वरिष्ठ नेता का भाषण और संचार माध्यम
स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की बरसी के अवसर पर वरिष्ठ नेता द्वारा दिये गए भाषण पर अन्तर्राष्ट्रीय संचार माध्यमों में अलग-अलग ढंग से प्रतिक्रियाएं आई हैं।
रविवार को आयतुल्लाहिल उज़्मा ने स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के मज़ार पर अपने भाषण में क्षेत्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान वार्ता के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब सहित अन्य देशों को सीरिया, यमन और बहरैन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से दूर रहना चाहिए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन देशों की जनता को अपने ही हाथों अपने भविष्य निर्धारण का अधिकार होना चाहिए।
शिनहुआ समाचार एजेन्सी ने ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के हवाले से लिखा है कि विदेशियों को क्षेत्र से संकटग्रस्त देशों में सक्रिय आतंकवादी गुटों को शस्त्र भेजने से बचना चाहिए। इस समाचार एजेन्सी के अनुसार वरिष्ठ नेता ने बहरैन में सऊदी अरब की उपस्थिति की निंदा करते हुए बहरैन सरकार से कहा है कि वह इस देश की जनता के साथ वार्ता का मार्ग अपनाए। उन्होंने यमन, सीरिया, इराक़, बहरैन और लीबिया के मुसलमानों की दयनीय स्थिति पर खेद प्रकट किया।
वरिष्ठ नेता ने यमन के विरुद्ध सऊदी अरब के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि वे चाहे कितने भी प्रयास कर लें किंतु यमन की जनता को पराजित नहीं कर सकते। उन्होंने इसी प्रकार अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सऊदी अरब के समर्थन की कड़ी आलोचना की।
चीन की शिनहुआ समाचार एजेन्सी के अतिरिक्त आज़रबाइजान गणराज्य की समाचार एजेन्सी तरंद, कुवैत के संचार माध्यमों और कई अन्य न्यूज़ एजेन्सियों ने वरिष्ठ नेता के भाषण को प्रकाशित व प्रसारित किया।