ईरान में आरंभ हुआ स्वतंत्रता प्रभात
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38 साल पहले 12 बहमन वर्ष 1357 हिजरी शमसी अर्थात एक फरवरी 1979 ईसवी को इस्लमी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय हज़रत इमाम ख़ुमैनी पंद्रह साल के निर्वासन के बाद ईरान लौटे और ईरानी जनता ने उनका अभूतपूर्व और हार्दिक स्वागत किया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ३०, २०१७ १७:३२ Asia/Kolkata
  • ईरान में आरंभ हुआ स्वतंत्रता प्रभात

38 साल पहले 12 बहमन वर्ष 1357 हिजरी शमसी अर्थात एक फरवरी 1979 ईसवी को इस्लमी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय हज़रत इमाम ख़ुमैनी पंद्रह साल के निर्वासन के बाद ईरान लौटे और ईरानी जनता ने उनका अभूतपूर्व और हार्दिक स्वागत किया।

ईरान की जागरूक और सचेत जनता ने स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी का इतना व्यापक और अभूतपूर्व स्वागत किया कि यहां पर यह कहा जा सकता है कि समकालीन में किसी भी देश की जनता ने अपने किसी भी पसंदीदा नेता का इस तरह स्वागत नहीं किया है।

स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर ईरानी जनता का अभिवादन किया और साथ ही ईरानी राष्ट्र को संबोधित किया और फिर इस्लामी क्रांति के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से बहिशते ज़हरा नामक कब्रिस्तान गए जहां ईरान की इस्लामी क्रांति में योगदान देने वाले शहीदों की क़ब्रें हैं।

स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की ईरान वापसी के दस दिन के बाद 22 बहमन वर्ष 1357 हिजरी शमसी अर्थात 11 फ़रवरी 1979 ईसवी को ईरान को भव्य इस्लामी क्रांति की सफलता दिलाई।

यही कारण है कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की स्वदेश वापसी के दिन यानी 12 बहमन से लेकर ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता के दिन यानी 22 बहमन तक के इन दस दिनों को स्वतंत्रता प्रभात के नाम से जाना जाता है और हर साल इन दिनों में पूरे ईरान में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। (RZ)