आईएईए ने की फिर ईरान की प्रतिबद्धता की पुष्टि
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अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी ने पुनः इस बात की पुष्टि की है कि ईरान, जेसीपीओए के प्रति कटिबद्ध रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov १४, २०१७ ११:४० Asia/Kolkata
  • आईएईए ने की फिर ईरान की प्रतिबद्धता की पुष्टि

अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी ने पुनः इस बात की पुष्टि की है कि ईरान, जेसीपीओए के प्रति कटिबद्ध रहा है।

आईएईए की नई रिपोर्ट में यह बात बल देकर कही गई है कि परमाणु समग्र समझौते या जेसीपीओए के बारे में ईरान ने अपने वचनों का पालन किया है।  इस रिपोर्ट के अनुसार एेसी कोई निशानी नहीं मिली है जो यह सिद्ध करती हो कि तेहरान में इस बारे में किसी भी प्रकार का कोई उल्लघंन किया हो।  अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी की नवीं रिपोर्ट में पिछली रिपोर्ट की ही भांति जेसीपीओए के संदर्भ में ईरान की ओर से पूरी प्रतिबद्धता की बात कही गई है।

आईएईए की 13 नवंबर वाली नई रिपोर्ट में, ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के भीतर शोध के उद्देश्य से एक किलोवाॅट के छोटे रिएक्टर के निर्माण तथा आईएईए के महासचिव यूकियो अमानो की हालिया तेहरान यात्रा तथा तेहरान में ईरानी अधिकारियों से भेंटवार्ता का उल्लेख किया गया है।  वैसे तो आईएईए की पिछली रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई थी कि ईरान, जेसीपीओए के प्रति कटिबद्ध रहा है किंतु नई रिपोर्ट में ईरान की प्रतिबद्धता की पुष्टि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया कुछ सप्ताहों में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने जेसीपीओए को लेकर ईरान विरोधी कई बयान दिये हैं।  ट्रम्प ने अक्तूबर में बिना किसी दलील के यह एलान किया था कि परमाणु समझौते के बारे में ईरान की पाबंदी की वे पुष्ट नहीं कर सकते।  इसी आधार पर उन्होंने अमरीकी कांग्रेस से मांग की थी कि वह ईरान पर प्रतिबंध की समीक्षा करे।

अब जबकि परमाणु गतिविधियों की पुष्टि करने वाली एकमात्र अन्तर्राष्ट्रीय संस्था आईएईए ने कई बार अपनी रिपोर्टों में इस बात की पुष्ट कर दी है कि ईरान, जेसीपीओए के प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध रहा है, जेसीपीओए को अमरीका की ओर से विफल बनाने के प्रयासों को विफलता का मुंह देखना पड़ेगा।  अब अमरीकी कांग्रेस का नंबर है कि वह या तो इस बात को स्वीकार करे कि ईरान ने परमाणु समझौते जेसीपीओए का उल्लंघन नहीं किया है या फिर वाइट हाउस की भांति पुष्टि के समस्त अन्तरराष्ट्रीय प्रमाणों को अनदेखा करते हुए एक अन्तर्राष्ट्रीय समझौते का उल्लंघन करे।