जेसीपीओए ने ईरानोफोबिया की योजना को नाकाम बनाया, राष्ट्रपति रूहानी
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि परमाणु समझौते का एक परिणाम, पश्चिम द्वारा ईरान से डराने की योजना की नाकामी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०१, २०१७ २३:०० Asia/Kolkata
  • जेसीपीओए ने ईरानोफोबिया की योजना को नाकाम बनाया, राष्ट्रपति रूहानी

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि परमाणु समझौते का एक परिणाम, पश्चिम द्वारा ईरान से डराने की योजना की नाकामी है।

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि आज दुनिया यह विश्वास करती है कि  क्षेत्र में ईरान की सार्थक भूमिका है और इस प्रभाव को सीरिया के बारे में संयक्त राष्ट्र संघ के हालिया प्रस्ताव तथा आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में ईरान की भूमिका पर बल दिये जानी घटनाओं में देखा जा सकता है। 

राष्ट्रपति डॅाक्टर हसन रुहानी ने रविवार की रात टीवी पर अपने लाइव इंटरव्यू में  विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में ईरानी जनता से वार्ता की। 

राष्ट्रपति रूहानी ने जेसीपीओए का उल्लेख करते हुए गत एक साल में उसके राजनीतिक व आर्थिक प्रभावों पर प्रकाश डाला और कहा कि गत एक साल के दौरान तेल, गैस और उद्योग तथा पुंजीनिवेश के क्षेत्र में अच्छे काम हुए हैं और यह सब कुछ परमाणु समझौते की कारण हुआ। 

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि जेसीपीओए के आधार पर अब तक दो सौ किलो से अधिक यलो केक ईरान आ चुका है और अन्य एक सौ बीस किलो यलो केक ईरान लाया जाएगा। 

राष्ट्रपति ने कहा कि आज ईरान की वह परमाणु गतिविधियां जो अतीत में ग़ैर कानूनी कही जाती थीं जेसीपीओए की वजह से कानूनी हो गयीं और यही नहीं बल्कि बहुत से देश इस क्षेत्र में ईरान के साथ सहयोग कर रहे हैं। 

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते से इस्राईल के आक्रोश की वजह भी यही है कि ईरान विश्व के लिए खतरनाक देशों की सूचि से निकल गया। 

उन्होंने कहा कि गत पचास वर्षों के दौरान सुरक्षा परिषद ने पहली बार इ्सराईली द्वारा कॅालोनी निर्माण की आलोचना की और हालात एेसे बने कि अमरीका ने भी उस प्रस्ताव को वीटो नहीं किया। 

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि इस प्रस्ताव के पारित होने से यह सिद्ध हो गया कि इस्राईल, क्षेत्र का अतिग्रहणकारी व अतिक्रमणकारी शासन है। (Q.A.)