अमरीका, मानवाधिकार के बारे में बोलने की पोज़ीशन में नहीं हैः ईरान
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ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका अपनी आंतरिक व अंतर्राष्ट्रीय करतूतों के कारण दूसरे देशों में मानवाधिकार की स्थिति पर बोलने की स्थिति में नहीं है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १४, २०१७ ११:४९ Asia/Kolkata
  • अमरीका, मानवाधिकार के बारे में बोलने की पोज़ीशन में नहीं हैः ईरान

ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका अपनी आंतरिक व अंतर्राष्ट्रीय करतूतों के कारण दूसरे देशों में मानवाधिकार की स्थिति पर बोलने की स्थिति में नहीं है।

बहराम क़ासिमी ने कहा कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय संस्था या संगठन ने अमरीका को यह अधिकार नहीं दिया है कि वह दूसरे देशों के मामले पर अपने विचार व्यक्त करे। उन्होंने शुक्रवार को मानवाधिकार के तथाकथित हनन के आरोप में ईरान की न्यायिक संस्था के एक अधिकारी को प्रतिबंधों की सूची में शामिल किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आंतरिक व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार के बारे में अमरीका का रिकार्ड इतना अधिक ख़राब है कि वह दूसरे देशों में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में कोई बयान देने का अधिकार नहीं रखता। 

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने मानवाधिकार के निर्रथक बहाने से एक अधिकारी अधिकारी और एक ईरानी संस्था को प्रतिबंधों की सूची में शामिल करने की अमरीकी कार्यवाही पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमरीका का विशेष राजनैतिक लक्ष्यों के अंतर्गत घिसी पिटी कार्यवाहियां और मानवाधिकार के निराधार बहानों से एक स्वाधीन देश के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाना अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों और मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों का हनन और एक ग़ैर क़ानूनी कार्यवाही है।

बहराम क़ासिमी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यवाहियों के पीछे अमरीका का उद्देश्य मानवाधिकार के विरुद्ध अपनी कार्यवाहियों और समस्याओं पर पर्दा डालना और क्षेत्र में अपने घटकों विशेषकर ज़ायोनी शासन द्वारा व्यापक स्तर पर मानवाधिकारों के हनन का समर्थन और लोगों के ध्यान इन कार्यवाहियों से हटाना है। (AK)