वर्चस्ववादियों के मुक़ाबले में इमाम ख़ुमैनी का प्रतिरोध सराहनीयः सेना
ईरान की सेना का कहना है कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने वंचितों का समर्थन करते हुए विश्व वर्चस्ववाद का डटकर मुक़ाबला किया।
ईरान की सेना ने शनिवार को बयान जारी करके घोषणा की है कि इमाम ख़ुमैनी एेसे महान व्यक्ति थे जिन्होंने पूरे विश्व के वंचितों का सदैव समर्थन किया।
इस बयान मे कहा गया है कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने लोगों को भौतिकवाद से दूर करते हुए उन्हें एकेश्वरीय विचारधारा से अवगत करवाया। सेना के बयान के अनुसार इमाम ख़ुमैनी वर्तमान युग में धर्म के लोकप्रिय ध्वजवाहक थे।
सेना के बयान में 5 जून 1963 के महान आन्दोलन की वर्षगांठ की ओर संकेत करते हुए कहा गया है कि वर्तमान समय मे इस्लामी जागरूकता के ध्वजवाहक के रूप में पूरा संसार स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी को जानता है।
उल्लेखनीय है कि कल रविवार 4 जून को स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के स्वर्गवास की 28वीं वर्षगांठ है और उसके अगले ही दिन इमाम ख़ुमैनी के महान आन्दोलन की वर्षगांठ है जिसे ईरान में "पांज़दह ख़ुरदाद" के नाम से जाना जाता है।