ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करना असंभव
विदेश मंत्री ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, अपनी मिज़ाइल क्षमता को सीमित करने के बारे में पश्चिम की ओर से किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
न्यूज़वीक से बात करते हुए ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान का मीज़ाइल परीक्षण, जेसीपीओए के उल्लंघन के अर्थ में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण, केवल प्रतिरक्षा के उद्देश्य से है। जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों को परमाणु हथियारों के जाने के हिसाब से डिज़ाइन ही नहीं किया गया है। इसी बीच रोएटर ने दावा किया है कि ईरान, अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में वार्ता के लिए तैयार है। रोएटर के इस दावे के उत्तर में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने कहा है कि ईरान ने बारमबार घोषणा की है कि मिज़ाइल कार्यक्रम पर वार्ता नहीं की जायेगी और वह उसे, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 के विरुद्ध समझता है। जेेसीपीओए में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है और न ही इस बारे में ईरान से वार्ता करने के लिए कहा गया है। अब वर्तमान परिस्थितियों में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के बारे में अमरीका की ओर से वार्ता कराने के प्रयास केवल, अमरीका की हठधर्मी के अतिरिक्त कुछ और नहीं है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना सदैव ही अमरीका का उद्देश्य रहा है और इस बारे में ट्रम्प सरकार, खुलकर दुष्प्रचार कर रही है। उधर वाइट हाउस की प्रवक्ता सारा हुकाबी सैंडर्स ने शुक्रवार को कहा था कि ट्रम्प, ईरान के मिसाइल परीक्षण का जवाब जल्द ही देंगे। ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के फ़त्वे में स्पष्ट रूप में कहा गया है कि परमाणु बम बनाना हराम है। यही कारण है कि इस प्रकार के हथियार, ईरान की रक्षा नीति में शामिल नहीं हैं।
अब इस बात को अनदेखा करते हुए 15 अक्तूबर को जेसीपीओए के बारे में ट्रम्प सरकार क्या फ़ैसला करती है, ईरान हर प्रकार के विकल्प का मुक़ाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।