इमाम अली की शहादत की पूर्व संध्या पर ग़म का माहौल
हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत की पूर्व संध्या पर ईरान सहित पूरे विश्व में शोक मनाया जा रहा है।
ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता की उपस्थिति में रविवार 20 रमज़ान को इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में शोक सभा का आयोजन किया गया।
हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत की पूर्व संध्या पर आयोजित इस शोक सभा में बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने भाग लिया।
ज्ञात रहे कि बीस रमज़ान, हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत की पूर्व संध्या है जिसमें शोक सभाओं का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त आज की रात लोग इबादत करते हैं और मग़रिब की नमाज़ के बाद आरंभ होने वाली यह इबादत सुबह की नमाज़ तक चलती है। इस इबादत के समाप्त हो जाने के बाद फिर शोकसभाओं और जुलूसों का क्रम जारी होता है जो पूरे दिन चलता है।
उल्लेखनीय है कि सन 40 हिजरी को 19 रमज़ान की सुबह इब्ने मुल्जिम नामक व्यक्ति ने नमाज़ के दौरान हज़रत अली अलैहिस्सलाम के सिर पर ज़हर से बुझी तलवार से वार किया था। इस हमले के तीसरे दिन अर्थात 21 रमज़ान को हज़रत अली की शहादत हुई।
इमाम अली अलैहिस्सलाम की शहादत के दुखद अवसर पर पूरी दुनिया में शोक सभाओं का आयोजन किया जाता है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम का मज़ार इराक़ के नजफ़ में है। (RZ)