अमरीका व इस्राईल, क्षेत्र व संसार में अस्थिरता का कारण हैंः ईरान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका की ओर से ज़ायोनी शासन की सैन्य व परमाणु गतिविधियों के लिए अंधाधुंध सहायता, जिसके चलते इस्राईल ने सैकड़ों परमाणु हथियार बना लिए हैं, क्षेत्र व संसार में अशांति व स्थिरता का कारण है।
बहराम क़ासेमी ने मंगलवार को अमरीका व इस्राईल की ज़ायोनी लाॅबी आइपेक की बैठक में अमरीका के उप राष्ट्रपति माइक पेन्स के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से पारदर्शी है और आईएईए की सभी रिपोर्टों में इस बात पर बल दिया गया है कि ईरान की परमाणु गतिविधियां पूरी तरह से शांतिपूर्ण हैं। माइक पन्स ने आइपेक की बैठक में इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प, इस्राईल की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध हैं, कहा था कि अमरीका, क्षेत्र को अस्थिर करने और इस्राईल की सुरक्षा को ख़तरे में डालने के ईरान के क़दमों को सहन नहीं करेगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसी तरह देश के मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में कहा कि ईरान कई बार कह चुका है कि उसकी क़ानूनी रक्षा गतिविधियां एक सुनियोजित और व्यवस्थित कार्यक्रम के अंतर्गत आगे बढ़ रही हैं और उसे अपने स्वदेशी रक्षा आधारों को मज़बूत बनाने के लिए न किसी की नसीहत की ज़रूरत है और न ही वह किसी को इसमें हस्तक्षेप की इजाज़त देगा। बहराम क़ासेमी ने कहा कि खेद के साथ कहना पड़ता है कि अमरीका की ओर से ज़ायोनी शासन की अतिक्रमणकारी नीतियों के समर्थन और इसी तरह निहत्थी यमनी जनता पर अमरीका के घटकों के रोज़ाना के हवाई हमलों ने मध्यपूर्व में अशांति बढ़ा दी है और जब तक इस प्रकार की नीतियां जारी रहेंगी, क्षेत्र और संसार में शांति स्थापित नहीं होगी। (HN)