सहयोग से संयुक्त उद्देश्यों को व्यवहारिक बनाया जा सकता हैः वरिष्ठ नेता
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सीरिया,  ईरान, रूस और प्रतिरोधक गुटों से मिलकर बना गठबंधन आतंकवाद से मुकाबले का वास्तविक मोर्चा है और इस मोर्चे ने सीरिया में व्यवहारिक रूप से अमेरिका, इस्राईल और उनके घटकों के षडयंत्रों को विफल बना दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ०२, २०१७ १७:३८ Asia/Kolkata

सीरिया,  ईरान, रूस और प्रतिरोधक गुटों से मिलकर बना गठबंधन आतंकवाद से मुकाबले का वास्तविक मोर्चा है और इस मोर्चे ने सीरिया में व्यवहारिक रूप से अमेरिका, इस्राईल और उनके घटकों के षडयंत्रों को विफल बना दिया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने पहली नवंबर को ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई से भेंटवार्ता की। इस भेंटवार्ता में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बल देकर कहा कि सीरिया में होने वाली सहकारिता के अच्छे अनुभव ने दर्शा दिया है कि संयुक्त उद्देश्यों को व्यवहारिक बनाया जा सकता है।

सीरिया में ईरान और रूस के मध्य होने वाली सहकारिता सार्थक है और उसके सकारात्मक परिणाम हैं। वर्ष 2015 में सीरिया में रूसी सैनिकों के प्रवेश और इस्लामी गणतंत्र ईरान की प्रभावी भूमिका ने सीरिया के सैनिक समीकरण को बदल दिया। तेहरान और मास्को के मध्य होने वाली रचनात्मक सहकारिता के परिणाम में आज सीरिया बहुत अच्छी स्थिति में हो गया है और आतंकवादी गुट दाइश की गतिविधियां सीरिया के पूर्व में स्थित दैरूज़्ज़ूर के एक भाग में सीमित हो गयी हैं।

सीरिया,  ईरान, रूस और प्रतिरोधक गुटों से मिलकर बना गठबंधन आतंकवाद से मुकाबले का वास्तविक मोर्चा है और इस मोर्चे ने सीरिया में व्यवहारिक रूप से अमेरिका, इस्राईल और उनके घटकों के षडयंत्रों को विफल बना दिया है।

हर कुछ समय पर इस्राईल सीरिया हमला करता- रहता है। इससे वह सीरिया के परिवर्तनों में अपनी उपस्थिति दर्शाने की चेष्टा में है परंतु वास्तविकता यह है कि ईरान और रूस के मध्य होने वाली रचनात्मक सहकारिता ने न केवल इस्राईल बल्कि अमेरिका और उसके घटकों को भी किनारे लगा दिया है।

रूसी मामलों के विशेषज्ञ शुएब बहमन ने ईरानी टेलीविज़न के साथ वार्ता में कहा कि रूसी राष्ट्रपति की तेहरान यात्रा का संदेश यह है कि ईरान और रूस के मध्य होने वाली सहकारिता सीरिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी रहेगी और यह सहकारिता आतंकवाद से मुकाबले के अलावा सीरिया में दूसरी समस्याओं के समाधान में भी जारी रहेगी।

ईरान और रूस के मध्य होने वाली सहकारिता ने अमेरिका की अगुवाई में बने तथाकथित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन को भी किनारे लगा दिया है।

बहरहाल पहली नवंबर को इस्लामी क्रांति वरिष्ठ के नेता से भेंट में रूसी राष्ट्रपति ने सीरिया की संप्रभुता और बश्शार असद की कानूनी सरकार के समर्थन को रूस की विदेश नीति बताया और कहा कि सीरिया में हर प्रकार के परिवर्तन को देश के भीतर से होना चाहिये। MM