आईएईए पर अमरीकी दबाव, परमाणु समझौते की भावना के विपरीत , विदेशमंत्री
ईरान के विदेशमंत्री ने युरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रभारी और आईएईए के महासचिव के नाम पत्रों में संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीकी प्रतिनिधि की वियना यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा है कि आईएईए पर अमरीकी दबाव, परमाणु समझौते की भावना के विपरीत है।
संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका की प्रतिनिधि " निकी हेली " बुधवार को वियना पहुंच कर आईएईए के महानिदेशक " युकिया अमानो " से भेंट की और इस भेंट का मक़सद, ईरान के सैन्य प्रतिनिष्ठानों के निरीक्षण के लिए आईएईए पर दबाव डालना था।
विदेशमंत्री " मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ " ने युरोपीय संघ में विदेश नीतियों की प्रभारी " फेड्रीका मोगरीनी" और आईएईए के महानिदेशक " यूकिया अमानो" के नाम पत्र में बल दिया है कि " निकी हेली" की परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के मुख्यालय की यात्रा इस एजेन्सी पर दबाव डालने के लिए हैऔर यह परमाणु समझौते की भावना को नुक़सान पहुंचाने वाली यात्रा है और आईएईए को इस संदर्भ में पेशेवराना रवैया अपनाना चाहिए।
विदेशमंत्री ने कहा कि " निकी हेली " ने अपनी यात्रा का उद्देश्य ही आईएईए पर दबाव डालना बताया है और इस तरह का बयान, परमाणु समझौते के पालन की निगरानी करने वाली एजेन्सी की भूमिका को कमज़ोर करता है।
विदेशमंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी आईएईए को ईरान की परमाणु गतिविधियों की खुफिया मालूमात किसी तीसरे पक्ष को देने से बचना चाहिए।
विदेशमंत्री ने इसी प्रकार युरोपीय संघ में विदेश नीतियों की प्रभावी " फेड्रीका मोगरेनी " के नाम अपने पत्र में मांग की है कि वह उनका पत्र जेसीपीओए कमीशन के सदस्यों तक पहुंचाएं और संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीकी प्नतिधिनि " निकी हेली" की आईएईए के मुख्यालय की यात्रा का मुद्दा कमीशन की अगली बैठक में उठाया जाए। (Q.A.)