मीज़ाइल परीक्षण, सुरक्षा परिषद और जेसीपीओए के विरुद्ध नहींः रक्षामंत्री
ईरान के रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन दहक़ान ने कहा है कि ईरान का मीज़ाइल परीक्षण, प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने के कार्यक्रम का भाग है और यह परमाणु समझौते या सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 से विरोधाभास नहीं रखता।
इस्ना की रिपोर्ट के अनुसार रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन दहक़ान ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह कार्यवाही देश के प्रतिरक्षा उत्पादों के क्षेत्र में ईरान के कार्यक्रम को जारी रखने और राष्ट्रीय हितों की आपूर्ति के अंतर्गत बनाए गये कार्यक्रम और उसको जारी करने के अंतर्गत अंजाम पायी है और दुनिया की कोई भी शक्ति ईरान को अपने इरादों से डिगा नहीं सकती।
अमरीका और यूरोपीय देशों ने ईरान के मीज़ाइल परीक्षण को सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 के विपरीत बताया था और दावा किया था कि इस परिक्षण में एेसा मीज़ाइल प्रयोग किया गया जो परमाणु वार हेड्स ले जाने की क्षमता रखता है।
ईरान ने बारंबार यह घोषणा की है कि ईरान के बैलेस्टिक मीज़ाइल की परमाणु वार हेड्स ले जाने के लिए डिज़ाइनिंग नहीं की गयी है और उसे परमाणु शस्त्रों की आवश्यकता नहीं है। तेहरान पूरी तरह से एनपीटी समझौते पर कटिबद्ध है। (AK)