्याप्त परिणाम होंगे
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काज़िम ग़रीबआबादी, ईरान के विदेश मंत्रालय के क़ानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उपमंत्री
पार्स टुडे - इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रालय के क़ानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उपमंत्री ने वाशिंगटन की ओर से फिर से हमले के परिदृश्यों की समीक्षा के बारे में अनुमानों की प्रतिक्रिया में चेतावनी दी कि यदि अतीत की ग़लतियाँ दोहराई गईं और ईरान के विरुद्ध सैन्य विकल्प फिर से चुना गया तो इसके परिणाम पश्चिम एशिया क्षेत्र की सीमाओं से आगे तक जाएँगे।
पार्स टुडे के अनुसार ईरान के विदेश मंत्रालय के क़ानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उपमंत्री काज़िम ग़रीबआबादी ने रियानोवोस्ती समाचार एजेंसी से बातचीत में स्पष्ट किया: "स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है; यह वे हैं जिन्हें स्वयं को क्षेत्र की वास्तविकताओं के अनुरूप ढालना चाहिए और कूटनीति पर आधारित समाधानों की तलाश करनी चाहिए।"
ईरान के विदेश मंत्रालय के उपमंत्री ने आगे कहा: "लेकिन यदि वे अतीत की ग़लतियाँ दोहराना चाहते हैं और सैन्य परिदृश्यों तथा धमकी का रास्ता अपनाना चाहते हैं तो इसके परिणामों का एक बड़ा हिस्सा क्षेत्र की सीमाओं से भी आगे तक फैलेगा; अब यह वे हैं जिन्हें चुनाव करना है और अपना रास्ता तय करना है।"
ग़रीबआबादी ने यह भी याद दिलाया कि इस्लामी गणराज्य ईरान का कूटनीति और वार्ता के सामने हमेशा रचनात्मक दृष्टिकोण रहा है लेकिन साथ ही वह किसी भी संभावित परिदृश्य के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह चेतावनी उसके बाद जारी की गई है जब NBC समाचार नेटवर्क ने जानकार स्रोतों के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने आने वाले हफ़्तों में, जिनमें 3 नवंबर को कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों से पहले भी शामिल है, ईरान के विरुद्ध व्यापक सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के विकल्पों की समीक्षा की है।
हालाँकि इस ख़बर के लीक होने के कुछ ही समय बाद ट्रंप ने दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका इन चुनावों से पहले ईरान के विरुद्ध कोई हमला नहीं करेगा लेकिन अमेरिकी सेना कमान की बढ़ती गतिविधियों ने एक नाज़ुक स्थिति पैदा कर दी है। mm