ट्रम्प विश्व में अकेले पड़ गए: ज़रीफ़
ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी युद्धोन्मोदी नीतियों के कारण अकेले पड़ गए हैं।
ज़रीफ़ ने अपने बयान में कहा है कि दुनिया को यह जान लेना चाहिए कि क्षेत्र में जो देश शांति और स्थिरता के लिए प्रयास कर रहा है और आतंकवादियों से पूरी दृढ़ता के साथ मुक़ाबला कर रहा है वह इस्लामी गणतंत्र ईरान है।
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने रविवार की रात दक्षिण आफ़्रिक़ा के दौरे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाने वाले यह जान लें कि जो देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रयास कर रहा है और जिसने आतंकवाद के ख़िलाफ़ असली लड़ाई लड़ी है वह इस्लामी गणतंत्र ईरान है।
ईरानी विदेशमंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन द्वारा रियाज़ यात्रा के दौरान ईरान विरोधी बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि परमाणु समझौते के संबंध में अमेरिका के निकटतम सहयोगी देश भी अब अमेरिका से दूर हो गए हैं और उन्होंने परमाणु समझौते का पालन न करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के ख़िलाफ़ अपना अलग स्टैंड ले लिया है।
उल्लेखनीय है कि रैक्स टिलरसन ने रियाज़ में सऊदी विदेशमंत्री आदिल अलजुबैर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वॉशिंगटन ईरान के ख़िलाफ़ ऐसे प्रतिबंध लगा रहा है कि जिनके कारण ईरान क्षेत्र में स्थिरता को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा सकेगा। टिलरसन ने रियाज़ में यह भी कहा था कि सऊदी अरब क्षेत्र में ईरान के बढ़ते प्रभाव से उसके लिए पैदा होने वाले ख़तरे के बारे अच्छी तरह जानता है और इसीलिए वह अमेरिकी नीतियों का समर्थन करता है।
यह भी पढ़ें: ट्रंप अलग- थलग पड़ गये हैंः विदेशमंत्री
इसी तरह अमरीकी विदेश मंत्री के उस बयान पर भी ईरानी विदेश मंत्री ने प्रतिक्रिया दी जिसमें टिलरसन ने कहा था कि इराक़ में दाइश के ख़िलाफ़ शिया मिलिशिया लड़ रहे हैं और अब उनका काम ख़त्म हो गया है इसलिए वे अपने वतन वापस चले जाएं। ज़रीफ़ ने टिलरसन से पूछा कि अमेरिका को यह बताना चाहिए कि इराक़ी स्वयंसेवी बल “हश्दुश शअबी” कि जिसने तकफ़ीरी आतंकवादी गुट से बड़ी बहादुरी से लड़ाई की है अब कौन से देश जाएं।
मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि मुझे इस बात पर अफ़सोस होता है कि अमेरिकी अधिकारी वर्षों से जिन ग़लतियों के कारण बार-बार अपमानित होते चले आ रहे हैं उन ग़लतियों को बार-बार दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिलरसन को यह जान लेना चाहिए के अगर आज ईरान, इराक़ और सीरिया में आतंकवादियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता के साथ मुक़ाबला न करता तो दाइश बग़दाद, दमिश्क़ और अरबील में जश्न मना रहा होता। (RZ)