ईरान-यूरोप का परमाणु ऊर्जा सहयोग के लिए नया क़दम
ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख अली अकबर सालेही ने यूरोपीय संघ की ओर से ईरान के साथ परमाणु सहयोग का नया प्रस्ताव मिलने की सूचना दी है।
सालेही ने बुधवार को यूरोपीय संघ के परमाणु ऊर्जा कमिश्नर से मुलाक़ात के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लिअर एक्सपेरिमंटल रिएक्टर आईटीईआर की अंतर्राष्ट्रीय परियोजना में ईरान की सदस्यता के विषय का आधिकारिक रूप से जल्द ही एलान होगा। इस अंतर्राष्ट्रीय परियोजना में 27 यूरोपीय देश, अमरीका, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और जापान शामिल हैं। यह नई ऊर्जा के उत्पादन की वैज्ञानिक परियोजना है।
यह परियोजना अगले 30-40 साल में व्यापारिक चरण में पहुंच जाएगी और ईरान ने अभी से इस परियोजना पर निवेश शुरु कर दिया है।
आईटीईआर परियोजना ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था की सबसे ज़्यादा अहमियत वाली परियोजना है। इस बात की उम्मीद है कि इस परियोजना में ईरान के जुड़ने से इस क्षेत्र में अच्छी प्रगति हासिल होगी।
परमाणु ऊर्जा उद्योग में ईरान की अन्य व्यापारिक गतिविधियों में भारी पानी का उत्पादन व व्यापार भी है। इस समय ईरान अराक के रिएक्टर में भारी पानी का उत्पादन कर उसे अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के परिप्रेक्ष्य में बेचने के चरण में पहुंच गया है।
इसी प्रकार ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था वैज्ञानिक प्रगति करते हुए उस चरण में पहुंच गयी है कि अब 20 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम के ईंधन का उत्पादन करने लगी है जो रिएक्टर के लिए इस्तेमाल होता है।
ईरान और गुट पांच धन एक के बीच हुयी परमाणु सहमति के अनुसार, ईरान की परमाणु प्रौद्योगिकी के विकास व शोध के क्षेत्र में गतिविधियां जारी हैं। यह गतिविधियां ईरान और आईएईए के बीच हुयी सहमति का हिस्सा हैं।
अमरीका और कुछ यूरोपीय देश लंबे समय से ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों को ख़तरनाक दर्शाने की कोशिश करते रहे। पश्चिम ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान को उखाड़ फेंकने की बात कही थी किन्तु ईरान के ख़िलाफ़ परमाणु फ़ाइल जेसीपीओए समझौता होते ही बंद हो गयी और ईरान अपना संपूर्ण परमाणु अधिकार हासिल करने में सफल हो गया।(MAQ/T)